Salman Khan | Sung His Hit Song, And Bobby Deol Riteish Deshmukh Dance Video Viral सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

Salman Khan | Sung His Hit Song, And Bobby Deol Riteish Deshmukh Dance Video Viral

सुपरस्टार सलमान खान की अगली फिल्म राधे द मोस्ट वांटेड है। खबर है कि वो घर पर ही अपनी इस फिल्म की तैयारी कर रहे हैं। कोरोना वायरस के चलते सलमान की इस फिल्म की शूटिंग टल गई है। अब सलमान घर में ही अपनी पसंदीदा चीजें कर समय का इस्तेमाल कर रहे हैं। पिछले दिनों उनकी पेंटिंग बनाते हुए तस्वीरें सामने आई थीं। हाल ही में सलमान का एक वीडियो वायरल हो रहा है।







इस वीडियो में सलमान अपना सुपरहिट गाना ओ ओ जाने जाना गाते नजर आ रहे हैं। वहीं उनके गाने पर बॉबी देओल और रितेश देशमुख थिरक रहे हैं। ये वीडियो कुछ पुराना लगता है। इसे सलमान खान के फैन क्लब पेज से इंस्टाग्राम पर शेयर किया गया है। सलमान का ये वीडियो अब वायरल हो रहा है और फैंस इसे बहुत पसंद कर रहे हैं।






ये वीडियो किसी पार्टी का लग रहा है। बॉबी और रितेश के अलावा पार्टी में पंजाबी सिंगर जस्सी और नवराज हंस भी दिख रहे हैं। पिछले दिनों सलमान ने पेंटिंग करते हुए अपना वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया था। इस वीडियो में सलमान चारकोल से पेंटिंग करते नजर आ रहे हैं। उन्होंने 2 मिनट में ही एक शानदार पेंटिंग बना दी।







पेंटिंग बनाते हुए सलमान फिल्म कहो ना प्यार है का गाना गा रहे थे। पेंटिंग में सलमान ने एक मां और बच्चे की तस्वीर बनाई। बता दें कि कोरोना की वजह से भारत में सभी फिल्मों, टीवी धारावाहिकों और वेब सीरीज की शूटिंग को बंद कर दिया गया है। वहीं सलमान अपनी फिल्म पर अपने घर से (वर्क फ्रॉम होम) काम कर रहे हैं।





सलमान ने अपने पनवेल वाले फार्म हाउस से फिल्म के पोस्ट प्रोडक्शन का काम शुरू कर दिया है। सलमान की कोशिश है कि फिल्म को तय तारीख के मुताबिक पूरा कर लिया जाए, जिससे यह दर्शकों तक समय से पहुंच सके। काम के बीच में बचाव भी जरूरी है, इसलिए सलमान ने अपने साथ बहुत छोटी टीम को लिया है।

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

एक दिन अचानक हिंदी कहानी, Hindi Kahani Ek Din Achanak

एक दिन अचानक दीदी के पत्र ने सारे राज खोल दिए थे. अब समझ में आया क्यों दीदी ने लिखा था कि जिंदगी में कभी किसी को अपनी कठपुतली मत बनाना और न ही कभी खुद किसी की कठपुतली बनना. Hindi Kahani Ek Din Achanak लता दीदी की आत्महत्या की खबर ने मुझे अंदर तक हिला दिया था क्योंकि दीदी कायर कदापि नहीं थीं. फिर मुझे एक दिन दीदी का वह पत्र मिला जिस ने सारे राज खोल दिए और मुझे परेशानी व असमंजस में डाल दिया कि क्या दीदी की आत्महत्या को मैं यों ही व्यर्थ जाने दूं? मैं बालकनी में पड़ी कुरसी पर चुपचाप बैठा था. जाने क्यों मन उदास था, जबकि लता दीदी को गुजरे अब 1 माह से अधिक हो गया है. दीदी की याद आती है तो जैसे यादों की बरात मन के लंबे रास्ते पर निकल पड़ती है. जिस दिन यह खबर मिली कि ‘लता ने आत्महत्या कर ली,’ सहसा विश्वास ही नहीं हुआ कि यह बात सच भी हो सकती है. क्योंकि दीदी कायर कदापि नहीं थीं. शादी के बाद, उन के पहले 3-4 साल अच्छे बीते. शरद जीजाजी और दीदी दोनों भोपाल में कार्यरत थे. जीजाजी बैंक में सहायक प्रबंधक हैं. दीदी शादी के पहले से ही सूचना एवं प्रसार कार्यालय में स्टैनोग्राफर थीं. लता

Hindi Family Story Big Brother Part 1 to 3

  Hindi kahani big brother बड़े भैया-भाग 1: स्मिता अपने भाई से कौन सी बात कहने से डर रही थी जब एक दिन अचानक स्मिता ससुराल को छोड़ कर बड़े भैया के घर आ गई, तब भैया की अनुभवी आंखें सबकुछ समझ गईं. अश्विनी कुमार भटनागर बड़े भैया ने घूर कर देखा तो स्मिता सिकुड़ गई. कितनी कठिनाई से इतने दिनों तक रटा हुआ संवाद बोल पाई थी. अब बोल कर भी लग रहा था कि कुछ नहीं बोली थी. बड़े भैया से आंख मिला कर कोई बोले, ऐसा साहस घर में किसी का न था. ‘‘क्या बोला तू ने? जरा फिर से कहना,’’ बड़े भैया ने गंभीरता से कहा. ‘‘कह तो दिया एक बार,’’ स्मिता का स्वर लड़खड़ा गया. ‘‘कोई बात नहीं,’’ बड़े भैया ने संतुलित स्वर में कहा, ‘‘एक बार फिर से कह. अकसर दूसरी बार कहने से अर्थ बदल जाता है.’’ स्मिता ने नीचे देखते हुए कहा, ‘‘मुझे अनिमेष से शादी करनी है.’’ ‘‘यह अनिमेष वही है न, जो कुछ दिनों पहले यहां आया था?’’ बड़े भैया ने पूछा. ‘‘जी.’’ ‘‘और वह बंगाली है?’’ बड़े भैया ने एकएक शब्द पर जोर देते हुए पूछा. ‘‘जी,’’ स्मिता ने धीमे स्वर में उत्तर दिया. ‘‘और हम लोग, जिस में तू भी शामिल है, शुद्ध शाकाहारी हैं. वह बंगाली तो अवश्य ही

Maa Ki Shaadi मां की शादी- भाग 1: समीर अपनी बेटी को क्या बनाना चाहता था?

मां की शादी- भाग 1: समीर अपनी बेटी को क्या बनाना चाहता था? मां की शादी- भाग 1: समीर अपनी बेटी को क्या बनाना चाहता था? समीर की मृत्यु के बाद मीरा के जीवन का एकमात्र मकसद था समीरा को सुखद भविष्य देना. लेकिन मीरा नहीं जानती थी कि समीरा भी अपनी मां की खुशियों को नए पंख देना चाहती थी. संध्या समीर और मैं ने, परिवारों के विरोध के बावजूद प्रेमविवाह किया था. एकदूसरे को पा कर हम बेहद खुश थे. समीर बैंक मैनेजर थे. बेहद हंसमुख एवं मिलनसार स्वभाव के थे. मेरे हर काम में दिलचस्पी तो लेते ही थे, हर संभव मदद भी करते थे, यहां तक कि मेरे कालेज संबंधी कामों में भी पूरी मदद करते थे. कई बार तो उन के उपयोगी टिप्स से मेरे लेक्चर में नई जान आ जाती थी. शादी के 4 वर्षों बाद मैं ने प्यारी सी बिटिया को जन्म दिया. उस के नामकरण के लिए मैं ने समीरा नाम सुझाया. समीर और मीरा की समीरा. समीर प्रफुल्लित होते हुए बोले, ‘‘यार, तुम ने तो बहुत बढि़या नामकरण कर दिया. जैसे यह हम दोनों का रूप है उसी तरह इस के नाम में हम दोनों का नाम भी समाहित है.’’ समीरा को प्यार से हम सोमू पुकारते, उस के जन्म के बाद मैं ने दोनों परिवारों मे