Sarkari Naukri RSMSSB Recruitment 2020 Vacancies For Patwari Posts, पटवारी के 4207 पदों पर बंपर भर्तियां | पटवारी पदों के लिए आवेदन करें, सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

Sarkari Naukri RSMSSB Recruitment 2020 Vacancies For Patwari Posts, पटवारी के 4207 पदों पर बंपर भर्तियां | पटवारी पदों के लिए आवेदन करें,




पटवारी के 4207 पदों पर बंपर भर्तियां,पटवारी पदों के लिए आवेदन करें, सरकारी नौकरियां, सरकरी नौकरी RSMSSB भर्ती 2020 ऐसे आवेदन करें
पटवारी के 4207 पदों पर बंपर भर्तियां,पटवारी पदों के लिए आवेदन करें, सरकारी नौकरियां, सरकरी नौकरी RSMSSB भर्ती 2020 ऐसे आवेदन करें

RSMSSB Recruitment 2020 : राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड, जयपुर सरकार, राजस्व विभाग द्वारा कई पदों पर बंपर भर्तियां हो रही हैं। बता दें कि इस भर्ती के तहत कुल 4,207 खाली पदों को भरा जाना है। उम्मीदवारों के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि 19 फरवरी, 2020 है। अगर आप के पास भी मांगी गई योग्यता है, तो उम्मीदवार 20 जनवरी 2020 से आवेदन कर सकेंगे। इस नौकरी के लिए आगे की स्लाइड देखें।


महत्वपूर्ण तिथि :
आवेदन पत्र जमा करने की प्रारंभिक तिथि : 20 जनवरी, 2020 से शुरू
आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि : 19 फरवरी, 2020





आवेदन शुल्क :
सामान्य वर्ग, अर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए 450 रुपये
अन्य पिछड़ा वर्ग, अति-पिछड़ा वर्ग, (नाॅन क्रिमीलेयर) के लिए 350 रुपये
अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, दिव्यांगजन, सभी श्रेणी जिनकी परिवारिक वार्षिक आय 2.50 लाख से कम है- 250 रुपये




आयु सीमा :
इन पदों पर उम्मीदवारों की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और अधिकतम 40 वर्ष निर्धारित है।




महत्वपूर्ण तिथि :
आवेदन पत्र जमा करने की प्रारंभिक तिथि : 20 जनवरी, 2020
आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि : 19 फरवरी, 2020




आवेदन प्रक्रिया :
इन पदों के लिए आवेदन करने से पहले उम्मीदवार आगे दी गई स्लाइड से नोटिफिकेशन डाउनलोड करके पढ़ें। उसमें दी गई सभी जानकारी से अवगत होकर ही आवेदन प्रक्रिया को पूरा करें। ध्यान रहें किसी भी प्रकार की त्रुटि होने पर आवेदन पत्र निरस्त किए जा सकते हैं।



चयन प्रक्रिया :
उम्मीदवारों का चयन लिखित परीक्षा के आधार पर किया जाएगा।



आधिकारिक वेबसाइट के लिए यहां क्लिक करें
आधिकारिक नोटिफिकेशन पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
शार्ट नोटिफिकेशन पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
आवेदन करने के लिए यहां क्लिक करें।

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

एक दिन अचानक हिंदी कहानी, Hindi Kahani Ek Din Achanak

एक दिन अचानक दीदी के पत्र ने सारे राज खोल दिए थे. अब समझ में आया क्यों दीदी ने लिखा था कि जिंदगी में कभी किसी को अपनी कठपुतली मत बनाना और न ही कभी खुद किसी की कठपुतली बनना. Hindi Kahani Ek Din Achanak लता दीदी की आत्महत्या की खबर ने मुझे अंदर तक हिला दिया था क्योंकि दीदी कायर कदापि नहीं थीं. फिर मुझे एक दिन दीदी का वह पत्र मिला जिस ने सारे राज खोल दिए और मुझे परेशानी व असमंजस में डाल दिया कि क्या दीदी की आत्महत्या को मैं यों ही व्यर्थ जाने दूं? मैं बालकनी में पड़ी कुरसी पर चुपचाप बैठा था. जाने क्यों मन उदास था, जबकि लता दीदी को गुजरे अब 1 माह से अधिक हो गया है. दीदी की याद आती है तो जैसे यादों की बरात मन के लंबे रास्ते पर निकल पड़ती है. जिस दिन यह खबर मिली कि ‘लता ने आत्महत्या कर ली,’ सहसा विश्वास ही नहीं हुआ कि यह बात सच भी हो सकती है. क्योंकि दीदी कायर कदापि नहीं थीं. शादी के बाद, उन के पहले 3-4 साल अच्छे बीते. शरद जीजाजी और दीदी दोनों भोपाल में कार्यरत थे. जीजाजी बैंक में सहायक प्रबंधक हैं. दीदी शादी के पहले से ही सूचना एवं प्रसार कार्यालय में स्टैनोग्राफर थीं. लता

Hindi Family Story Big Brother Part 1 to 3

  Hindi kahani big brother बड़े भैया-भाग 1: स्मिता अपने भाई से कौन सी बात कहने से डर रही थी जब एक दिन अचानक स्मिता ससुराल को छोड़ कर बड़े भैया के घर आ गई, तब भैया की अनुभवी आंखें सबकुछ समझ गईं. अश्विनी कुमार भटनागर बड़े भैया ने घूर कर देखा तो स्मिता सिकुड़ गई. कितनी कठिनाई से इतने दिनों तक रटा हुआ संवाद बोल पाई थी. अब बोल कर भी लग रहा था कि कुछ नहीं बोली थी. बड़े भैया से आंख मिला कर कोई बोले, ऐसा साहस घर में किसी का न था. ‘‘क्या बोला तू ने? जरा फिर से कहना,’’ बड़े भैया ने गंभीरता से कहा. ‘‘कह तो दिया एक बार,’’ स्मिता का स्वर लड़खड़ा गया. ‘‘कोई बात नहीं,’’ बड़े भैया ने संतुलित स्वर में कहा, ‘‘एक बार फिर से कह. अकसर दूसरी बार कहने से अर्थ बदल जाता है.’’ स्मिता ने नीचे देखते हुए कहा, ‘‘मुझे अनिमेष से शादी करनी है.’’ ‘‘यह अनिमेष वही है न, जो कुछ दिनों पहले यहां आया था?’’ बड़े भैया ने पूछा. ‘‘जी.’’ ‘‘और वह बंगाली है?’’ बड़े भैया ने एकएक शब्द पर जोर देते हुए पूछा. ‘‘जी,’’ स्मिता ने धीमे स्वर में उत्तर दिया. ‘‘और हम लोग, जिस में तू भी शामिल है, शुद्ध शाकाहारी हैं. वह बंगाली तो अवश्य ही

Maa Ki Shaadi मां की शादी- भाग 1: समीर अपनी बेटी को क्या बनाना चाहता था?

मां की शादी- भाग 1: समीर अपनी बेटी को क्या बनाना चाहता था? मां की शादी- भाग 1: समीर अपनी बेटी को क्या बनाना चाहता था? समीर की मृत्यु के बाद मीरा के जीवन का एकमात्र मकसद था समीरा को सुखद भविष्य देना. लेकिन मीरा नहीं जानती थी कि समीरा भी अपनी मां की खुशियों को नए पंख देना चाहती थी. संध्या समीर और मैं ने, परिवारों के विरोध के बावजूद प्रेमविवाह किया था. एकदूसरे को पा कर हम बेहद खुश थे. समीर बैंक मैनेजर थे. बेहद हंसमुख एवं मिलनसार स्वभाव के थे. मेरे हर काम में दिलचस्पी तो लेते ही थे, हर संभव मदद भी करते थे, यहां तक कि मेरे कालेज संबंधी कामों में भी पूरी मदद करते थे. कई बार तो उन के उपयोगी टिप्स से मेरे लेक्चर में नई जान आ जाती थी. शादी के 4 वर्षों बाद मैं ने प्यारी सी बिटिया को जन्म दिया. उस के नामकरण के लिए मैं ने समीरा नाम सुझाया. समीर और मीरा की समीरा. समीर प्रफुल्लित होते हुए बोले, ‘‘यार, तुम ने तो बहुत बढि़या नामकरण कर दिया. जैसे यह हम दोनों का रूप है उसी तरह इस के नाम में हम दोनों का नाम भी समाहित है.’’ समीरा को प्यार से हम सोमू पुकारते, उस के जन्म के बाद मैं ने दोनों परिवारों मे