Hindi Jokes Husband Wife Jokes Majedar Chutkule Latest Hindi Funny Jokes सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

Hindi Jokes Husband Wife Jokes Majedar Chutkule Latest Hindi Funny Jokes


Hindi Jokes Husband Wife Jokes Majedar Chutkule Latest Hindi Funny Jokes  




जिस तरह अच्छी हवा, अच्छा खानपान किसी भी इंसान के सेहतमंद रहने के लिए जरूरी होता है, उसी प्रकार आपकी हंसी भी आपको स्वस्थ रखने में अहम भूमिका निभाती है। अगर आप सुबह-शाम हंसने की आदत डाल लें तो कोई भी बीमारी, चाहे मानसिक हो या शारीरिक आपके पास भी नहीं आएगी। इसीलिए हम आपके लिए कुछ ऐसे मजेदार चुटकुले लेकर आए हैं, जिन्हें पढ़ने के बाद आप हंसते-हंसते लोटपोट हो जाएंगे। तो चलिए शुरू करते हैं हंसने-हंसाने का ये सिलसिला... ---------------------------------------------



 डॉक्टर - आपके अंदर आयरन की कमी है!
.
.
.
पप्पू - तो क्या करूं, कीलें खाऊं या सरिया...!!!







बैठे-बैठे अचनक विचार आया कि...

सब लोग इज्जत की रोटी कमाना चाहते हैं...
.
लेकिन...
.
कोई इज्जत की सब्जी क्यों नहीं कमाना चाहता...!!







परेशान पप्पू ने गप्पू से कहा...

पता नहीं दूसरों के घर वाले लव मैरिज के लिए कैसे मान जाते हैं...
.
.
.
यहां तो अपनी पसंद की सब्जी भी मांग लो तो जूते पड़ते हैं...!!!






मोटू: यार शादीशुदा समझदार पति अख़बार में अपना राशिफल नहीं देखते,

पतलू: क्यों?

मोटू: वो बीवी का चेहरा देखकर ही जान लेते हैं कि

आज का दिन कैसा गुज़रेगा






मोटू : यार पतलू, आजकल ये आलू क्यों उदास रहता है...?

पतलू : क्योंकि आलू की गर्लफ्रेंड प्याज अब पैसे वाली हो गई है...

मोटू : तो इससे क्या हुआ..?

पतलू : यार तुम नहीं समझोगे,

वह अब महंगे लोगों जैसे एप्पल वगैरह के साथ उठती-बैठती है.....






पतलू पति : सुबह जब मेरी आंख खुलती है

तो प्रार्थना करता हूं कि भगवान तुम्हारे जैसी पत्नी सबको दे

पत्नी (खुशी से झूमते हुए) : सच में ...

पतलू पति : हां, सोचता हूं कि अकेले मैं ही क्यों दुखी रहूं..?






मोटू : यार पतलू, मेरा कल से पेट खराब है..

पतलू : फिर क्या किया..

मोटू : डॉक्टर के पास गया तो दवा देकर बोला होटल में खाना न खाया करो..

पतलू : तो अब कहां खाओगे..?

मोटू : अब वहां से पैक कराकर घर ले आया करूंगा...

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

एक दिन अचानक हिंदी कहानी, Hindi Kahani Ek Din Achanak

एक दिन अचानक दीदी के पत्र ने सारे राज खोल दिए थे. अब समझ में आया क्यों दीदी ने लिखा था कि जिंदगी में कभी किसी को अपनी कठपुतली मत बनाना और न ही कभी खुद किसी की कठपुतली बनना. Hindi Kahani Ek Din Achanak लता दीदी की आत्महत्या की खबर ने मुझे अंदर तक हिला दिया था क्योंकि दीदी कायर कदापि नहीं थीं. फिर मुझे एक दिन दीदी का वह पत्र मिला जिस ने सारे राज खोल दिए और मुझे परेशानी व असमंजस में डाल दिया कि क्या दीदी की आत्महत्या को मैं यों ही व्यर्थ जाने दूं? मैं बालकनी में पड़ी कुरसी पर चुपचाप बैठा था. जाने क्यों मन उदास था, जबकि लता दीदी को गुजरे अब 1 माह से अधिक हो गया है. दीदी की याद आती है तो जैसे यादों की बरात मन के लंबे रास्ते पर निकल पड़ती है. जिस दिन यह खबर मिली कि ‘लता ने आत्महत्या कर ली,’ सहसा विश्वास ही नहीं हुआ कि यह बात सच भी हो सकती है. क्योंकि दीदी कायर कदापि नहीं थीं. शादी के बाद, उन के पहले 3-4 साल अच्छे बीते. शरद जीजाजी और दीदी दोनों भोपाल में कार्यरत थे. जीजाजी बैंक में सहायक प्रबंधक हैं. दीदी शादी के पहले से ही सूचना एवं प्रसार कार्यालय में स्टैनोग्राफर थीं. लता

Hindi Family Story Big Brother Part 1 to 3

  Hindi kahani big brother बड़े भैया-भाग 1: स्मिता अपने भाई से कौन सी बात कहने से डर रही थी जब एक दिन अचानक स्मिता ससुराल को छोड़ कर बड़े भैया के घर आ गई, तब भैया की अनुभवी आंखें सबकुछ समझ गईं. अश्विनी कुमार भटनागर बड़े भैया ने घूर कर देखा तो स्मिता सिकुड़ गई. कितनी कठिनाई से इतने दिनों तक रटा हुआ संवाद बोल पाई थी. अब बोल कर भी लग रहा था कि कुछ नहीं बोली थी. बड़े भैया से आंख मिला कर कोई बोले, ऐसा साहस घर में किसी का न था. ‘‘क्या बोला तू ने? जरा फिर से कहना,’’ बड़े भैया ने गंभीरता से कहा. ‘‘कह तो दिया एक बार,’’ स्मिता का स्वर लड़खड़ा गया. ‘‘कोई बात नहीं,’’ बड़े भैया ने संतुलित स्वर में कहा, ‘‘एक बार फिर से कह. अकसर दूसरी बार कहने से अर्थ बदल जाता है.’’ स्मिता ने नीचे देखते हुए कहा, ‘‘मुझे अनिमेष से शादी करनी है.’’ ‘‘यह अनिमेष वही है न, जो कुछ दिनों पहले यहां आया था?’’ बड़े भैया ने पूछा. ‘‘जी.’’ ‘‘और वह बंगाली है?’’ बड़े भैया ने एकएक शब्द पर जोर देते हुए पूछा. ‘‘जी,’’ स्मिता ने धीमे स्वर में उत्तर दिया. ‘‘और हम लोग, जिस में तू भी शामिल है, शुद्ध शाकाहारी हैं. वह बंगाली तो अवश्य ही

Maa Ki Shaadi मां की शादी- भाग 1: समीर अपनी बेटी को क्या बनाना चाहता था?

मां की शादी- भाग 1: समीर अपनी बेटी को क्या बनाना चाहता था? मां की शादी- भाग 1: समीर अपनी बेटी को क्या बनाना चाहता था? समीर की मृत्यु के बाद मीरा के जीवन का एकमात्र मकसद था समीरा को सुखद भविष्य देना. लेकिन मीरा नहीं जानती थी कि समीरा भी अपनी मां की खुशियों को नए पंख देना चाहती थी. संध्या समीर और मैं ने, परिवारों के विरोध के बावजूद प्रेमविवाह किया था. एकदूसरे को पा कर हम बेहद खुश थे. समीर बैंक मैनेजर थे. बेहद हंसमुख एवं मिलनसार स्वभाव के थे. मेरे हर काम में दिलचस्पी तो लेते ही थे, हर संभव मदद भी करते थे, यहां तक कि मेरे कालेज संबंधी कामों में भी पूरी मदद करते थे. कई बार तो उन के उपयोगी टिप्स से मेरे लेक्चर में नई जान आ जाती थी. शादी के 4 वर्षों बाद मैं ने प्यारी सी बिटिया को जन्म दिया. उस के नामकरण के लिए मैं ने समीरा नाम सुझाया. समीर और मीरा की समीरा. समीर प्रफुल्लित होते हुए बोले, ‘‘यार, तुम ने तो बहुत बढि़या नामकरण कर दिया. जैसे यह हम दोनों का रूप है उसी तरह इस के नाम में हम दोनों का नाम भी समाहित है.’’ समीरा को प्यार से हम सोमू पुकारते, उस के जन्म के बाद मैं ने दोनों परिवारों मे