Five All Time Best Hindi Web|Series To Binge Watch With Family हर रोज देखें इनमें से कोई एक वेब सीरीज, सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

Five All Time Best Hindi Web|Series To Binge Watch With Family हर रोज देखें इनमें से कोई एक वेब सीरीज,

Five All Time Best Hindi Web Series To Binge Watch With Family हर रोज देखें इनमें से कोई एक वेब सीरीज,
Five All Time Best Hindi Web Series To Binge Watch With Family हर रोज देखें इनमें से कोई एक वेब सीरीज, 


कोरोना वायरस ने दुनिया भर की रफ्तार को रोक दिया है। देश में 21 दिन का लॉकडाउन घोषित किया गया है। आप और हम सब घरों में हैं। लेकिन, कैद नहीं हैं। हम कोरोना के खिलाफ जहां हैं, जैसे भी हैं, एक लड़ाई लड़ रहे हैं। ये एकांत हमें तमाम नई चीजें सिखा रहा है। रिश्तों के नए मायने सिखा रहा है। इन रिश्तों के कई किस्से ऐसे भी होते हैं कि मन सिहर उठता है। देसी विदेशी ओटीटी पर इन दिनों वेब सीरीज की भरमार है लेकिन, मन मारकर कुछ न देखें, देखें तो कुछ ऐसा जो कुछ असर भी करे। तो चलिए आपको बताते हैं उन टॉप 5 हिंदुस्तानी वेब सीरीज के बारे में, जिन्हें देखना शुरू करेंगे तो फिर कुछ और देखने का मन नहीं करेगा। ये हैं अमर उजाला की टॉप 5 वेबसीरीज संस्तुतियां।




ये मेरी फैमिली ( Best Hindi Web|Series)
सौरभ खन्ना की लिखी और समीर सक्सेना निर्देशित वेब सीरीज ये मेरी फैमिली हिंदी में बनी चंद बेहतरीन वेब सीरीज में से एक है। अमर उजाला की टॉप 5 लिस्ट में ये भले पांचवीं पायदान पर हो लेकिन ये एक ऐसी सीरीज है जिसे लॉक डाउन के दौरान आप पूरे परिवार के साथ बैठकर अपने स्मार्ट टीवी पर देख सकते हैं। नेटफ्लिक्स पर मौजूद टीवीएफ की इस सीरीज में मोना सिंह और आकर्ष खुराना के साथ उनके बच्चों की गजब की कहानियां हैं। नेटफ्लिक्स के अलावा इसे आप यूट्यूब पर भी देख सकते हैं।





असुर ( Top 5 Best Hindi Web|Series)
चौथी पायदान पर है ओनी सेन के निर्देशन में बनी असुर। इस वेब सीरीज को पौराणिक मान्यताओं को ध्यान रखकर आज के समय से जोड़ा गया है। यह कहानी फॉरेंसिक एक्सपर्ट से अध्यापक बने एक ऐसे इंसान की है, जिसे अपने कर्तव्य का पालन करने के लिए फिर से सीबीआई की मदद को अपने मूल में लौटना पड़ता है। उसका काम एक सीरियल किलर को पकड़ना है, जो उसके साथ चूहे और बिल्ली का खेल खेलता है। वूट सेलेक्ट पर देखी जा सकने वाली इस वेब सीरीज में अरशद वारसी, ऋद्धि डोगरा और बरुन सोबती मुख्य भूमिकाओं में हैं।





द फैमिली मैन
किसी भी विदेशी एक्शन थ्रिलर वेब सीरीज को टक्कर दे सकती है द फैमिली मैन। अमर उजाला की टॉप 5 हिंदी वेबसीरीज लिस्ट में ये तीसरे नंबर पर है। यह वेब सीरीज एक मध्यमवर्गीय परिवार के इंसान के बारे में हैं, जो रहस्यमयी तरीके से एक इंटेलिजेंस ऑफिसर का किरदार निभाता है। वह आतंकरोधी दस्ते का सदस्य है। उसका काम अपने राष्ट्र को आतंक से सुरक्षित रखना है। वह राष्ट्र को सुरक्षित रखने के साथ, अपने परिवार को भी उसी तरह से जोखिमों से बचाता है। राज निदिमोरू और कृष्णा डीके की बनाई इस सीरीज को अमेजॉन प्राइम वीडियो पर देखा जा सकता है। मनोज बाजपेयी, प्रियमणि, शारिब हाशमी और श्रीकांत तिवारी आदि सीरीज की मुख्य भूमिकाओं में हैं।





स्पेशल ऑप्स
दूसरे नंबर पर है जासूसी पर आधारित फिल्में बनाने के लिए मशहूर निर्देशक नीरज पांडे की रची सीरीज स्पेशल ऑप्स। नीरज ने शिवम नायर के साथ मिलकर इस सीरीज को बनाया है। इस सीरीज की कहानी अनुसंधान और विश्लेषण विंग के मुखिया हिम्मत सिंह के इर्द-गिर्द घूमती है। वह भारत में हुए कई आतंकी हमलों में समानता खोजते हुए, अपनी टीम के साथ इन सभी हमलों के मास्टरमाइंड को पकड़ने की योजना बनाता है। इसकी कहानी दो दशक में आतंकवाद के खिलाफ की गई निगरानी के कार्यों से प्रेरित है। हॉटस्टार पर देखी जा सकने वाली इस सीरीज में के के मेनन, दिव्या दत्ता रेवती पिल्लई, करन टेकर और विपुल गुप्ता मुख्य भूमिका में हैं।





ब्रीद
और, देसी वेब सीरीज में रहस्य, रोमांच और सनसनी की पहली लंबी लकीर खींचने वाली वेब सीरीज ब्रीद है पहले नंबर पर। यह थ्रिलर ड्रामा सीरीज असाधारण परिस्थितियों का सामना करने वाले साधारण आदमी के जीवन के बारे में बताती है। सीरीज में एक क्राइम ब्रांच ऑफिसर कबीर है, जो अंगदान करने वाले लोगों की अचानक हुई मौत पर छानबीन करता है। उसका संदेह एक ऐसे व्यक्ति पर जाता है, जो अपने मरने वाले बेटे को बचाने के लिए दूसरे लोगों से कुछ अंगों को ट्रांसप्लांट करना चाहता है। इसके बाद कबीर पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए संकल्पबद्ध हो जाता है। मयंक शर्मा के निर्देशन में बनी इस सीरीज में आर माधवन और अमित साध मुख्य भूमिका में हैं। इस सीरीज को अमेजॉन प्राइम वीडियो पर देखा जा सकता है।

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

एक दिन अचानक हिंदी कहानी, Hindi Kahani Ek Din Achanak

एक दिन अचानक दीदी के पत्र ने सारे राज खोल दिए थे. अब समझ में आया क्यों दीदी ने लिखा था कि जिंदगी में कभी किसी को अपनी कठपुतली मत बनाना और न ही कभी खुद किसी की कठपुतली बनना. Hindi Kahani Ek Din Achanak लता दीदी की आत्महत्या की खबर ने मुझे अंदर तक हिला दिया था क्योंकि दीदी कायर कदापि नहीं थीं. फिर मुझे एक दिन दीदी का वह पत्र मिला जिस ने सारे राज खोल दिए और मुझे परेशानी व असमंजस में डाल दिया कि क्या दीदी की आत्महत्या को मैं यों ही व्यर्थ जाने दूं? मैं बालकनी में पड़ी कुरसी पर चुपचाप बैठा था. जाने क्यों मन उदास था, जबकि लता दीदी को गुजरे अब 1 माह से अधिक हो गया है. दीदी की याद आती है तो जैसे यादों की बरात मन के लंबे रास्ते पर निकल पड़ती है. जिस दिन यह खबर मिली कि ‘लता ने आत्महत्या कर ली,’ सहसा विश्वास ही नहीं हुआ कि यह बात सच भी हो सकती है. क्योंकि दीदी कायर कदापि नहीं थीं. शादी के बाद, उन के पहले 3-4 साल अच्छे बीते. शरद जीजाजी और दीदी दोनों भोपाल में कार्यरत थे. जीजाजी बैंक में सहायक प्रबंधक हैं. दीदी शादी के पहले से ही सूचना एवं प्रसार कार्यालय में स्टैनोग्राफर थीं. लता

Hindi Family Story Big Brother Part 1 to 3

  Hindi kahani big brother बड़े भैया-भाग 1: स्मिता अपने भाई से कौन सी बात कहने से डर रही थी जब एक दिन अचानक स्मिता ससुराल को छोड़ कर बड़े भैया के घर आ गई, तब भैया की अनुभवी आंखें सबकुछ समझ गईं. अश्विनी कुमार भटनागर बड़े भैया ने घूर कर देखा तो स्मिता सिकुड़ गई. कितनी कठिनाई से इतने दिनों तक रटा हुआ संवाद बोल पाई थी. अब बोल कर भी लग रहा था कि कुछ नहीं बोली थी. बड़े भैया से आंख मिला कर कोई बोले, ऐसा साहस घर में किसी का न था. ‘‘क्या बोला तू ने? जरा फिर से कहना,’’ बड़े भैया ने गंभीरता से कहा. ‘‘कह तो दिया एक बार,’’ स्मिता का स्वर लड़खड़ा गया. ‘‘कोई बात नहीं,’’ बड़े भैया ने संतुलित स्वर में कहा, ‘‘एक बार फिर से कह. अकसर दूसरी बार कहने से अर्थ बदल जाता है.’’ स्मिता ने नीचे देखते हुए कहा, ‘‘मुझे अनिमेष से शादी करनी है.’’ ‘‘यह अनिमेष वही है न, जो कुछ दिनों पहले यहां आया था?’’ बड़े भैया ने पूछा. ‘‘जी.’’ ‘‘और वह बंगाली है?’’ बड़े भैया ने एकएक शब्द पर जोर देते हुए पूछा. ‘‘जी,’’ स्मिता ने धीमे स्वर में उत्तर दिया. ‘‘और हम लोग, जिस में तू भी शामिल है, शुद्ध शाकाहारी हैं. वह बंगाली तो अवश्य ही

Maa Ki Shaadi मां की शादी- भाग 1: समीर अपनी बेटी को क्या बनाना चाहता था?

मां की शादी- भाग 1: समीर अपनी बेटी को क्या बनाना चाहता था? मां की शादी- भाग 1: समीर अपनी बेटी को क्या बनाना चाहता था? समीर की मृत्यु के बाद मीरा के जीवन का एकमात्र मकसद था समीरा को सुखद भविष्य देना. लेकिन मीरा नहीं जानती थी कि समीरा भी अपनी मां की खुशियों को नए पंख देना चाहती थी. संध्या समीर और मैं ने, परिवारों के विरोध के बावजूद प्रेमविवाह किया था. एकदूसरे को पा कर हम बेहद खुश थे. समीर बैंक मैनेजर थे. बेहद हंसमुख एवं मिलनसार स्वभाव के थे. मेरे हर काम में दिलचस्पी तो लेते ही थे, हर संभव मदद भी करते थे, यहां तक कि मेरे कालेज संबंधी कामों में भी पूरी मदद करते थे. कई बार तो उन के उपयोगी टिप्स से मेरे लेक्चर में नई जान आ जाती थी. शादी के 4 वर्षों बाद मैं ने प्यारी सी बिटिया को जन्म दिया. उस के नामकरण के लिए मैं ने समीरा नाम सुझाया. समीर और मीरा की समीरा. समीर प्रफुल्लित होते हुए बोले, ‘‘यार, तुम ने तो बहुत बढि़या नामकरण कर दिया. जैसे यह हम दोनों का रूप है उसी तरह इस के नाम में हम दोनों का नाम भी समाहित है.’’ समीरा को प्यार से हम सोमू पुकारते, उस के जन्म के बाद मैं ने दोनों परिवारों मे