16 Easy Beauty Tips for Improving Physical and Remove Body Spots Naturally Health - hindishayari Healthy सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

16 Easy Beauty Tips for Improving Physical and Remove Body Spots Naturally Health - hindishayari Healthy

यदि आपका घाव ताज़ा है तो इन उपचारों को अपनाने से पहले अपने घाव को अच्छी तरह धो डालें




 16 Easy Beauty Tips यदि आपका घाव ताज़ा है तो इन उपचारों को अपनाने से पहले अपने घाव को अच्छी तरह धो डालें. यहां शरीर के दाग धब्बों को हटाने के लिए 10 प्राकृतिक मास्क बताए गए हैं.
यहां दाग धब्बों को कम करने के लिए जिन प्राकृतिक मास्क की सूची दी गयी है वो कनेक्टिव टिशु देकर स्वयं को सुधारने के लिए ताकत प्रदान करती है. घाव, काटना, जलना आदि से लेकर मुंहासों तक की त्वचा की सारी समस्याओं के उपचार में ये होम मेड मास्क उपयोगी हैं.

नीम
यह दाग धब्बों को हल्का करने के लिए एक विश्वसनीय तरीका है. नीम में एंटीफंगल और एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं जो किसी भी प्रकार की जलन को कम करते हैं और दाग धब्बों को हल्का बनाते हैं. क्या करें नीम की कुछ पत्तियों को पीसकर पानी की सहायता से पेस्ट बनायें. इस पेस्ट को दाग वाली जगह पर लगायें. इसे 30 मिनिट तक लगा रहने दें. इसके बाद इसे धो दें तथा थपथपा कर सुखा दें. ऐसा प्रतिदिन करें.

टमाटर
टमाटर में लाइकोपिन और एंटीऑक्सीडेंटस होते हैं जो त्वचा को चिकना बनांते हैं, मृत कोशिकाओं को निकालते हैं तथा स्वच्छ त्वचा को बाहर लाते हैं.

क्या करें
पके हुए टमाटर का एक पतला टुकड़ा काटें. इसे प्रभावित जगह पर लगायें. इसे ऐसे ही सूखने दें. जब आपकी त्वचा में खिंचाव महसूस होने लगे तब इसे पानी से धो डालें. इसे प्रतिदिन सुबह के समय करें.


16 Easy Beauty Tips

रोजमेरी ऑइल
रोजमेरी ऑइल में एंटीबैक्टीरियल, एंटीफंगल और एंटीसेप्टिक गुण होते हैं जो गहरे दाग धब्बों को भी हल्का कर देते हैं.

क्या करें
प्रतिदिन सुबह 15 मिनिट तक ऑर्गेनिक रोज़मेरी ऑइल से त्वचा की मालिश करें. इसे धोएं नहीं. रोजमेरी हल्का तेल होता है जो आसानी से त्वचा में सोख लिया जाता है तथा यह अपने पीछे गुलाब की खुशबू छोड़ जाता है.

हल्दी
हल्दी में एंटीऑक्सीडेंटस होते हैं जो त्वचा की परतों में अंदर तक जाते हैं, कनेक्टिव टिशूज को सुधारते हैं तथा दाग धब्बों को कम करते हैं.

क्या करें
एक चम्मच हल्दी में समान मात्रा में कच्चा दूध मिलाएं. इस पेस्ट को धब्बों पर लगायें. इसे 20 मिनिट तक लगा रहने दें तथा बाद में धो डालें. दाग धब्बों को दूर करने के लिए इसे दिन में दो बार दोहरायें.

दही
दही में उपस्थित लेक्टिक एसिड त्वचा को मुलायम बनाता है, जलन को कम करता है तथा दाग धब्बों को हल्का करता है.

क्या करें
एक चम्मच दही में एक चुटकी हल्दी मिलाएं. इसे प्रभावित जगह पर लगायें. इसे 20 मिनिट तक लगा रहने दें तथा उसके बाद धो डालें. इसके बाद त्वचा पर थोड़ा नारियल का तेल लगायें.

16 Easy Beauty Tips
एलो वीरा
एलोवीरा एक प्राकृतिक शीतक है जो क्षतिग्रस्त त्वचा को सुधारते हैं तथा त्वचा के नए ऊतकों के निर्माण में सहायक होते हैं.

क्या करें
एक कटोरे में एलोवीरा जैल लें. इसे दाग पर लगायें तथा 5 मिनिट तक मालिश करें. इसे तब तक लगा रहने दें जब तक यह सूख न जाए. इसे ठंडे पानी से धो डालें. दाग धब्बों में परिणाम दिखाई देने के लिए इसे दिन में दो बार लगायें.

जैतून का तेल 
जैतून के तेल में विटामिन ई और एंटी ऑक्सीडेंटस प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं. ऑलिव ऑइल त्वचा को हाईड्रेट रखता है जो त्वचा में सुधार की प्रक्रिया को तीव्र करता है.

क्या करें
प्रभावित जगह पर ऑलिव ऑइल से मसाज करें. त्वचा को इस पोषक तत्व को अवशोषित करने दें.

फिश ऑइल
फिश ऑइल में ओमेगा-3 फैटी एसिड होते हैं जो त्वचा के पुन:निर्माण और घाव भरने में सहायक होते हैं. चाहे आप इसे त्वचा पर लगायें या आवश्यकतानुसार इसका उपयोग करें दोनों ही स्थितियों में इसका प्रभावी असर दिखता है.

अंडे की सफेदी
अंडे प्रोटीन का एक अच्छा स्त्रोत है तथा इसमें त्वचा के लिए उपयोगी एलबुमिन पाया जाता है जो दाग धब्बों में बहुत प्रभावकारी है.

क्या करें
रुई के फाहे को अंडे की सफेदी में डुबायें तथा इसे धीरे धीरे दाग पर लगायें. इसे टब तक लगा रहने दें जब तक त्वचा खिंचने न लगे. उसके बाद धोकर साफ कर लें. प्रभावी प्रभाव देखने के लिए इसे सप्ताह में तीन बार अपनाएं.

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

एक दिन अचानक हिंदी कहानी, Hindi Kahani Ek Din Achanak

एक दिन अचानक दीदी के पत्र ने सारे राज खोल दिए थे. अब समझ में आया क्यों दीदी ने लिखा था कि जिंदगी में कभी किसी को अपनी कठपुतली मत बनाना और न ही कभी खुद किसी की कठपुतली बनना. Hindi Kahani Ek Din Achanak लता दीदी की आत्महत्या की खबर ने मुझे अंदर तक हिला दिया था क्योंकि दीदी कायर कदापि नहीं थीं. फिर मुझे एक दिन दीदी का वह पत्र मिला जिस ने सारे राज खोल दिए और मुझे परेशानी व असमंजस में डाल दिया कि क्या दीदी की आत्महत्या को मैं यों ही व्यर्थ जाने दूं? मैं बालकनी में पड़ी कुरसी पर चुपचाप बैठा था. जाने क्यों मन उदास था, जबकि लता दीदी को गुजरे अब 1 माह से अधिक हो गया है. दीदी की याद आती है तो जैसे यादों की बरात मन के लंबे रास्ते पर निकल पड़ती है. जिस दिन यह खबर मिली कि ‘लता ने आत्महत्या कर ली,’ सहसा विश्वास ही नहीं हुआ कि यह बात सच भी हो सकती है. क्योंकि दीदी कायर कदापि नहीं थीं. शादी के बाद, उन के पहले 3-4 साल अच्छे बीते. शरद जीजाजी और दीदी दोनों भोपाल में कार्यरत थे. जीजाजी बैंक में सहायक प्रबंधक हैं. दीदी शादी के पहले से ही सूचना एवं प्रसार कार्यालय में स्टैनोग्राफर थीं. लता

Hindi Family Story Big Brother Part 1 to 3

  Hindi kahani big brother बड़े भैया-भाग 1: स्मिता अपने भाई से कौन सी बात कहने से डर रही थी जब एक दिन अचानक स्मिता ससुराल को छोड़ कर बड़े भैया के घर आ गई, तब भैया की अनुभवी आंखें सबकुछ समझ गईं. अश्विनी कुमार भटनागर बड़े भैया ने घूर कर देखा तो स्मिता सिकुड़ गई. कितनी कठिनाई से इतने दिनों तक रटा हुआ संवाद बोल पाई थी. अब बोल कर भी लग रहा था कि कुछ नहीं बोली थी. बड़े भैया से आंख मिला कर कोई बोले, ऐसा साहस घर में किसी का न था. ‘‘क्या बोला तू ने? जरा फिर से कहना,’’ बड़े भैया ने गंभीरता से कहा. ‘‘कह तो दिया एक बार,’’ स्मिता का स्वर लड़खड़ा गया. ‘‘कोई बात नहीं,’’ बड़े भैया ने संतुलित स्वर में कहा, ‘‘एक बार फिर से कह. अकसर दूसरी बार कहने से अर्थ बदल जाता है.’’ स्मिता ने नीचे देखते हुए कहा, ‘‘मुझे अनिमेष से शादी करनी है.’’ ‘‘यह अनिमेष वही है न, जो कुछ दिनों पहले यहां आया था?’’ बड़े भैया ने पूछा. ‘‘जी.’’ ‘‘और वह बंगाली है?’’ बड़े भैया ने एकएक शब्द पर जोर देते हुए पूछा. ‘‘जी,’’ स्मिता ने धीमे स्वर में उत्तर दिया. ‘‘और हम लोग, जिस में तू भी शामिल है, शुद्ध शाकाहारी हैं. वह बंगाली तो अवश्य ही

Maa Ki Shaadi मां की शादी- भाग 1: समीर अपनी बेटी को क्या बनाना चाहता था?

मां की शादी- भाग 1: समीर अपनी बेटी को क्या बनाना चाहता था? मां की शादी- भाग 1: समीर अपनी बेटी को क्या बनाना चाहता था? समीर की मृत्यु के बाद मीरा के जीवन का एकमात्र मकसद था समीरा को सुखद भविष्य देना. लेकिन मीरा नहीं जानती थी कि समीरा भी अपनी मां की खुशियों को नए पंख देना चाहती थी. संध्या समीर और मैं ने, परिवारों के विरोध के बावजूद प्रेमविवाह किया था. एकदूसरे को पा कर हम बेहद खुश थे. समीर बैंक मैनेजर थे. बेहद हंसमुख एवं मिलनसार स्वभाव के थे. मेरे हर काम में दिलचस्पी तो लेते ही थे, हर संभव मदद भी करते थे, यहां तक कि मेरे कालेज संबंधी कामों में भी पूरी मदद करते थे. कई बार तो उन के उपयोगी टिप्स से मेरे लेक्चर में नई जान आ जाती थी. शादी के 4 वर्षों बाद मैं ने प्यारी सी बिटिया को जन्म दिया. उस के नामकरण के लिए मैं ने समीरा नाम सुझाया. समीर और मीरा की समीरा. समीर प्रफुल्लित होते हुए बोले, ‘‘यार, तुम ने तो बहुत बढि़या नामकरण कर दिया. जैसे यह हम दोनों का रूप है उसी तरह इस के नाम में हम दोनों का नाम भी समाहित है.’’ समीरा को प्यार से हम सोमू पुकारते, उस के जन्म के बाद मैं ने दोनों परिवारों मे