19 Tips: best hindi health late night eating causes problems 19 टिप्स: देर रात खाना खाने से होती हैं ये परेशानियां सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

19 Tips: best hindi health late night eating causes problems 19 टिप्स: देर रात खाना खाने से होती हैं ये परेशानियां

देर रात खाना खाने से होती हैं ये परेशानियां
late night eating causes problems


 19 टिप्स: देर रात खाना खाने से होती हैं ये परेशानियां
देर रात स्नैक्स खाना सेहत के लिए काफी हानिकारक होता है. उससे बहुत सी सेहत संबंधित परेशानियां होती हैं.





personal healthcare
शहरी लाइफस्टाइल में तेजी से बदलाव हो रहा है. समय की जरूरत के हिसाब से ये बदलाव सही माना जा सकता है पर हमारी सेहत पर इसका खासा बुरा असर हो रहा है. देर रात सोना, देर से जगना, हमारी सेहत के लिए सही नहीं है. चूंकि देर रात में जागना अब लोगों की जरूरत बन चुकी है, इस दौरान वो कुछ ना कुछ खाते रहते हैं. इसमें स्नैक्स शामिल हैं. देर रात स्नैक्स खाना सेहत के लिए काफी हानिकारक होता है. उससे बहुत सी सेहत संबंधित परेशानियां होती हैं.



health tips in hindi
इस खबर में हम आपको देर रात स्नैक्स या खाना खाने के नुकसान के बारे में बताएंगे.
तो आइए शुरू करें.



बढ़ता है वजन
देर रात में खाने से शरीर की सरकेडियन क्लौक भी प्रभावित होती है. सरकेडियन क्लौक के नींद में बाधा आती है इसके साथ ही हार्मोंस भी बुरी तरह से प्रभावित होते हैं. इससे लोगों का वजन बढ़ता है. दिन की तुलना में रात में शरीर का मेटाबौलिज्म कमजोर रहता है जिसके कारण रात में अधिक मात्रा में कैलोरी बर्न नहीं हो पाती.

बढ़ता है ब्लड प्रेशर
अनहेल्दी खानपान से लाइफस्टाइल पर बुरा असर होता है. इससे दिल की कई बीमारियों के होने का खतरा अधिक होता है. कई जानकारों की माने तो देर रात खाना खाने से ब्लड प्रेशर के साथ साथ ब्लड शुगर लेवल भी अधिक होता है. लोगों के लिए ये बेहद खतरनाक होता है.
late night eating causes problems

सोने में होती है परेशानी
देर रात में खाने से व्यक्ति की स्लीप साइकल डिस्टर्ब होती है. 2015 में सामने आई एक रिपोर्ट की माने तो देर रात स्नैक्स का सेवन करने से नींद में तो बाधा आती ही है साथ ही गैस्ट्रिक समस्या होने पर सोते समय बुरे सपने भी आते हैं.

खराब होता है डाइजेशन
अगर आपको पेट की समस्याएं है तो आपको अपने खानपान से समय में परिवर्तन करना चाहिए. अगर आप देर रात खाना खाते हैं तो खाने के पाचन में परेशानी हो सकती है. इस कारण लोगों को गैस की परेशानी होती है. यही कारण है कि लोगों को खाने के बाद टहलने की सलाह दी जाती है.
late night eating

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

एक दिन अचानक हिंदी कहानी, Hindi Kahani Ek Din Achanak

एक दिन अचानक दीदी के पत्र ने सारे राज खोल दिए थे. अब समझ में आया क्यों दीदी ने लिखा था कि जिंदगी में कभी किसी को अपनी कठपुतली मत बनाना और न ही कभी खुद किसी की कठपुतली बनना. Hindi Kahani Ek Din Achanak लता दीदी की आत्महत्या की खबर ने मुझे अंदर तक हिला दिया था क्योंकि दीदी कायर कदापि नहीं थीं. फिर मुझे एक दिन दीदी का वह पत्र मिला जिस ने सारे राज खोल दिए और मुझे परेशानी व असमंजस में डाल दिया कि क्या दीदी की आत्महत्या को मैं यों ही व्यर्थ जाने दूं? मैं बालकनी में पड़ी कुरसी पर चुपचाप बैठा था. जाने क्यों मन उदास था, जबकि लता दीदी को गुजरे अब 1 माह से अधिक हो गया है. दीदी की याद आती है तो जैसे यादों की बरात मन के लंबे रास्ते पर निकल पड़ती है. जिस दिन यह खबर मिली कि ‘लता ने आत्महत्या कर ली,’ सहसा विश्वास ही नहीं हुआ कि यह बात सच भी हो सकती है. क्योंकि दीदी कायर कदापि नहीं थीं. शादी के बाद, उन के पहले 3-4 साल अच्छे बीते. शरद जीजाजी और दीदी दोनों भोपाल में कार्यरत थे. जीजाजी बैंक में सहायक प्रबंधक हैं. दीदी शादी के पहले से ही सूचना एवं प्रसार कार्यालय में स्टैनोग्राफर थीं. लता

Hindi Family Story Big Brother Part 1 to 3

  Hindi kahani big brother बड़े भैया-भाग 1: स्मिता अपने भाई से कौन सी बात कहने से डर रही थी जब एक दिन अचानक स्मिता ससुराल को छोड़ कर बड़े भैया के घर आ गई, तब भैया की अनुभवी आंखें सबकुछ समझ गईं. अश्विनी कुमार भटनागर बड़े भैया ने घूर कर देखा तो स्मिता सिकुड़ गई. कितनी कठिनाई से इतने दिनों तक रटा हुआ संवाद बोल पाई थी. अब बोल कर भी लग रहा था कि कुछ नहीं बोली थी. बड़े भैया से आंख मिला कर कोई बोले, ऐसा साहस घर में किसी का न था. ‘‘क्या बोला तू ने? जरा फिर से कहना,’’ बड़े भैया ने गंभीरता से कहा. ‘‘कह तो दिया एक बार,’’ स्मिता का स्वर लड़खड़ा गया. ‘‘कोई बात नहीं,’’ बड़े भैया ने संतुलित स्वर में कहा, ‘‘एक बार फिर से कह. अकसर दूसरी बार कहने से अर्थ बदल जाता है.’’ स्मिता ने नीचे देखते हुए कहा, ‘‘मुझे अनिमेष से शादी करनी है.’’ ‘‘यह अनिमेष वही है न, जो कुछ दिनों पहले यहां आया था?’’ बड़े भैया ने पूछा. ‘‘जी.’’ ‘‘और वह बंगाली है?’’ बड़े भैया ने एकएक शब्द पर जोर देते हुए पूछा. ‘‘जी,’’ स्मिता ने धीमे स्वर में उत्तर दिया. ‘‘और हम लोग, जिस में तू भी शामिल है, शुद्ध शाकाहारी हैं. वह बंगाली तो अवश्य ही

Maa Ki Shaadi मां की शादी- भाग 1: समीर अपनी बेटी को क्या बनाना चाहता था?

मां की शादी- भाग 1: समीर अपनी बेटी को क्या बनाना चाहता था? मां की शादी- भाग 1: समीर अपनी बेटी को क्या बनाना चाहता था? समीर की मृत्यु के बाद मीरा के जीवन का एकमात्र मकसद था समीरा को सुखद भविष्य देना. लेकिन मीरा नहीं जानती थी कि समीरा भी अपनी मां की खुशियों को नए पंख देना चाहती थी. संध्या समीर और मैं ने, परिवारों के विरोध के बावजूद प्रेमविवाह किया था. एकदूसरे को पा कर हम बेहद खुश थे. समीर बैंक मैनेजर थे. बेहद हंसमुख एवं मिलनसार स्वभाव के थे. मेरे हर काम में दिलचस्पी तो लेते ही थे, हर संभव मदद भी करते थे, यहां तक कि मेरे कालेज संबंधी कामों में भी पूरी मदद करते थे. कई बार तो उन के उपयोगी टिप्स से मेरे लेक्चर में नई जान आ जाती थी. शादी के 4 वर्षों बाद मैं ने प्यारी सी बिटिया को जन्म दिया. उस के नामकरण के लिए मैं ने समीरा नाम सुझाया. समीर और मीरा की समीरा. समीर प्रफुल्लित होते हुए बोले, ‘‘यार, तुम ने तो बहुत बढि़या नामकरण कर दिया. जैसे यह हम दोनों का रूप है उसी तरह इस के नाम में हम दोनों का नाम भी समाहित है.’’ समीरा को प्यार से हम सोमू पुकारते, उस के जन्म के बाद मैं ने दोनों परिवारों मे