Sarkari Naukri 2020 लाइव रिक्ति में UPPSC, SSC, रेलवे और अन्य भर्ती सरकारी नौकरियां - hindishayarih सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

Sarkari Naukri 2020 लाइव रिक्ति में UPPSC, SSC, रेलवे और अन्य भर्ती सरकारी नौकरियां - hindishayarih


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खास बातें

12वीं से लेकर स्नातकों के लिए बेहतरीन मौके
Railway: भारतीय रेलवे में फिर 2792 पद खाली
यूपीएससी में नौकरी पाने का शानदार मौका
UKSSSC में निकली भर्तियां
इन पदों पर एसएससी ने मांगे हैं आवेदन


Sarkari Naukri 2020 Hindi shayari h : सरकारी नौकरी की तैयारी में जुटे लोगों से पता चलता है कि उनमें सरकारी नौकरी पाने की कितनी चाह है। प्रतियोगी परीक्षा की तैयार कर रहें हजारों-लाखों उम्मीदवार अपना लक अजमाते हैं। पर ज्यादातर उम्मीदवार इस बात से अनजान रहते हैं कि कहां कौन-सा पद खाली है। जब उन तक सूचना पहुंचती है तब तक देर हो चुकी होती है। ऐसे में अब परेशान होने की जरूरत नहीं है। हम आपको रोज यहां नई सरकारी नौकरी के बारे में जानकारी दे रहे हैं। तो सरकारी नौकरी की हर अपडेट जानने के लिए हमसे जुड़े रहें। पढ़ते हैं आगे...





SBI में सैकड़ों पद खाली, जान लें चयन प्रक्रिया

SBI Recruitment 2020: एसबीआई यानी स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में अनेक पदों पर भर्तियां होने जा रही हैं। आपको बता दें कि स्पेशलिस्ट कैडर ऑफिसर और क्लेरिकल कैडर के 106 पदों के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। भारतीय स्टेट बैंक में आवेदन करने के लिए अंतिम तिथि 12 फरवरी 2020 निर्धारित की गई है।


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एक दिन अचानक हिंदी कहानी, Hindi Kahani Ek Din Achanak

एक दिन अचानक दीदी के पत्र ने सारे राज खोल दिए थे. अब समझ में आया क्यों दीदी ने लिखा था कि जिंदगी में कभी किसी को अपनी कठपुतली मत बनाना और न ही कभी खुद किसी की कठपुतली बनना. Hindi Kahani Ek Din Achanak लता दीदी की आत्महत्या की खबर ने मुझे अंदर तक हिला दिया था क्योंकि दीदी कायर कदापि नहीं थीं. फिर मुझे एक दिन दीदी का वह पत्र मिला जिस ने सारे राज खोल दिए और मुझे परेशानी व असमंजस में डाल दिया कि क्या दीदी की आत्महत्या को मैं यों ही व्यर्थ जाने दूं? मैं बालकनी में पड़ी कुरसी पर चुपचाप बैठा था. जाने क्यों मन उदास था, जबकि लता दीदी को गुजरे अब 1 माह से अधिक हो गया है. दीदी की याद आती है तो जैसे यादों की बरात मन के लंबे रास्ते पर निकल पड़ती है. जिस दिन यह खबर मिली कि ‘लता ने आत्महत्या कर ली,’ सहसा विश्वास ही नहीं हुआ कि यह बात सच भी हो सकती है. क्योंकि दीदी कायर कदापि नहीं थीं. शादी के बाद, उन के पहले 3-4 साल अच्छे बीते. शरद जीजाजी और दीदी दोनों भोपाल में कार्यरत थे. जीजाजी बैंक में सहायक प्रबंधक हैं. दीदी शादी के पहले से ही सूचना एवं प्रसार कार्यालय में स्टैनोग्राफर थीं. लता

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