मटन क्रैनबेरी पुलाव कैसे बनाये | Try Easy Recipes Mutton Cranberry Pulao - HindiShayarih | Mutton Cranberry सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

मटन क्रैनबेरी पुलाव कैसे बनाये | Try Easy Recipes Mutton Cranberry Pulao - HindiShayarih | Mutton Cranberry

Try Easy Recipes" Mutton Cranberry Pulao



मटन क्रैनबेरी पुलाव कैसे बनाये | Try Easy Recipes" Mutton Cranberry Pulao - HindiShayarih | Mutton Cranberry



सामग्री

½ किग्रा मटन, छोटे टुकड़ों में कटा हुआ
3 कप चावल
½ कप क्रैनबेरीज़
4 टेबलस्पून दही
1 टेबलस्पून अदरक, कटा हुआ
1 टेबलस्पून लहसुन, कटा हुआ
1 टेबलस्पून लहसुन व अदरक का पेस्ट
½ कप तला हुआ प्याज़
2 जावित्री के टुकड़े
½ टीस्पून जीरा
4-5 लौंग
1 दालचीनी का टुकड़े
6-8 साबुत काली मिर्च
2 साबुत काली इलायची
6 साबुत हरी इलायची
2-3 तेजपत्ता
1 चुटकी केसर, आधे कप दूध में भिगोया हुआ
3 टेबलस्पून दूध
1 टीस्पून गरम मसाला
4-5 बूंदें, केवड़ा एसेंस


सजाने के लिए

तला हुआ प्याज
क्रैनबेरी



विधि

1. मटन में अदरक-लहसुन का पेस्ट और नमक मिलाकर दो घंटे के लिए रख दें.
2. चावल धोकर उसे आधे घंटे के लिए भिगोकर रखें.
3. प्रेशर कुकर में दो टीस्पून घी डालकर उसे धीमी आंच पर गर्म करें. घी गर्म होने के बाद उसमें जीरा, लौंग, दोनों इलायची, काली मिर्च, और तेजपत्ता डालकर हल्का भुन लें.
4. अब मटन डालें और चलाते हुए पांच मिनट तक भुनें.
5. उसके बाद आधा लीटर पानी डालें और कुकर का ढक्कन लगाकर मटन को 30 मिनट तक पकने दें. (ध्यान रखें कुकर की एक सीटी आने के बाद आंच कम करके मटन को धीरे-धीरे पकाएं).
6. जब मटन पक जाए तो, उसे प्रेशर कुकर से निकाल लें और बचे हुए पानी को छानकर अलग कर लें.
7. बचा हुआ घी, अदरक, लहसुन, दही, तला हुआ प्याज़, गरम मसाला, पका हुआ मटन और कटी हुई क्रैनबेरी को एक मोटी तली वाले पैन या हांडी में डालकर पांच मिनट तक भुनें.
8. अब भिगोकर रखा हुआ चावल, नमक और पांच कप मटन का पानी डालें.
9. एक बार उबाल आने के बाद ढक्कन लगा दें और धीमी आंच पर पकने दें.
10. लगभग 10 मिनट के बाद उसमें केवड़ा एसेंस और दूध में भिगोकर रखा केसर और तला हुआ प्याज़ डालें.
11. फिर से ढक्कन लगाकर धीमी आंच पर 4-5 मिनट तक पकने दें.
12. पुलाव को फ़ॉर्क की मदद से हल्के हाथों से चलाएं.
13. अब पुलाव को तले हुए प्याज़ और क्रैनबेरी से सजाएं.
14. रायता के साथ गर्मागर्म सर्व करें.


रेसिपी सौजन्य:
शेफ़ सारांश गोइला

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

एक दिन अचानक हिंदी कहानी, Hindi Kahani Ek Din Achanak

एक दिन अचानक दीदी के पत्र ने सारे राज खोल दिए थे. अब समझ में आया क्यों दीदी ने लिखा था कि जिंदगी में कभी किसी को अपनी कठपुतली मत बनाना और न ही कभी खुद किसी की कठपुतली बनना. Hindi Kahani Ek Din Achanak लता दीदी की आत्महत्या की खबर ने मुझे अंदर तक हिला दिया था क्योंकि दीदी कायर कदापि नहीं थीं. फिर मुझे एक दिन दीदी का वह पत्र मिला जिस ने सारे राज खोल दिए और मुझे परेशानी व असमंजस में डाल दिया कि क्या दीदी की आत्महत्या को मैं यों ही व्यर्थ जाने दूं? मैं बालकनी में पड़ी कुरसी पर चुपचाप बैठा था. जाने क्यों मन उदास था, जबकि लता दीदी को गुजरे अब 1 माह से अधिक हो गया है. दीदी की याद आती है तो जैसे यादों की बरात मन के लंबे रास्ते पर निकल पड़ती है. जिस दिन यह खबर मिली कि ‘लता ने आत्महत्या कर ली,’ सहसा विश्वास ही नहीं हुआ कि यह बात सच भी हो सकती है. क्योंकि दीदी कायर कदापि नहीं थीं. शादी के बाद, उन के पहले 3-4 साल अच्छे बीते. शरद जीजाजी और दीदी दोनों भोपाल में कार्यरत थे. जीजाजी बैंक में सहायक प्रबंधक हैं. दीदी शादी के पहले से ही सूचना एवं प्रसार कार्यालय में स्टैनोग्राफर थीं. लता

Hindi Family Story Big Brother Part 1 to 3

  Hindi kahani big brother बड़े भैया-भाग 1: स्मिता अपने भाई से कौन सी बात कहने से डर रही थी जब एक दिन अचानक स्मिता ससुराल को छोड़ कर बड़े भैया के घर आ गई, तब भैया की अनुभवी आंखें सबकुछ समझ गईं. अश्विनी कुमार भटनागर बड़े भैया ने घूर कर देखा तो स्मिता सिकुड़ गई. कितनी कठिनाई से इतने दिनों तक रटा हुआ संवाद बोल पाई थी. अब बोल कर भी लग रहा था कि कुछ नहीं बोली थी. बड़े भैया से आंख मिला कर कोई बोले, ऐसा साहस घर में किसी का न था. ‘‘क्या बोला तू ने? जरा फिर से कहना,’’ बड़े भैया ने गंभीरता से कहा. ‘‘कह तो दिया एक बार,’’ स्मिता का स्वर लड़खड़ा गया. ‘‘कोई बात नहीं,’’ बड़े भैया ने संतुलित स्वर में कहा, ‘‘एक बार फिर से कह. अकसर दूसरी बार कहने से अर्थ बदल जाता है.’’ स्मिता ने नीचे देखते हुए कहा, ‘‘मुझे अनिमेष से शादी करनी है.’’ ‘‘यह अनिमेष वही है न, जो कुछ दिनों पहले यहां आया था?’’ बड़े भैया ने पूछा. ‘‘जी.’’ ‘‘और वह बंगाली है?’’ बड़े भैया ने एकएक शब्द पर जोर देते हुए पूछा. ‘‘जी,’’ स्मिता ने धीमे स्वर में उत्तर दिया. ‘‘और हम लोग, जिस में तू भी शामिल है, शुद्ध शाकाहारी हैं. वह बंगाली तो अवश्य ही

Maa Ki Shaadi मां की शादी- भाग 1: समीर अपनी बेटी को क्या बनाना चाहता था?

मां की शादी- भाग 1: समीर अपनी बेटी को क्या बनाना चाहता था? मां की शादी- भाग 1: समीर अपनी बेटी को क्या बनाना चाहता था? समीर की मृत्यु के बाद मीरा के जीवन का एकमात्र मकसद था समीरा को सुखद भविष्य देना. लेकिन मीरा नहीं जानती थी कि समीरा भी अपनी मां की खुशियों को नए पंख देना चाहती थी. संध्या समीर और मैं ने, परिवारों के विरोध के बावजूद प्रेमविवाह किया था. एकदूसरे को पा कर हम बेहद खुश थे. समीर बैंक मैनेजर थे. बेहद हंसमुख एवं मिलनसार स्वभाव के थे. मेरे हर काम में दिलचस्पी तो लेते ही थे, हर संभव मदद भी करते थे, यहां तक कि मेरे कालेज संबंधी कामों में भी पूरी मदद करते थे. कई बार तो उन के उपयोगी टिप्स से मेरे लेक्चर में नई जान आ जाती थी. शादी के 4 वर्षों बाद मैं ने प्यारी सी बिटिया को जन्म दिया. उस के नामकरण के लिए मैं ने समीरा नाम सुझाया. समीर और मीरा की समीरा. समीर प्रफुल्लित होते हुए बोले, ‘‘यार, तुम ने तो बहुत बढि़या नामकरण कर दिया. जैसे यह हम दोनों का रूप है उसी तरह इस के नाम में हम दोनों का नाम भी समाहित है.’’ समीरा को प्यार से हम सोमू पुकारते, उस के जन्म के बाद मैं ने दोनों परिवारों मे