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Vipin,ladki or der Hindi story

विपिन 14 साल का था, जब एक ऐसे में उसका मुंह पर हाथ जल गया था। उसकी कई सर्जरी हुई, पर चेहरा पहले जैसा नहीं हो सका। उसके हाथों की उंगलियों भी काटनी पड़ी। जिससे हाथ भयावह दिखने लगे।

जो भी उसे देखता, वह डर जाता था। विपिन 19 साल का हो गया था। उसके पास एक छोटा सा कुत्ता था। विपिन जब भी उसे टहला निकलता था, तो डरा सहमा सा रहता था। वह खुद वाली जैकेट पहन कर निकलता और बाहर कदम रखते ही चेहरा ढक लेता।

एक दिन जब वह कुत्ते को टहला कर घर पहुंचा, तो एक छोटी सी लड़की दरवाजे पर खड़ी थी। पहले तो वहां विपिन को देखकर डर गई। फिर बड़ी मासूमियत से पूछा, मैं आपके पड़ोस में नहीं आई हूं।

क्या मैं आपके कुत्ते के साथ खेल सकती हूं ? विपिन ने हां में सिर हिलाया और अंदर चला गया। अंदर जाकर उसने अपना हुड उतार दिया। लड़की विपिन का चेहरा देख रही थी।विपिन को लगा कि आप वह लड़की कभी मुझसे बात नहीं करेगी। पर लड़की बोली, वाह आप कितने सुंदर हैं।

एकदम चमकती खाल है आपकी। आप इसलिए हुड वाली जैकेट पहनते हैं ना, ताकि लोग आपकी सुंदरता ना देख ले।कुछ ही दिनों में वह छोटी सी बच्ची विपिन की सबसे अच्छी दोस्त बन गई। 1 दिन लड़की ने विपिन के सामने एक अनोखी ख्वाहिश रखी।

वह बोली, आज मेरा जन्मदिन है। क्या आज आप बिना हुड के मेरे दोस्त से मिलने चलेंगे ? उसका मन रखने के लिए विपिन ने कहा तो कर दिया, पर वह पछता रह था । लेकिन वह दिन बहुत अच्छा गुजारा और उस लड़की की दोस्तों से अच्छी दोस्ती हो गई।


विपिन को यह एहसास हुआ कि जिस डर की वजह से वह हुड में छिप जाता था वह उसके बाहर नहीं, उसके अंदर छिपा था।

अपने भीतर के डर को निकाल दे तो बाहर के डर खुद गायब हो जाएंगे।

एक लड़की की कहानी,जिसने विपिन को एहसास दिल आया कि शरीर कुरूप होने से जीवन खत्म हो जाता।

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