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hindi motivation shayari Satuday motivation best 4 sher collection

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इतना बे-आसरा नहीं हूं मैं
आदमी हूं ख़ुदा नहीं हूं मैं
- परवेज़ साहिर



चाहे सोने के फ़्रेम में जड़ दो
आइना झूट बोलता ही नहीं
- कृष्ण बिहारी नूर


तेरा मिलना ख़ुशी की बात सही
तुझ से मिल कर उदास रहता हूं
- साहिर लुधियानवी


इस भरोसे पे कर रहा हूं गुनाह
बख़्श देना तो तेरी फ़ितरत है
- अज्ञात


गुलों में रंग भरे बाद-ए-नौ-बहार चले
चले भी आओ कि गुलशन का कारोबार चले


वो बात सारे फ़साने में जिस का ज़िक्र न था
वो बात उन को बहुत ना-गवार गुज़री है


कब ठहरेगा दर्द ऐ दिल कब रात बसर होगी
सुनते थे वो आएंगे सुनते थे सहर होगी


वाइज़ है न ज़ाहिद है नासेह है न क़ातिल है
अब शहर में यारों की किस तरह बसर होगी


ज़िंदगी क्या किसी मुफ़लिस की क़बा है जिस में
हर घड़ी दर्द के पैवंद लगे जाते हैं

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