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Dabangg 3 Review: सलमान खान के लिए बजी खतरे की घंटी, देखिए रिव्यू में मिले कितने स्टार


Dabangg 3 Review
Dabangg 3 Review

कलाकार: सलमान खान, सोनाक्षी सिन्हा, सई मांजरेकर, अरबाज खान और किच्चा सुदीप
निर्देशक: प्रभु देवा
निर्माता: सलमान खान, अरबाज खान आदि।


26 साल पहले सलमान खान के प्रशंसक जब उनकी फिल्म चंद्रमुखी देखने पहुंचे तो फिल्म के क्रेडिट्स में उनका नाम बतौर लेखक देखकर चौंके। लेकिन, पिता सलीम खान जैसे मशहूर लेखक हों तो बेटा कुछ न कुछ तो विरासत में पा ही जाता है। नौ साल पहले अनुराग कश्यप के भाई अभिनव एक कहानी लेकर अरबाज खान को हीरो बनाने पहुंचे तो इस कहानी पर दिल सलमान का आ गया और बनी पहली दबंग। अभिनव अब मुंबई में भगवा ब्रिगेड के प्रचारक हैं। सलमान दबंग 3 के लेखक और खुद से 32 साल छोटी सई मांजरेकर के हीरो हैं।


चंद्रमुखी ने ही सलमान और प्रभुदेवा का पहली बार मेलजोल कराया। तब से दोनों अलग अलग राहें चलते हुए फिल्म वांटेड में निर्देशक और अभिनेता के रूप में मिले। सलमान को अपना हर निर्देशक ‘यस सर’ बोलने वाला ही अब चाहिए। क्योंकि, फिल्म कैसी भी बने, चले ना चले, सलमान का बैंक बैलेंस बढ़ा ही जाती है। दबंग 3 भी रेस 3 और भारत कैटेगरी की ही फिल्म है जिसमें शुरू से लेकर आखिर तक बस सलमान हैं।



फिल्म की कहानी में कहानी जैसा ऐसा कुछ नहीं है जिसे लिखने के लिए दिलीप शुक्ला के बाद आलोक उपाध्याय से लेकर प्रभुदेवा और सलमान को खुद लगना पड़ा हो। धाकड़ के चुलबुल पांडे बनने की कहानी कहती फिल्म दबंग 3 की पटकथा में कई सारे झोल हैं, लेकिन परदे पर सलमान के ग्रीस से चमकते बदन को देखने के आदी प्रशंसकों को इससे कोई लेना देना नहीं है। अकेले दर्जनों गुंडों को धराशायी करते सलमान उनको भाते रहे हैं। कहानी उनको शुरू से आखिर तक पहले से पता होती है, बस वो इंतजार करते हैं कि कब सलमान शर्ट उतारें और वो सीटी मारें।


तो इस सीटीमार पब्लिक की पसंद के आगे सब फेल है। फिल्म की लंबाई आपको एकाध नींद की झपकी दे सकती है। बेसिर पैर के गाने आपको लघुशंका का बड़ा मौका दे सकते हैं और दो दो हीरोइन होने के बाद भी फिल्म आपको सिर खुजाकर ये सोचने पर मजबूर कर सकती है कि आखिर दो मर्दों के चुंबन का दृश्य लेखकों की फौज में से किसके दिमाग की उपज है? मोटापे को लेकर कसा गया तंज भी महिलाओं के गले नहीं उतरने वाला। सलमान भी मानते हैं कि सुपरहीरो की जरूरत भारतीय सिनेमा को नहीं है। मतलब ये कि यहां का हीरो किसी हल्क से कम नहीं है। दिखते भी अब वह परदे पर वैसे ही हैं।


53 साल का हीरो, 21 साल की हीरोइन और एक ताबड़तोड़ टाइप का विलेन। दबंग 3 की ये गिनती की तीन कड़ियां हैं और इनमें सबसे ज्यादा असरदार काम अगर किसी का है तो वो हैं किच्चा सुदीप। कन्नड़ सिनेमा में नाम कमाने के बाद रामगोपाल वर्मा की 11 साल पहले आई फिल्म फूंक से हिंदी सिनेमा में हीरो बनने आए किच्चा को नियति ने सलमान खान के सामने विलेन बनाया। वह मेहनत से किस्मत बदलने वाले खिलाड़ियों में अव्वल दिखे हैं।


इतने सबके बाद याद ये भी आया कि फिल्म का एक निर्देशक भी है। वैसे तो फिल्म की कहानी लिखने, एक्टिंग करने, गाना गाने से लेकर फिल्म बनाने तक का सारा काम वन एंड ओनली सलमान खान ही कर रहे हैं, पर कहने को प्रभुदेवा भी हैं। क्यों हैं, वह ही जानें।


देश के हालात जैसे हैं, वैसे में तो जितने ज्यादा से ज्यादा लोग शुक्रवार को सिनेमाघरों के भीतर रहें वही शांति के लिए अच्छा है और सलमान की फिल्म की पहले दिन की ओपनिंग के लिए भी। लेकिन, फिल्म देखकर लगता यही है कि सलमान को भी अब शाहरुख खान की तरह एक लंबे ब्रेक की वाकई जरूरत है। अमिताभ बच्चन को दर्शकों ने बतौर हीरो फिल्म गंगा जमना सरस्वती से नकारना शुरू किया था, तब वो 46 साल के थे, सलमान उस लिहाज से सात साल और पा चुके हैं। अमर उजाला मूवी रिव्यू में फिल्म दबंग 3 को मिलते हैं दो स्टार।

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