The User Aske | How Much Did You Give In PM Funds Shahrukh Khan Gave सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

The User Aske | How Much Did You Give In PM Funds Shahrukh Khan Gave

PM Funds Shahrukh Khan Gave
PM Funds Shahrukh Khan Gave    


ट्विटर पर यूजर ने पूछा- सही बताना कितना दिया पीएम फंड में? शाहरुख ने दिया ये जवाब




किंग ऑफ रोमांस के नाम से मशहूर अभिनेता शाहरुख खान के चर्चे पूरी दुनिया में होते हैं। भले ही वो कुछ समय से फिल्मों में न दिखाई दिए हों लेकिन कहीं से भी उनकी लोकप्रियता में कोई कमी नहीं आई है। शाहरुख एक्टिंग के अलावा अपनी दरियादिली और हाजिर जवाबी के लिए भी मशहूर है। अक्सर वो सोशल मीडिया के जरिए अपने फैंस से संवाद करते हैं। हाल ही में एक बार फिर उन्होंने  ट्विटर पर #AskSRK सेशन रखा, इस दौरान फैंस ने उनसे कई अजीबोगरीब सवाल पूछे।






फैंस के सवालों पर शाहरुख ने मजेदार तरीके से उनका जवाब दिया। इन सवालों के बीच एक यूजर ने शाहरुख से उनके डोनेशन के बारे में सवाल पूछा। यूजर ने लिखा- 'शाहरुख सर सही बताना कितना दिया पीएम फंड में?' शाहरुख ने जवाब में लिखा- 'सच में...खजांची है क्या?'




एक फैन ने शाहरुख खान से कोरोना पर बनाए सलमान खान के गाने के बारे में भी पूछा। उसने लिखा, 'सलमान खान ने अपना नया गाना करोना ना रिलीज किया है। इस गाने को खुद सलमान ने ही गाया है। क्या आपने वो गाना सुना?' शाहरुख ने जवाब दिया-  'भाई कमाल का सिंगल और सिंगर है।'






एक और यूजर ने पूछा- 'हमारी फिल्म इंडस्ट्री पर कोरोना वायरस के प्रभाव को कैसे देखते हैं? क्या आपको लगता है कि लॉकडाउन खत्म होने के बाद एक अलग दुनिया होगी?' जवाब में शाहरुख ने लिखा- 'मुझे लगता है कि हम सभी को पॉज दबाना होगा...फिर रिसेट करें और तब प्ले करके दुनिया को आगे बढ़ाएं।'






एक फैन पूछा- सर आप को इतने लोग भला बुरा कहते है फिर भी आप ऐसे कूलमाइंड से उनको कैसे  सह लेते हो? इसके जवाब शाहरुख ने बहुत ही होशियारी के साथ दिया। उन्होंने लिखा- 'बापू जी ने सिखाया था..बुरा मत देखो, ना सुनो, ना कहो । उसी का पालन करता हूं आज तक।'







बता दें कि शाहरुख खान इन दिनों कोरोना वायरस से जंग में खुलकर देश की मदद कर रहे हैं। उन्होंने पीएम केयर फंड के अलावा और कई संस्थाओं में आर्थिक सहायता दी है। इसके साथ ही 25000 PPE किट और रोटी बैंक के लिए शाहरुख ने मदद दी है। साथ ही सड़क पर घूमने वाले जानवरों को लेकर भी उन्होंने लोगों से खाना खिलाने और उनका ख्याल रखने की अपील की है।


इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

एक दिन अचानक हिंदी कहानी, Hindi Kahani Ek Din Achanak

एक दिन अचानक दीदी के पत्र ने सारे राज खोल दिए थे. अब समझ में आया क्यों दीदी ने लिखा था कि जिंदगी में कभी किसी को अपनी कठपुतली मत बनाना और न ही कभी खुद किसी की कठपुतली बनना. Hindi Kahani Ek Din Achanak लता दीदी की आत्महत्या की खबर ने मुझे अंदर तक हिला दिया था क्योंकि दीदी कायर कदापि नहीं थीं. फिर मुझे एक दिन दीदी का वह पत्र मिला जिस ने सारे राज खोल दिए और मुझे परेशानी व असमंजस में डाल दिया कि क्या दीदी की आत्महत्या को मैं यों ही व्यर्थ जाने दूं? मैं बालकनी में पड़ी कुरसी पर चुपचाप बैठा था. जाने क्यों मन उदास था, जबकि लता दीदी को गुजरे अब 1 माह से अधिक हो गया है. दीदी की याद आती है तो जैसे यादों की बरात मन के लंबे रास्ते पर निकल पड़ती है. जिस दिन यह खबर मिली कि ‘लता ने आत्महत्या कर ली,’ सहसा विश्वास ही नहीं हुआ कि यह बात सच भी हो सकती है. क्योंकि दीदी कायर कदापि नहीं थीं. शादी के बाद, उन के पहले 3-4 साल अच्छे बीते. शरद जीजाजी और दीदी दोनों भोपाल में कार्यरत थे. जीजाजी बैंक में सहायक प्रबंधक हैं. दीदी शादी के पहले से ही सूचना एवं प्रसार कार्यालय में स्टैनोग्राफर थीं. लता

Hindi Family Story Big Brother Part 1 to 3

  Hindi kahani big brother बड़े भैया-भाग 1: स्मिता अपने भाई से कौन सी बात कहने से डर रही थी जब एक दिन अचानक स्मिता ससुराल को छोड़ कर बड़े भैया के घर आ गई, तब भैया की अनुभवी आंखें सबकुछ समझ गईं. अश्विनी कुमार भटनागर बड़े भैया ने घूर कर देखा तो स्मिता सिकुड़ गई. कितनी कठिनाई से इतने दिनों तक रटा हुआ संवाद बोल पाई थी. अब बोल कर भी लग रहा था कि कुछ नहीं बोली थी. बड़े भैया से आंख मिला कर कोई बोले, ऐसा साहस घर में किसी का न था. ‘‘क्या बोला तू ने? जरा फिर से कहना,’’ बड़े भैया ने गंभीरता से कहा. ‘‘कह तो दिया एक बार,’’ स्मिता का स्वर लड़खड़ा गया. ‘‘कोई बात नहीं,’’ बड़े भैया ने संतुलित स्वर में कहा, ‘‘एक बार फिर से कह. अकसर दूसरी बार कहने से अर्थ बदल जाता है.’’ स्मिता ने नीचे देखते हुए कहा, ‘‘मुझे अनिमेष से शादी करनी है.’’ ‘‘यह अनिमेष वही है न, जो कुछ दिनों पहले यहां आया था?’’ बड़े भैया ने पूछा. ‘‘जी.’’ ‘‘और वह बंगाली है?’’ बड़े भैया ने एकएक शब्द पर जोर देते हुए पूछा. ‘‘जी,’’ स्मिता ने धीमे स्वर में उत्तर दिया. ‘‘और हम लोग, जिस में तू भी शामिल है, शुद्ध शाकाहारी हैं. वह बंगाली तो अवश्य ही

Maa Ki Shaadi मां की शादी- भाग 1: समीर अपनी बेटी को क्या बनाना चाहता था?

मां की शादी- भाग 1: समीर अपनी बेटी को क्या बनाना चाहता था? मां की शादी- भाग 1: समीर अपनी बेटी को क्या बनाना चाहता था? समीर की मृत्यु के बाद मीरा के जीवन का एकमात्र मकसद था समीरा को सुखद भविष्य देना. लेकिन मीरा नहीं जानती थी कि समीरा भी अपनी मां की खुशियों को नए पंख देना चाहती थी. संध्या समीर और मैं ने, परिवारों के विरोध के बावजूद प्रेमविवाह किया था. एकदूसरे को पा कर हम बेहद खुश थे. समीर बैंक मैनेजर थे. बेहद हंसमुख एवं मिलनसार स्वभाव के थे. मेरे हर काम में दिलचस्पी तो लेते ही थे, हर संभव मदद भी करते थे, यहां तक कि मेरे कालेज संबंधी कामों में भी पूरी मदद करते थे. कई बार तो उन के उपयोगी टिप्स से मेरे लेक्चर में नई जान आ जाती थी. शादी के 4 वर्षों बाद मैं ने प्यारी सी बिटिया को जन्म दिया. उस के नामकरण के लिए मैं ने समीरा नाम सुझाया. समीर और मीरा की समीरा. समीर प्रफुल्लित होते हुए बोले, ‘‘यार, तुम ने तो बहुत बढि़या नामकरण कर दिया. जैसे यह हम दोनों का रूप है उसी तरह इस के नाम में हम दोनों का नाम भी समाहित है.’’ समीरा को प्यार से हम सोमू पुकारते, उस के जन्म के बाद मैं ने दोनों परिवारों मे