Jio's great offer, users will get additional 2GB data for free Jio का शानदार ऑफर, यूजर्स को मुफ्त में मिलेगा अतिरिक्त 2GB डाटा सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

Jio's great offer, users will get additional 2GB data for free Jio का शानदार ऑफर, यूजर्स को मुफ्त में मिलेगा अतिरिक्त 2GB डाटा


Jio का शानदार ऑफर, यूजर्स को मुफ्त में मिलेगा अतिरिक्त 2GB डाटा







दिग्गज टेलीकॉम कंपनी रिलायंस जियो (Relaince Jio) अपने उपभोक्ताओं को फायदा पहुंचाने के लिए लगातार नए-नए प्लान पेश करती आई है। अब इस कड़ी में कंपनी ने दोबारा 'Jio Data Pack' को लॉन्च किया है। इस पैक के तहत उपभोक्ताओं को मुफ्त में चार दिन के लिए रोजाना 2 जीबी डाटा अतिरिक्त मिलेगा। आपको बता दें कि कंपनी ने इस पैक को पहली बार मार्च 2020 की शुरुआत में लॉन्च किया था और इसे महीने के आखिर तक यूजर्स के अकाउंट में क्रेडिट करना भी शुरू कर दिया था।



Jio Data Pack की जानकारी मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, जियो ने 27 अप्रैल से अपने यूजर्स को जियो डाटा पैक देना शुरू किया था। यूजर्स को इस पैक में चार दिनों की वैधता के साथ प्रतिदिन 2 जीबी डाटा मिला है। खास बात यह है कि इसके लिए यूजर्स को किसी तरह का शुल्क नहीं देना पड़ा है।




माय जियो एप में ऑफर को चेक करें
गौरतलब है कि कंपनी ने इस प्लान को सिर्फ चुनिंदा यूजर्स के लिए पेश किया है। ऐसे में यूजर्स का चुनाव रैंडम तरीके से किया जा रहा है। अगर आप भी इस ऑफर को पाना चाहते हैं, तो आपको इसके लिए माय जियो एप में जाकर डाटा पैक की उपलब्धता को चेक करना होगा।




कंपनी ने 2017 में ऐसा ही ऑफर किया था पेश
आपको बता दें कि जियो ने 2017 में ऐनिवर्सरी सेलिब्रेशन पैक के नाम से एक प्लान पेश किया था। यूजर्स को इस प्लान में फ्री 2 जीबी डाटा मिला था। हालांकि, इस प्लान में तीन महीने तक यूजर्स को अतिरिक्त 8 जीबी डाटा तक का भी फायदा दिया गया था।




रिलायंस जियो का 249 रुपये वाला प्लान
यूजर्स को इस प्लान में 100 एसएमएस के साथ 2 जीबी डाटा प्रतिदिन मिलेगा। इसके साथ ही कंपनी यूजर्स को 1,000 नॉन-जियो मिनट देगी। इसके अलावा यूजर्स मुफ्त में प्रीमियम एप्स इस्तेमाल कर पाएंगे। वहीं, इस पैक की वैधता 28 दिनों की है।

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

एक दिन अचानक हिंदी कहानी, Hindi Kahani Ek Din Achanak

एक दिन अचानक दीदी के पत्र ने सारे राज खोल दिए थे. अब समझ में आया क्यों दीदी ने लिखा था कि जिंदगी में कभी किसी को अपनी कठपुतली मत बनाना और न ही कभी खुद किसी की कठपुतली बनना. Hindi Kahani Ek Din Achanak लता दीदी की आत्महत्या की खबर ने मुझे अंदर तक हिला दिया था क्योंकि दीदी कायर कदापि नहीं थीं. फिर मुझे एक दिन दीदी का वह पत्र मिला जिस ने सारे राज खोल दिए और मुझे परेशानी व असमंजस में डाल दिया कि क्या दीदी की आत्महत्या को मैं यों ही व्यर्थ जाने दूं? मैं बालकनी में पड़ी कुरसी पर चुपचाप बैठा था. जाने क्यों मन उदास था, जबकि लता दीदी को गुजरे अब 1 माह से अधिक हो गया है. दीदी की याद आती है तो जैसे यादों की बरात मन के लंबे रास्ते पर निकल पड़ती है. जिस दिन यह खबर मिली कि ‘लता ने आत्महत्या कर ली,’ सहसा विश्वास ही नहीं हुआ कि यह बात सच भी हो सकती है. क्योंकि दीदी कायर कदापि नहीं थीं. शादी के बाद, उन के पहले 3-4 साल अच्छे बीते. शरद जीजाजी और दीदी दोनों भोपाल में कार्यरत थे. जीजाजी बैंक में सहायक प्रबंधक हैं. दीदी शादी के पहले से ही सूचना एवं प्रसार कार्यालय में स्टैनोग्राफर थीं. लता

Hindi Family Story Big Brother Part 1 to 3

  Hindi kahani big brother बड़े भैया-भाग 1: स्मिता अपने भाई से कौन सी बात कहने से डर रही थी जब एक दिन अचानक स्मिता ससुराल को छोड़ कर बड़े भैया के घर आ गई, तब भैया की अनुभवी आंखें सबकुछ समझ गईं. अश्विनी कुमार भटनागर बड़े भैया ने घूर कर देखा तो स्मिता सिकुड़ गई. कितनी कठिनाई से इतने दिनों तक रटा हुआ संवाद बोल पाई थी. अब बोल कर भी लग रहा था कि कुछ नहीं बोली थी. बड़े भैया से आंख मिला कर कोई बोले, ऐसा साहस घर में किसी का न था. ‘‘क्या बोला तू ने? जरा फिर से कहना,’’ बड़े भैया ने गंभीरता से कहा. ‘‘कह तो दिया एक बार,’’ स्मिता का स्वर लड़खड़ा गया. ‘‘कोई बात नहीं,’’ बड़े भैया ने संतुलित स्वर में कहा, ‘‘एक बार फिर से कह. अकसर दूसरी बार कहने से अर्थ बदल जाता है.’’ स्मिता ने नीचे देखते हुए कहा, ‘‘मुझे अनिमेष से शादी करनी है.’’ ‘‘यह अनिमेष वही है न, जो कुछ दिनों पहले यहां आया था?’’ बड़े भैया ने पूछा. ‘‘जी.’’ ‘‘और वह बंगाली है?’’ बड़े भैया ने एकएक शब्द पर जोर देते हुए पूछा. ‘‘जी,’’ स्मिता ने धीमे स्वर में उत्तर दिया. ‘‘और हम लोग, जिस में तू भी शामिल है, शुद्ध शाकाहारी हैं. वह बंगाली तो अवश्य ही

Maa Ki Shaadi मां की शादी- भाग 1: समीर अपनी बेटी को क्या बनाना चाहता था?

मां की शादी- भाग 1: समीर अपनी बेटी को क्या बनाना चाहता था? मां की शादी- भाग 1: समीर अपनी बेटी को क्या बनाना चाहता था? समीर की मृत्यु के बाद मीरा के जीवन का एकमात्र मकसद था समीरा को सुखद भविष्य देना. लेकिन मीरा नहीं जानती थी कि समीरा भी अपनी मां की खुशियों को नए पंख देना चाहती थी. संध्या समीर और मैं ने, परिवारों के विरोध के बावजूद प्रेमविवाह किया था. एकदूसरे को पा कर हम बेहद खुश थे. समीर बैंक मैनेजर थे. बेहद हंसमुख एवं मिलनसार स्वभाव के थे. मेरे हर काम में दिलचस्पी तो लेते ही थे, हर संभव मदद भी करते थे, यहां तक कि मेरे कालेज संबंधी कामों में भी पूरी मदद करते थे. कई बार तो उन के उपयोगी टिप्स से मेरे लेक्चर में नई जान आ जाती थी. शादी के 4 वर्षों बाद मैं ने प्यारी सी बिटिया को जन्म दिया. उस के नामकरण के लिए मैं ने समीरा नाम सुझाया. समीर और मीरा की समीरा. समीर प्रफुल्लित होते हुए बोले, ‘‘यार, तुम ने तो बहुत बढि़या नामकरण कर दिया. जैसे यह हम दोनों का रूप है उसी तरह इस के नाम में हम दोनों का नाम भी समाहित है.’’ समीरा को प्यार से हम सोमू पुकारते, उस के जन्म के बाद मैं ने दोनों परिवारों मे