Sonakshi Sinha Is Fed Up Of Internet Water Army सोनाक्षी ने वाटरआर्मी की वजह से किया सोशल मीडिया सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

Sonakshi Sinha Is Fed Up Of Internet Water Army सोनाक्षी ने वाटरआर्मी की वजह से किया सोशल मीडिया

Sonakshi Sinha Is Fed Up Of Internet Water Army  सोनाक्षी ने वाटरआर्मी की वजह से किया सोशल मीडिया 


सोनाक्षी ने वाटरआर्मी की वजह से किया सोशल मीडिया से दूर रहने का एलान, बोलीं- 'फोन ही सब कुछ नहीं'



कोरोना काल में एकदम से सक्रिय हुईं मुंबई शहर की वाटरआर्मी से फिल्मी सितारे खासकर अभिनेत्रियां तंग आ गई हैं। देवोलीना भट्टाचार्जी ने तो बाकायदा इसके खिलाफ पुलिस में शिकायत कर दी है। वहीं अभिनेत्री सोनाक्षी सिन्हा ने इसके चलते सोशल मीडिया से दूर रहने का फैसला किया है। गौरतलब है कि इन दिनों फिल्म जगत के मशहूर सितारों के खेमों के लोग एक दूसरे पर निशाना साधने के लिए इन वाटरआर्मी की मदद ले रहे हैं।



दान बताने की बात नहीं
मशहूर अभिनेता अमिताभ बच्चन की तरह ही सोनाक्षी का भी ये मानना है कि दान और मदद करने का अपना-अपना तरीका होता है। कोई सार्वजनिक तौर पर इसकी जानकारी साझा करता है ताकि कुछ और लोगों को प्रेरित कर सकें। हालांकि वह दान करने के बाद इसके बारे में दूसरों को अवगत कराने में विश्वास नहीं करती हैं।




फेक कंटेंट की भरमार
सोनाक्षी सिन्हा कहती हैं, 'वक्त बहुत ही तेजी से बदल गया है। मुझे लगता है कि फोन को इस्तेमाल करने में अधिक समय नहीं देना चाहिए। सोशल मीडिया पर बहुत सी चीजें जो साझा की जाती हैं या फिर जिनपर प्रतिक्रिया दी जाती हैं वह फेक होती हैं। अब समय आ गया है कि हमें मानसिक तौर पर इससे दूरी बनाए रखें। जिदंगी में फोन के अलावा भी करने के लिए बहुत कुछ है।'




क्या है वाटरआर्मी
सोशल मीडिया पर फेक अकाउंट बनाकर मशहूर लोगों को निशाना बनाने वालों की मंडली जब साजिशन काम करती है तो वह वाटरआर्मी कहलाती है। इन लोगों का कोई चेहरा नहीं होता और चूंकि ये पैसा लेकर किसी के भी समर्थक या विरोधी बन सकते हैं, इसलिए इनका नाम पड़ा वाटरआर्मी। ऐसी वाटर आर्मी से सोनाक्षी सिन्हा सहित कई सितारे परेशान हैं।



वैसे बात अभिनेत्री के फिल्मी करियर की करें तो फिल्म दबंग में सलमान खान के साथ सोनाक्षी सिन्हा  ने अपना बॉलीवुड डेब्यू किया था। फिल्म के साथ ही साथ सोनाक्षी भी दर्शकों को काफी पसंद आई थीं। उसके बाद सोनाक्षी कई हिट फिल्मों का हिस्सा रहीं, हालांकि पिछले कुछ वक्त से सोनाक्षी के खाते में कोई हिट फिल्म नहीं आई है।

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

एक दिन अचानक हिंदी कहानी, Hindi Kahani Ek Din Achanak

एक दिन अचानक दीदी के पत्र ने सारे राज खोल दिए थे. अब समझ में आया क्यों दीदी ने लिखा था कि जिंदगी में कभी किसी को अपनी कठपुतली मत बनाना और न ही कभी खुद किसी की कठपुतली बनना. Hindi Kahani Ek Din Achanak लता दीदी की आत्महत्या की खबर ने मुझे अंदर तक हिला दिया था क्योंकि दीदी कायर कदापि नहीं थीं. फिर मुझे एक दिन दीदी का वह पत्र मिला जिस ने सारे राज खोल दिए और मुझे परेशानी व असमंजस में डाल दिया कि क्या दीदी की आत्महत्या को मैं यों ही व्यर्थ जाने दूं? मैं बालकनी में पड़ी कुरसी पर चुपचाप बैठा था. जाने क्यों मन उदास था, जबकि लता दीदी को गुजरे अब 1 माह से अधिक हो गया है. दीदी की याद आती है तो जैसे यादों की बरात मन के लंबे रास्ते पर निकल पड़ती है. जिस दिन यह खबर मिली कि ‘लता ने आत्महत्या कर ली,’ सहसा विश्वास ही नहीं हुआ कि यह बात सच भी हो सकती है. क्योंकि दीदी कायर कदापि नहीं थीं. शादी के बाद, उन के पहले 3-4 साल अच्छे बीते. शरद जीजाजी और दीदी दोनों भोपाल में कार्यरत थे. जीजाजी बैंक में सहायक प्रबंधक हैं. दीदी शादी के पहले से ही सूचना एवं प्रसार कार्यालय में स्टैनोग्राफर थीं. लता

Hindi Family Story Big Brother Part 1 to 3

  Hindi kahani big brother बड़े भैया-भाग 1: स्मिता अपने भाई से कौन सी बात कहने से डर रही थी जब एक दिन अचानक स्मिता ससुराल को छोड़ कर बड़े भैया के घर आ गई, तब भैया की अनुभवी आंखें सबकुछ समझ गईं. अश्विनी कुमार भटनागर बड़े भैया ने घूर कर देखा तो स्मिता सिकुड़ गई. कितनी कठिनाई से इतने दिनों तक रटा हुआ संवाद बोल पाई थी. अब बोल कर भी लग रहा था कि कुछ नहीं बोली थी. बड़े भैया से आंख मिला कर कोई बोले, ऐसा साहस घर में किसी का न था. ‘‘क्या बोला तू ने? जरा फिर से कहना,’’ बड़े भैया ने गंभीरता से कहा. ‘‘कह तो दिया एक बार,’’ स्मिता का स्वर लड़खड़ा गया. ‘‘कोई बात नहीं,’’ बड़े भैया ने संतुलित स्वर में कहा, ‘‘एक बार फिर से कह. अकसर दूसरी बार कहने से अर्थ बदल जाता है.’’ स्मिता ने नीचे देखते हुए कहा, ‘‘मुझे अनिमेष से शादी करनी है.’’ ‘‘यह अनिमेष वही है न, जो कुछ दिनों पहले यहां आया था?’’ बड़े भैया ने पूछा. ‘‘जी.’’ ‘‘और वह बंगाली है?’’ बड़े भैया ने एकएक शब्द पर जोर देते हुए पूछा. ‘‘जी,’’ स्मिता ने धीमे स्वर में उत्तर दिया. ‘‘और हम लोग, जिस में तू भी शामिल है, शुद्ध शाकाहारी हैं. वह बंगाली तो अवश्य ही

Maa Ki Shaadi मां की शादी- भाग 1: समीर अपनी बेटी को क्या बनाना चाहता था?

मां की शादी- भाग 1: समीर अपनी बेटी को क्या बनाना चाहता था? मां की शादी- भाग 1: समीर अपनी बेटी को क्या बनाना चाहता था? समीर की मृत्यु के बाद मीरा के जीवन का एकमात्र मकसद था समीरा को सुखद भविष्य देना. लेकिन मीरा नहीं जानती थी कि समीरा भी अपनी मां की खुशियों को नए पंख देना चाहती थी. संध्या समीर और मैं ने, परिवारों के विरोध के बावजूद प्रेमविवाह किया था. एकदूसरे को पा कर हम बेहद खुश थे. समीर बैंक मैनेजर थे. बेहद हंसमुख एवं मिलनसार स्वभाव के थे. मेरे हर काम में दिलचस्पी तो लेते ही थे, हर संभव मदद भी करते थे, यहां तक कि मेरे कालेज संबंधी कामों में भी पूरी मदद करते थे. कई बार तो उन के उपयोगी टिप्स से मेरे लेक्चर में नई जान आ जाती थी. शादी के 4 वर्षों बाद मैं ने प्यारी सी बिटिया को जन्म दिया. उस के नामकरण के लिए मैं ने समीरा नाम सुझाया. समीर और मीरा की समीरा. समीर प्रफुल्लित होते हुए बोले, ‘‘यार, तुम ने तो बहुत बढि़या नामकरण कर दिया. जैसे यह हम दोनों का रूप है उसी तरह इस के नाम में हम दोनों का नाम भी समाहित है.’’ समीरा को प्यार से हम सोमू पुकारते, उस के जन्म के बाद मैं ने दोनों परिवारों मे