Nikkhil Advani | Making A Women Oriented Web|Series With Lara Dutta And Kritika Kamra सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

Nikkhil Advani | Making A Women Oriented Web|Series With Lara Dutta And Kritika Kamra

अब इस बड़े फिल्म निर्माता ने लगाई ओटीटी की दुनिया में छलांग, लारा और कृतिका पर लगाया दांव

Nikkhil Advani | Making A Women Oriented Web Series With Lara Dutta And Kritika Kamra
Nikkhil advani



Women Oriented Web|Series
हिंदी सिनेमा के जाने माने फिल्म निर्माता निखिल आडवाणी ओटीटी प्लेटफॉर्म हॉटस्टार के लिए महिला केंद्रित एक वेब सीरीज का निर्माण कर रहे हैं। उनके बैनर एमी एंटरटेनमेंट के अंतर्गत बनने वाली इस वेब सीरीज को निर्देशित करने का जिम्मा गौरव के. चावला को दिया गया है। यह सीरीज राजस्थान की पृष्ठभूमि पर फिल्माई जा रही है, जिसमें अभिनेत्री लारा दत्ता (Lara dutta) और कृतिका कामरा ( kritika kamra)मुख्य भूमिका में नजर आने वाली हैं।


Entertainment News in Hindi
निर्माण के करीबी एक सूत्र ने जानकारी दी है कि इस शो की कहानी एक परिवार की चार महिलाओं के इर्द गिर्द घूमती है। सूत्र ने बताया, 'शो के निर्माताओं ने इस सीरीज का नाम 'शेखावटी' रखा है, जोकि उत्तर-पूर्वी राजस्थान में एक ग्रामीण इलाके का नाम है। इसकी कहानी 2015 में आई मराठी फिल्म 'रजवाड़े एंड संस' से मेल खाती है, जिसमें चार बहनों के संघर्ष को दर्शाया गया है। कहानी के किरदार बदलते समय के साथ अपनी खानदानी परम्पराओं को आगे बढ़ाने की कोशिश करते हैं। निखिल आडवाणी की इस वेब सीरीज की शूटिंग पहले से ही शुरू हो चुकी है। इस साल के अंत तक हॉटस्टार पर इसके रिलीज होने की संभावनाएं हैं।'


Web Series News in Hindi
सूत्रों के अनुसार इस शो में लारा दत्ता और कृतिका कामरा दो और मुख्य महिला किरदारों के साथ नजर आएंगी। उन दो मुख्य कलाकारों के बारे में अभी कोई जानकारी नहीं मिल पाई है। लारा दत्ता इससे पहले हॉटस्टार के लिए रुचि नारायण के निर्देशन में बनी वेब सीरीज '100' में काम कर चुकी हैं। वहीं कृतिका को भी अमेजॉन प्राइम वीडियो के लिए अली अब्बास जफर के निर्देशन में बनी सीरीज 'तांडव' में सैफ अली खान के साथ देखा जा चुका है। निर्देशक गौरव के पास भी एक फीचर फिल्म को निर्देशित करने का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राधिका आप्टे और सैफ अली खान की फिल्म 'बाजार' से की है। बात करें अगर निखिल आडवाणी की तो वह भी 'बॉम्बे डायरीज' और 'मोघुल्स' जैसी वेब सीरीजों को खुद के निर्माण में निर्देशित कर चुके हैं।

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

एक दिन अचानक हिंदी कहानी, Hindi Kahani Ek Din Achanak

एक दिन अचानक दीदी के पत्र ने सारे राज खोल दिए थे. अब समझ में आया क्यों दीदी ने लिखा था कि जिंदगी में कभी किसी को अपनी कठपुतली मत बनाना और न ही कभी खुद किसी की कठपुतली बनना. Hindi Kahani Ek Din Achanak लता दीदी की आत्महत्या की खबर ने मुझे अंदर तक हिला दिया था क्योंकि दीदी कायर कदापि नहीं थीं. फिर मुझे एक दिन दीदी का वह पत्र मिला जिस ने सारे राज खोल दिए और मुझे परेशानी व असमंजस में डाल दिया कि क्या दीदी की आत्महत्या को मैं यों ही व्यर्थ जाने दूं? मैं बालकनी में पड़ी कुरसी पर चुपचाप बैठा था. जाने क्यों मन उदास था, जबकि लता दीदी को गुजरे अब 1 माह से अधिक हो गया है. दीदी की याद आती है तो जैसे यादों की बरात मन के लंबे रास्ते पर निकल पड़ती है. जिस दिन यह खबर मिली कि ‘लता ने आत्महत्या कर ली,’ सहसा विश्वास ही नहीं हुआ कि यह बात सच भी हो सकती है. क्योंकि दीदी कायर कदापि नहीं थीं. शादी के बाद, उन के पहले 3-4 साल अच्छे बीते. शरद जीजाजी और दीदी दोनों भोपाल में कार्यरत थे. जीजाजी बैंक में सहायक प्रबंधक हैं. दीदी शादी के पहले से ही सूचना एवं प्रसार कार्यालय में स्टैनोग्राफर थीं. लता

Hindi Family Story Big Brother Part 1 to 3

  Hindi kahani big brother बड़े भैया-भाग 1: स्मिता अपने भाई से कौन सी बात कहने से डर रही थी जब एक दिन अचानक स्मिता ससुराल को छोड़ कर बड़े भैया के घर आ गई, तब भैया की अनुभवी आंखें सबकुछ समझ गईं. अश्विनी कुमार भटनागर बड़े भैया ने घूर कर देखा तो स्मिता सिकुड़ गई. कितनी कठिनाई से इतने दिनों तक रटा हुआ संवाद बोल पाई थी. अब बोल कर भी लग रहा था कि कुछ नहीं बोली थी. बड़े भैया से आंख मिला कर कोई बोले, ऐसा साहस घर में किसी का न था. ‘‘क्या बोला तू ने? जरा फिर से कहना,’’ बड़े भैया ने गंभीरता से कहा. ‘‘कह तो दिया एक बार,’’ स्मिता का स्वर लड़खड़ा गया. ‘‘कोई बात नहीं,’’ बड़े भैया ने संतुलित स्वर में कहा, ‘‘एक बार फिर से कह. अकसर दूसरी बार कहने से अर्थ बदल जाता है.’’ स्मिता ने नीचे देखते हुए कहा, ‘‘मुझे अनिमेष से शादी करनी है.’’ ‘‘यह अनिमेष वही है न, जो कुछ दिनों पहले यहां आया था?’’ बड़े भैया ने पूछा. ‘‘जी.’’ ‘‘और वह बंगाली है?’’ बड़े भैया ने एकएक शब्द पर जोर देते हुए पूछा. ‘‘जी,’’ स्मिता ने धीमे स्वर में उत्तर दिया. ‘‘और हम लोग, जिस में तू भी शामिल है, शुद्ध शाकाहारी हैं. वह बंगाली तो अवश्य ही

Maa Ki Shaadi मां की शादी- भाग 1: समीर अपनी बेटी को क्या बनाना चाहता था?

मां की शादी- भाग 1: समीर अपनी बेटी को क्या बनाना चाहता था? मां की शादी- भाग 1: समीर अपनी बेटी को क्या बनाना चाहता था? समीर की मृत्यु के बाद मीरा के जीवन का एकमात्र मकसद था समीरा को सुखद भविष्य देना. लेकिन मीरा नहीं जानती थी कि समीरा भी अपनी मां की खुशियों को नए पंख देना चाहती थी. संध्या समीर और मैं ने, परिवारों के विरोध के बावजूद प्रेमविवाह किया था. एकदूसरे को पा कर हम बेहद खुश थे. समीर बैंक मैनेजर थे. बेहद हंसमुख एवं मिलनसार स्वभाव के थे. मेरे हर काम में दिलचस्पी तो लेते ही थे, हर संभव मदद भी करते थे, यहां तक कि मेरे कालेज संबंधी कामों में भी पूरी मदद करते थे. कई बार तो उन के उपयोगी टिप्स से मेरे लेक्चर में नई जान आ जाती थी. शादी के 4 वर्षों बाद मैं ने प्यारी सी बिटिया को जन्म दिया. उस के नामकरण के लिए मैं ने समीरा नाम सुझाया. समीर और मीरा की समीरा. समीर प्रफुल्लित होते हुए बोले, ‘‘यार, तुम ने तो बहुत बढि़या नामकरण कर दिया. जैसे यह हम दोनों का रूप है उसी तरह इस के नाम में हम दोनों का नाम भी समाहित है.’’ समीरा को प्यार से हम सोमू पुकारते, उस के जन्म के बाद मैं ने दोनों परिवारों मे