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kathirikai kuzhambu baigan ki tikhi Karee( कतरीकाय कारै कोजुम्बू )

आमतौर पर तमिलनाडु के लोग अपने लंच के लिए कोजुम्बू व्यंजनों की विभिन्न किस्मों को बनाना पसंद करते हैं ‌। कई घरों में हफ्ते में कम से कम 7 किस्म के कोजुम्बू बनाए जाते हैं। इनमें से एक है, बैगन से तैयार कोजुम्बू, जिसका अलग ही स्वाद होता है। और हां, इसे बनाना भी आसान है कतरीकाय कारै कोजुम्बू , यह मेरे पिता की बैचलर स्टाइल रेसिपी है। जब मैं छोटी थी, मेरी पिता काम के सिलसिले में 2 साल के लिए मुंबई में थे। वह अपने कुछ दोस्तों के साथ वहां बैचलर रूम में रहते थे। उसी दौरान उन्होंने अपने दोस्तों से कुछ सरल व्यंजनों को सीखो और खाना बनाना शुरू किया। जब भी वह छुट्टियों में घर आते, हमारे लिए पसंद का खाना जरूर बनाते। मैं और मेरी बहन अप्पा की कुकिंग को ज्यादा पसंद करते थे, क्योंकि मम्मी की रूटीन खाने से छुटकारा मिल जाता था, कुछ अलग खाने को मिलता था। मेरे अप्पा रसम और कारै कोजुम्बू बहुत अच्छे बनाते थे। यह सुबह की व्यस्तता के बीच बहुत जल्दी तैयार होने वाली आसान रेसिपी है। सबसे अच्छी बात यह है कि इसके लिए आपको कुछ भी अलग से पीसने की जरूरत नहीं है, इसलिए मैंने इस

Kar bhala to ho bhala Hindi story

एक बार चींटी अपनी प्यास बुझाने के लिए एक नदी के पास पहुंची, लेकिन पानी पीने के लिए वह सीधे नदी में नहीं जा सकती थी, इसीलिए वह एक छोटे से पत्थर के ऊपर चल गई। जैसे ही उसने पानी पीने की कोशिश की, वह नदी में जा गिरी। उस सी नदी के किनारे एक पेड़ था, जिसकी टहनी पर एक कबूतर बैठा था। उसने चींटी को पानी में गिरते हुए देख लिया। कबूतर ने चींटी को बचाने की कोशिश की। कबूतर ने तेजी से पेड़ से एक पत्ता तोड़कर नदी मैं चींटी के पास फेंक दिया। चींटी उस पत्ते पर चल गई। थोड़ी देर बाद, पता करता हुआ नदी के किनारे आ गई चींटी ने पते पर से छलांग लगाई और नीचे उतर गई। चींटी ने कबूतर को उसकी जान बचाने के लिए धन्यवाद किया। इस घटना के कुछ दिनों बाद, एक दिन एक शिकारी उस नदी के किनारे पहुंचा और कबूतर के घोंसले के नजदीक ही उसने जान लगा दिया और उसमें दाने डाल कर छिप गया। कबूतर ने जैसे ही दाना देखा वह उसे खाने के लिए नीचे आ गया और जाल में फस गया। शिकारी ने तेजी से दौड़ कर कबूतर का जाल पकड़ा और लेकर जाने लगा। चींटी वहीं पास मैं भी सब होते देख रही थी। चींटी ने कबूतर की जान बचाने की सोची और उसने जा