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जून, 2019 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

Ek gandhiwadi Bail ki Gatha

जो लोग अभी तक मुझे बड़ा लेखक मानने से इनकार करते हैं, एक गांधीवादी बैल की कथा उनकी उदासीनता को मैं क्या कहूं!वैसे अगर वह मुझे बड़ा लेखक मान लेते तो उनका एक भी पैसा खर्च ना होगा और मैं मुफ्त में बड़ा लेखक हो जाऊंगा। जो भी हो, मैंने अपना ढांचा बड़े लेखक का बना लिया है। सिर में ब्राह्मी का तेल लगाता हूं और टैगोर की तरह दाढ़ी बढ़ा रहा हूं। दरवाजे पर एक पहरेदार रख लिया है, जो लोगों को मेरे पास आने से रोकता है, कहता है कि जरा साहब की दाढ़ी बढ़ जाने दीजिए, तब आइएगा। एक दिन दरबार आकर बोला, हुजूर एक गाय साहब आए हुए हैं। कहते हैं कि आप से मिलना बड़ा जरूरी है। मैंने कहा, "गाय आई हुई है, क्यों आई हुई है ? कहां से आई है? उसने कहा, जरूरी मुलाकात के लिए आई हुई है। यह ताज्जुब है कि किसी लेखक से मिलने के लिए कोई गाय आई । खैर गाय आई है, तो मिल लेते हैं। लेकिन गाय जी को बिठाई कहां ? यहां मनुष्य के लिए कुर्सी का अभाव है, गाय के लिए कुर्सी कहां से लाएं। सोचा कि चलो, बाहर ही खड़े खड़े बात कर लूंगा और धन्यवाद देकर विदा कर दूंगा। बाहर निकला तो देखा कि गाय नहीं, मिलन

Ek kamandal Tayarta rah Gaya

एक जिज्ञासु व्यक्ति की मुलाकात एक ज्ञानी व्यक्ति से हुई। उसने ज्ञानी से पूछा,जब सभी इंसानों की बनावट एक जैसी है तो फिर उसमें से कुछ लोग पतन के गर्त में गिर कर क्यों डूब जाते हैं? ज्ञानी ने जिज्ञासु व्यक्ति को दूसरे दिन तालाब के किनारे आने के लिए कहा। तय किए गए समय पर दोनों तालाब पहुंचे। ज्ञानी के पास तो कमंडल थे।उनमें से एक कमंडल बिल्कुल ठीक था और दूसरा के ताले में छेद था। उसने दोनों कमंडलो को उस जिज्ञासु व्यक्ति को दिखाया। ज्ञानी व्यक्ति ने तले वाले कमंडल को पानी में फेंक दिया। वह तैरता रहा। इसके बाद उसने बिना तले वाले कमंडल को पानी में फेंक दिया। देखते ही देखते उसमें पानी भर गया और वह डूब गया। ज्ञानी ने जिज्ञासु से प्रश्न किया कि क्या तुम बता सकते हो कि दोनों कमंडलों की भिन्न-भिन्न परिणति का क्या कारण है ? जिज्ञासु ने सहज भाव से उत्तर दिया कि उसके तले में छेद था, वह डूब गया और जिसका तल मजबूत था, वह तैरता रहा। ज्ञानी ने कहा कि ठीक इसी तरह इंसानों में असंयम के दोष होते हैं। बाहर की दुष्पवृतियां आकर उन्हें डुबो देती है।कहने का आशय यह है कि अपने व्यक्तिगत दु

Zindagi mein bharam jab main army se retair hua Hindi story

मैं फौज से रिटायर हुआ तो मुझे भी ज्यादा खुशी थी मेरी बेटियां। मुझसे भी बड़ी खुशी थी कि अब बच्चों के नजदीक रहने का मौका मिलेगा। उनकी खुशियों में मैं हंसते खेलते शामिल था। हमारा एक प्रोटीन था कि हम रात में जब शहर में भीड़ कम हो जाती है, तो बाइक से एक चक्कर लगाते थे। आइसक्रीम खाते और ठंडी हवा खाते वापस आ जाते। आइसक्रीम वाला वह हमें देखता तो मुस्कुरा देता। हम आपस में चर्चा करते की आइसक्रीम वाला हमें बहुत पसंद करता है। यह सिलसिला चलते 2 साल हो गए। अब लगने लगा कि हम उसके बहुत खास हो गए हैं। एक शाम हमें देर हो गई। लगभग 10:00 बज गए थे। हमने सोचा आइसक्रीम वाला चला गया होगा। लेकिन हवा खोरी के बहाने घूमने निकल गए। आइसक्रीम वाला भी जाने की तैयारी कर रहा था। तभी हम पहुंच गए। उसने मुस्कुराकर नमस्ते किया। बोला, भैया आज लेट! मैंने कहा, हूं। उसने आइसक्रीम बढ़ा दी। हम रेपर खोलकर वही खाने लगे। वह बोला, भैया, बहुत दिनों से एक बात पूछना चाहता था।मैं समझ गया जरूर मेरे काम काज की इतिहास भूगोल के बारे में पूछेगा। मैंने कहा पूछो। वह बोला, कितने बच्चे हैं आपके? मैंने कहा, यह दोनों है।

Yeah bangale par daag Nahin balki Ek aisi nishani hai Hindi story

छत पर रखा कमला बहुत पुराना हो गया था । उसमें लगा पौधा भी देखने में काफी पुराना था। जितना पुराना गमला था उतना पुराना ही वह दोनों सा दिखने वाला पौधा भी। रोहन उस गमले को बहुत संभालकर रखता था। वह उस पौधे को भी इतना प्यार देता था जितना कि गमले को। एक बार वह पुराना कमला एक जगह से हल्का सा टूट गया, तो रोहन ने उसे तारों से बांध दिया, ताकि कमला टूट कर बिखर नहीं। तभी अचानक रोम के कुछ मित्र घर आए और वह उसे देखकर छत पर चले गए। उनमें से एक दोस्त ने पुराने गम ने की जर्जर स्थिति देकर कहा, यार रोहन तुम तो बहुत कंजूस । बाप इतना बड़ा गमला बना गया तेरे लिए और तू उस गमले को खंडहर बनाने पर तुला है। क्यों, क्या कंजूसी दिखा दी मैंने? रोहन ने से तपते हुए पूछा। उस दोस्त ने कहा तुम्हारी छत पर रखे इस पुराने मेले से गमले को देखता हूं तो लगता है कि इस आलीशान बंगला में या कोई दाग लगा हो। यह सुनकर रोहन ने जवाब दिया यह बंगले पर दाग नहीं बल्कि एक ऐसी निशानी है जिसको देख कर मेरा उदास चेहरा खिल उठता है। कैसी निशानी ? एक और दोस्त ने आश्चर्य से पूछा। यह मेरे पापा मम्मी की निशानी है। मुझे अच्छी त

New Hindi jokes

१)पत्नियां अपने पति को इतना सताती है। उतना ही पत्नियों को कामवाली बाई या सताती हैं सब कार्मों का फल है। 1)Patniya Apne pati ko itna satati hai Utna hi patniyon ko kam wale bhai satati hai. Sab karmo Ka fal hai. २)क्या जमाना आ गया है, लड़कों पर फिल्म बनी एक था टाइगर। लड़कियों पर फिल्म बनी एक थी डायन । 2)Kya jamana aa gaya hai, ladko par film Bani Ek tha Tiger. Ladkiyon par film Bani Ek thi daayan. ३)बड़ी खोजबीन के बाद अब कहीं जाकर एडमिन का हिंदी नाम मिला 'झुंड नियंत्रक' और सेल्फी का भी नया हिंदी नाम मिल गया है। 'खुदखेचू' व्हाट्सएप का हिंदी शब्द 'जन धन निशुल्क गपशप योजना' 3)Badi khoj bhigne ke bad ab kahin jakar 'admin' ka Hindi naam Mila jhund niyantrak. Aur selfie ka bhi naya Hindi na mil Gaya hai 'khud khechu' WhatsApp ka Hindi shabd 'Jan dhan nishulk gup shap yojana' एक भारत रत्न उन लड़कियों को भी देना चाहिए, जो शैंपू खत्म हो जाने पर उसमें पानी मिलाकर 3 से 4 दिन और चला लेती हैं।

Ek durasha Hindi story

नारंगी के रस में जाफरानी बसंती बूटी जानकर शिव शंभू शर्मा खटिया पर पड़े आनंद ले रहे थे। ख्याली घोड़े की लगाम ढीली कर दी थी। वहां मनमानी जकंदे भर रहा था। हाथ पांवों को भी स्वाधीनता दी गई थी। वह खटिया के तूल अरज की सीमा उल्लंघन करके इधर उधर निकल गए थे। कुछ देर इसी प्रकार शर्मा जी का शरीर खटिया पर पड़ा था और ख्याल दूसरी दुनिया में। अचानक एक गाने की सुरीली आवाज ने चौका दिया। कनरसिया शिव प्रभु खटिया पर उठ बैठे। कान लगाकर सुनने लगे। कमरे से निकल बरामदे में खड़े हुए। मालूम हुआ कि पड़ोस में महफिल हो रही है। कोई सुरीली लय होली गा रहा है। साथ ही देखा बादल घिरे हुए हैं, बिजली चमक रही है, रिमझिम झड़ी लगी हुई है, वसंत में सामान देखकर अकल जरा चक्कर में पड़ी। विचार करने लगे कि गाने वाले को मल्हार गाना चाहिए था, न की होली। साथ ही ख्याल आया कि फागुन सुदी है, वसंत के विकास का समय है, वह होली क्यों ना गाए ? इसमें तो गाने वाले की नहीं विधि की भूल है जिसने वसंत में सावन बना दिया है। कहां तो चांदनी छिटकी होती, निर्मल वायु बहती, कोयल की कुक सुनाई देती । कहां भादो सा अंधियारा ह

Annpurna gaon pahunch te hi wahan ki aabo hawa Hawi hone lagi

वस्तु विनिमय का दौर था। गर्मियों की छुट्टियों में दादा दादी की गांव जाना जरूरी होता था। पापा का कहना था कि अन्य धन देने वाली जन्मभूमि और अन्नपूर्णा मां के दर्शन, वंदन और चरण स्पर्श आजीवन करते रहना चाहिए। हम जैसे ही गांव पहुंचे, वहां की आबो हवा हम पर हावी होने लगी थी। मस्त मस्त पुरवा के झोके, चाचा जी का हम बालकों को खेतों में घुमाना, खलिहान में गेहूं की पकी बालियों से गेहूं के दाने निकालना, फिर से सुपो में भर भरकर फटककर भूसे (सूखा चारा) और गेहूं को अलग अलग करते हुए देखना, सरसों ताई की दुकान से गेहूं के बदले दाल, सेव और संतरी टोफी खाना नहर में देर तलक नहाना बस मजा आ जाता। आज मेरे चचेरे भैया को किसी कोर्स के लिए अपनी फीस जमा कराने शहर जाना था। चाचा जी ने फीस के ₹5 देकर ताकीद किया था संभाल कर रखना। जाने कैसे वह पैसे खो गएं और भैया बेहद दुखी थे। ले सोहन मेरे पास ₹2 तो है। अरे भाई पूरे पैसे दूंगा तभी काम होगा चलो रास्ते में कर्मों ताऊ जी के खलिहान होकर चलेंगे। तुम्हें मस्करी सोच रही है मेरी तो जान निकल रही है बाबा खूब मारेंगे आज तो। मैंने खलिहान की और साइकिल घुमा

Tum har baat par chutkula

१)पति : तुम हर बात पर हमेशा मेरा मेरा कहती हो, तुम्हें हमारा कहना चाहिए। पत्नी : कुछ ढूंढ रही होती है अलमारी में । पति : क्या ढूंढ रही हो ? पत्नी : हमारा पेटिकोट 藍 २) पत्नी (गुस्से में) : मैं घर छोड़ कर जा रही हूं। पति (गुस्से में) : हां जान छोड़ो अब। पत्नी : बस आपकी यही 'जान' कहने की आदत ना हमेशा मुझे रोक लेती है। ३) वर्मा जी वकील से : मुझे अपनी पत्नी से तलाक चाहिए, वह पिछले कुछ महीने से मुझसे बात नहीं कर रही है। वकील : एक बार अच्छी तरह से सोच लो, ऐसी पत्नी बार-बार नहीं मिलती ।藍 ४) सोनू : मेरे साथ धोखा हुआ है ।      मोनू :क्या हो गया ?     सोनू : किसी ने मुझसे कहा कि पेड़ से हमें शीतल छाया मिलती है    मोनू : हां तो यह तो सही है न ।   सोनू : अरे 3 दिन से पेड़ के नीचे ठंडे में बैठा हूं ना शीतल आई ना छाया 藍 1) Pati : Tum har baat par hamesha mera mera Kahti ho, tumhe hamara kehna chahie Patni : kuch dhoond rahi Hoti hai almari mein Pati : kya dhoond rahi ho ? Patni : hamara petticoat . 2) Patni : (gusse mein) ma

Hindi shayari iss saal ki chuttiyon Ka plan hindishayarih.in

१) एक दोस्त: इस साल छुट्टियों का क्या प्लान है? दूसरा दोस्त: कुछ खास नहीं, पिछले साल यूरोप नहीं गए थे इस साल अमेरिका नहीं जाएंगे। २) एक लड़की को अनजान नंबर से फोन आया। लड़का -  हेलो! लड़की - कौन हो तुम? लड़का - मेरी बात तो सुनो ! लड़की - मुझे कुछ नहीं सुनना, मैं शादीशुदा हूं और मेरे पास बहुत अच्छा पति है! लड़का - वह पति मेरे पास है! मैं थाने से बोल रहा हूं। अपने पति को ले जाओ, लड़की छेड़ता पकड़ा गया है। 藍 ३) पति पेप्सी को सामने रखकर दास बैठा था। पत्नी आई और पेप्सी पी गई और बोली आज आप उदास क्यों हैं? पति : आज तो दिन ही खराब है। सुबह तुमसे झगड़ा हो गया, रास्ते में कार खराब हो गई। ऑफिस लेट पहुंचा, बॉस ने नौकरी से निकाल दिया। अब सुसाइड करने के लिए पेप्सी में जहर मिलाया था, वह भी तो पी गई। 藍 ४) टीचर: चलो बताओ 4 और 4 कितने होते हैं? रामू : 10 होते हैं...... टीचर : 8 होते हैं ..... नालायक रामू : मैं बहुत दिलदार घर से हूं, दो मैंने अपने खुद से भी डाले हैं। 藍 1)Ek dost : is saal chuttiyon ka kya plan hai ? Dusra dost : Kuch khaas Nahin, pich

Hindi story Ahankaar hindishayarih.in

वह आने जाने का एक आम रास्ता था, जिस पर सब लोग आते जाते थे। उस रास्ते में एक बहुत बड़ा पेड़ था, जो वर्षों से शोभा पा रहा था।उसकी एक डाली को शरारत सूझी और वह रास्ते की तरफ बढ़ने लगी। कुछ ही दिनों में उसने रास्ते पर अपनी बाहें फैला ली। सभी राहगीर डाली से झुककर जाने लगे।डाली बहुत प्रसन्न होती थी कि मेरे सामने सब झुकते हैं। लेकिन एक दिन उस रास्ते से भीमा गुजर रहा था। भीमा ताकतवर था वह किसी के सामने झुकता नहीं था। भीमा ने कहा डाली तुम मेरे रास्ते से हट जाओ। डाली बोली नहीं मैं नहीं आऊंगी। तुम्हें इस रास्ते से जाना है तो झुककर जाओ। भीमा ने कहा मैं किसी के सामने झुकता नहीं हूं। डाली बोली ठीक है तो फिर जाओ धीमा अपनी ऐंठ में सीधे चलने लगा और डाली से उसका सिर टकरा गया। भीमा बुरी तरह घायल हो गया। भीमा को गुस्सा आया और उसने डाली को दोनों हाथों से पकड़ा और खींच लिया । डाली पेड़ से टूट गई। भीमा ने उसे रास्ते से अलग फेंक दिया। भीमा घायल था, इसीलिए वह भी गिर पड़ा। तभी वहां से गुजर रहे कुछ राहगीरों ने घायल भी को देखा और उसका उपचार करने लगे। सभी बहुत खुश थे, क्योंकि उस ड

Stree strotam Hindi story

इस पूजा में अश्रु जल ही पा‌ध है, दीर्घ वास ही अर्ध्य है, आश्वासन है आचमन है मधुर भाषण ही मधुपर्क है, सुवर्णालंकार ही पुष्प है, दर ही धूप है, दीपक ही, चुप रहना ही चंदन है और बनारसी साड़ी ही बिल्वपत्र है, आयु रूपी आंगन में सौंदर्य तृष्णा रूपी खूंटा है । देविका सुहागी खबर है और प्रीति ही तलवार है, प्रत्येक शनिवार की रात्रि इसमें अष्टमी है और पुरोहित यौवन है। परदादी उपचार करके होम के समय यौवन पुरोहित उपासक के प्राण समिधाओं में मोहाग्नि लगाकर सर्व नाश तंत्र में मंत्रों से आहुति दे मानव खंड के लिए निद्रा स्वहा    बात मानने के लिए मां-बाप का बंधन सुहाग स्वास्थ्य अलंकार दिन के लिए यथा सर्वस्व मन प्रसन्न करने के लिए यहां लोक परलोक स्वाहा इत्यादि होम के अंतर हाथ जोड़ कर स्थिति करें स्त्री देवी संसार रूपी आकाश में तुम गुब्बारा हो क्योंकि बात बात में आकाश में चढ़ा देती हो व्हाट्सएप धक्का दे देती हो तब समुद्र में डूबा ना पड़ता है अथवा पर्वत शिखरो पर हाड़ चूर्ण हो जाते हैं जीवन के मार्ग में तुम रेलगाड़ी हो जिस शब्द रचना रूपी इंजन तेज करती हो एक घड़ी भर में 14 भुवन दिखला देती हो।

Garmi ki chuttiyan ekdum se khatam ho gayi 

Garmi ki chuttiyan ekdum se khatam ho gayi  म्योप मुर्गी खाने से सूअरों के बाड़े तक, और वहां से धोएं वाले कमरे में चुदाती हुई चली गई उसको लगा उसने सुहाने दिन उसने पहले कभी नहीं देखें। उत्सुकता भरी हवा चारों और पसरी हुई थी जो उसकी नाक में रह-रहकर चिकोटि कर रही थी। मक्का, कपास, मूंगफली, और स्क्वांश की फसल बच्चों की थी और हर रोज इसके साथ जुड़ा हुआ नया तजुर्बा उसको खूब उत्साहित कर रहा था। इस अनूठे आनंद से उसका शरीर सिहर जाता। म्योप के हाथ में एक छोटी सी गोल हाथ वाली घड़ी थी, जो चूजा उसको लुभाता हौले से उसके ऊपर वह छड़ी का सिरा रख देती और सुअरों के बाड़े के घेरे के इर्द गिर्द अपनी पसंद के एक गाने की धुन गुनगुनाते हुए घूम रही थी। धूप की तपिश में वह खुश और हल्का महसूस कर रही थी। वह टीवी तो महज 10 साल की और उसके लिए उसका गीत और सांवली हथेली में थामी हुई छड़ी सरीखे साजो सामान के शिवा भला किस और चीज का महत्व था। म्योप वहां अपने केबिन से धीरे-धीरे आगे बढ़ती हुई आहतें के तार लगे बाढ़ तक आई, तो सामने हाल की बरसात में बन गए एक नाले पर उसकी नजर पड़ी। इस नाले से ही उसके घर का पीने का पा