Lenovo A7 Smartphone Launched Know Price and Offer सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

Lenovo A7 Smartphone Launched Know Price and Offer


Lenovo A7 Smartphone Launched Know Price  and Offer
Lenovo A7 Smartphone Launched Know Price  and Offer 

Lenovo A7 दो कैमरे के साथ हुआ लॉन्च,  





टेक कंपनी लेनोवो ने ए सीरीज के लेटेस्ट स्मार्टफोन ए7 (Lenovo A7) को चीन में लॉन्च कर दिया है। इस फोन में वॉटरड्रॉप नॉच डिस्प्ले, 4,000 एमएएच की बैटरी और शानदार कैमरे का सपोर्ट दिया गया है। वहीं, कंपनी ने दावा किया है कि इस स्मार्टफोन की बैटरी यूजर्स को 416 घंटे का बैटरी बैकअप देगी। उम्मीद की जा रही हैं कि कंपनी जल्द लेनोवो ए7 स्मार्टफोन को भारत समेत अन्य देशों में पेश करेगी।

Lenovo A7 की स्पेसिफिकेशन
स्पेसिफिकेशन की बात करें तो कंपनी ने इस फोन में 6.09 इंच का डिस्प्ले दिया है, जिसका रिजॉल्यूशन 720X1560 पिक्सल है। साथ ही इस फोन में स्मूथ वर्किंग के लिए Unisoc SC9863 प्रोसेसर दिया गया है। हालांकि, अभी तक रैम और स्टोरेज की जानकारी नहीं दी गई है। वहीं, यह स्मार्टफोन लेटेस्ट एंड्रॉयड ऑपरेटिंग सिस्टम पर काम करता है।

Lenovo A7 का कैमरा
यूजर्स को इस फोन के रियर पैनल में 13 मेगापिक्सल का प्राइमरी लेंस और 2 मेगापिक्सल का डेप्थ सेंसर मिला है। वहीं, दूसरी तरफ कंपनी ने इस फोन के फ्रंट में 5 मेगापिक्सल का सेल्फी कैमरा दिया है।

Lenovo A7 की बैटरी 
कनेक्टिविटी के लिहाज से कंपनी ने इस फोन में डुअल सिम स्लॉट, वाई-फाई, जीपीएस, हेडफोन जैक और यूएसबी पोर्ट जैसे फीचर्स दिए हैं। इसके अलावा इसमें 4,000 एमएएच की बैटरी दी गई है।

Lenovo A7 की कीमत
कंपनी ने अब तक लेनोवो ए7 स्मार्टफोन की कीमत का एलान नहीं किया है। लेकिन कुछ मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इस स्मार्टफोन की कीमत 10,000 रुपये के आसपास होगी।

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

एक दिन अचानक हिंदी कहानी, Hindi Kahani Ek Din Achanak

एक दिन अचानक दीदी के पत्र ने सारे राज खोल दिए थे. अब समझ में आया क्यों दीदी ने लिखा था कि जिंदगी में कभी किसी को अपनी कठपुतली मत बनाना और न ही कभी खुद किसी की कठपुतली बनना. Hindi Kahani Ek Din Achanak लता दीदी की आत्महत्या की खबर ने मुझे अंदर तक हिला दिया था क्योंकि दीदी कायर कदापि नहीं थीं. फिर मुझे एक दिन दीदी का वह पत्र मिला जिस ने सारे राज खोल दिए और मुझे परेशानी व असमंजस में डाल दिया कि क्या दीदी की आत्महत्या को मैं यों ही व्यर्थ जाने दूं? मैं बालकनी में पड़ी कुरसी पर चुपचाप बैठा था. जाने क्यों मन उदास था, जबकि लता दीदी को गुजरे अब 1 माह से अधिक हो गया है. दीदी की याद आती है तो जैसे यादों की बरात मन के लंबे रास्ते पर निकल पड़ती है. जिस दिन यह खबर मिली कि ‘लता ने आत्महत्या कर ली,’ सहसा विश्वास ही नहीं हुआ कि यह बात सच भी हो सकती है. क्योंकि दीदी कायर कदापि नहीं थीं. शादी के बाद, उन के पहले 3-4 साल अच्छे बीते. शरद जीजाजी और दीदी दोनों भोपाल में कार्यरत थे. जीजाजी बैंक में सहायक प्रबंधक हैं. दीदी शादी के पहले से ही सूचना एवं प्रसार कार्यालय में स्टैनोग्राफर थीं. लता

Hindi Family Story Big Brother Part 1 to 3

  Hindi kahani big brother बड़े भैया-भाग 1: स्मिता अपने भाई से कौन सी बात कहने से डर रही थी जब एक दिन अचानक स्मिता ससुराल को छोड़ कर बड़े भैया के घर आ गई, तब भैया की अनुभवी आंखें सबकुछ समझ गईं. अश्विनी कुमार भटनागर बड़े भैया ने घूर कर देखा तो स्मिता सिकुड़ गई. कितनी कठिनाई से इतने दिनों तक रटा हुआ संवाद बोल पाई थी. अब बोल कर भी लग रहा था कि कुछ नहीं बोली थी. बड़े भैया से आंख मिला कर कोई बोले, ऐसा साहस घर में किसी का न था. ‘‘क्या बोला तू ने? जरा फिर से कहना,’’ बड़े भैया ने गंभीरता से कहा. ‘‘कह तो दिया एक बार,’’ स्मिता का स्वर लड़खड़ा गया. ‘‘कोई बात नहीं,’’ बड़े भैया ने संतुलित स्वर में कहा, ‘‘एक बार फिर से कह. अकसर दूसरी बार कहने से अर्थ बदल जाता है.’’ स्मिता ने नीचे देखते हुए कहा, ‘‘मुझे अनिमेष से शादी करनी है.’’ ‘‘यह अनिमेष वही है न, जो कुछ दिनों पहले यहां आया था?’’ बड़े भैया ने पूछा. ‘‘जी.’’ ‘‘और वह बंगाली है?’’ बड़े भैया ने एकएक शब्द पर जोर देते हुए पूछा. ‘‘जी,’’ स्मिता ने धीमे स्वर में उत्तर दिया. ‘‘और हम लोग, जिस में तू भी शामिल है, शुद्ध शाकाहारी हैं. वह बंगाली तो अवश्य ही

Maa Ki Shaadi मां की शादी- भाग 1: समीर अपनी बेटी को क्या बनाना चाहता था?

मां की शादी- भाग 1: समीर अपनी बेटी को क्या बनाना चाहता था? मां की शादी- भाग 1: समीर अपनी बेटी को क्या बनाना चाहता था? समीर की मृत्यु के बाद मीरा के जीवन का एकमात्र मकसद था समीरा को सुखद भविष्य देना. लेकिन मीरा नहीं जानती थी कि समीरा भी अपनी मां की खुशियों को नए पंख देना चाहती थी. संध्या समीर और मैं ने, परिवारों के विरोध के बावजूद प्रेमविवाह किया था. एकदूसरे को पा कर हम बेहद खुश थे. समीर बैंक मैनेजर थे. बेहद हंसमुख एवं मिलनसार स्वभाव के थे. मेरे हर काम में दिलचस्पी तो लेते ही थे, हर संभव मदद भी करते थे, यहां तक कि मेरे कालेज संबंधी कामों में भी पूरी मदद करते थे. कई बार तो उन के उपयोगी टिप्स से मेरे लेक्चर में नई जान आ जाती थी. शादी के 4 वर्षों बाद मैं ने प्यारी सी बिटिया को जन्म दिया. उस के नामकरण के लिए मैं ने समीरा नाम सुझाया. समीर और मीरा की समीरा. समीर प्रफुल्लित होते हुए बोले, ‘‘यार, तुम ने तो बहुत बढि़या नामकरण कर दिया. जैसे यह हम दोनों का रूप है उसी तरह इस के नाम में हम दोनों का नाम भी समाहित है.’’ समीरा को प्यार से हम सोमू पुकारते, उस के जन्म के बाद मैं ने दोनों परिवारों मे