Saved 80 Year Old Woman Life Apple Smart Watch Did Wonders, एप्पल की स्मार्ट वॉच ने फिर किया कमाल, सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

Saved 80 Year Old Woman Life Apple Smart Watch Did Wonders, एप्पल की स्मार्ट वॉच ने फिर किया कमाल,

एप्पल की स्मार्ट वॉच ने फिर किया कमाल,
Apple Smart Watch


एप्पल की स्मार्ट वॉच की वजह से एक बार फिर 80 वर्षीय महिला की जान बच गई। दरअसल, अस्पतालों द्वारा महिला की ECG रिपोर्ट(हृदय संबंधी रोग) सामान्य आने के बाद पूरी तरह से फिट करार दे दिया गया था। लेकिन सामान्य रिपोर्ट आने के बाद भी जब महिला अस्वस्थ और बेचैनी महसूस कर रही थी तब उसने ऐपल वॉच की इनबिल्ट ECG का सहारा लिया और फिर रिपोर्ट चेक किया तो उसमें गंभीर बीमारी की पहचान हो रही थी।







इसके बाद मरीज ने अस्पताल को ऐपल वॉच की ईसीजी रिकॉर्डिंग दिखाईं जिसमें गंभीर कोरोनरी कीमिया के संकेत थे। इसके बाद उनके दिल का दोबारा जांच में पता चला कि उन्हें गंभीर बीमारी है। बीमारी का पता चलने के बाद बलून एंजियोप्लास्टी और स्टेंट के इस्तेमाल के बाद उनका सफल इलाज किया गया।





वॉच की तारीफ करते हुए कॉर्डियोलॉजिस्ट ने कहा कि स्मार्ट टेक्नॉलजी के विकास से नई संभावनाओं का रास्ता खुलता है। मोबाइल ऐप्लिकेशन इंस्टॉल करने के बाद वॉच के डिजिटल क्राउन पर उंगली रखने के बाद यह ECG रिकॉर्ड कर लेता है। इसके बाद 30-s ट्रेसिंग एक पीडीएफ फाइल में स्टोर हो जाती है जिसे बाद में ऐप्लिकेशन में देखा जा सकता है। ऐपल वॉच सिर्फ आट्रियल फिब्रिलेशन या आटरियोवेन्ट्राइक्युलर-कंडक्शन डिस्टर्बेशन को ही डिटेक्ट नहीं करती बल्कि यह मायोकार्डियल कीमिया की भी पहचान कर लेती है।




ECG फीचर जहां दुनियाभर में गंभीर बीमारी से जूझ रहे लोगों की जान बचा रहा है, वहीं इसका सीरीज 6 इससे भी ज्यादा एडवांस है। इस फीचर के अंतर्गत पल्स ऑक्सीमीटर आने की खबरें हहैं। इससे किसी मरीज में ऑक्सीजन सैचुरेशन का लेवल पता लगाकर फेफड़े से जुड़ी बीमारी पता की जा सकती है।




बता दें की इससे पहले भी एप्पल की स्मार्ट वॉच ने अपने  शानदार टेक्नॉलोजी से  एक डूबते शख्स की जान बचा ली थी।

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

एक दिन अचानक हिंदी कहानी, Hindi Kahani Ek Din Achanak

एक दिन अचानक दीदी के पत्र ने सारे राज खोल दिए थे. अब समझ में आया क्यों दीदी ने लिखा था कि जिंदगी में कभी किसी को अपनी कठपुतली मत बनाना और न ही कभी खुद किसी की कठपुतली बनना. Hindi Kahani Ek Din Achanak लता दीदी की आत्महत्या की खबर ने मुझे अंदर तक हिला दिया था क्योंकि दीदी कायर कदापि नहीं थीं. फिर मुझे एक दिन दीदी का वह पत्र मिला जिस ने सारे राज खोल दिए और मुझे परेशानी व असमंजस में डाल दिया कि क्या दीदी की आत्महत्या को मैं यों ही व्यर्थ जाने दूं? मैं बालकनी में पड़ी कुरसी पर चुपचाप बैठा था. जाने क्यों मन उदास था, जबकि लता दीदी को गुजरे अब 1 माह से अधिक हो गया है. दीदी की याद आती है तो जैसे यादों की बरात मन के लंबे रास्ते पर निकल पड़ती है. जिस दिन यह खबर मिली कि ‘लता ने आत्महत्या कर ली,’ सहसा विश्वास ही नहीं हुआ कि यह बात सच भी हो सकती है. क्योंकि दीदी कायर कदापि नहीं थीं. शादी के बाद, उन के पहले 3-4 साल अच्छे बीते. शरद जीजाजी और दीदी दोनों भोपाल में कार्यरत थे. जीजाजी बैंक में सहायक प्रबंधक हैं. दीदी शादी के पहले से ही सूचना एवं प्रसार कार्यालय में स्टैनोग्राफर थीं. लता

Hindi Family Story Big Brother Part 1 to 3

  Hindi kahani big brother बड़े भैया-भाग 1: स्मिता अपने भाई से कौन सी बात कहने से डर रही थी जब एक दिन अचानक स्मिता ससुराल को छोड़ कर बड़े भैया के घर आ गई, तब भैया की अनुभवी आंखें सबकुछ समझ गईं. अश्विनी कुमार भटनागर बड़े भैया ने घूर कर देखा तो स्मिता सिकुड़ गई. कितनी कठिनाई से इतने दिनों तक रटा हुआ संवाद बोल पाई थी. अब बोल कर भी लग रहा था कि कुछ नहीं बोली थी. बड़े भैया से आंख मिला कर कोई बोले, ऐसा साहस घर में किसी का न था. ‘‘क्या बोला तू ने? जरा फिर से कहना,’’ बड़े भैया ने गंभीरता से कहा. ‘‘कह तो दिया एक बार,’’ स्मिता का स्वर लड़खड़ा गया. ‘‘कोई बात नहीं,’’ बड़े भैया ने संतुलित स्वर में कहा, ‘‘एक बार फिर से कह. अकसर दूसरी बार कहने से अर्थ बदल जाता है.’’ स्मिता ने नीचे देखते हुए कहा, ‘‘मुझे अनिमेष से शादी करनी है.’’ ‘‘यह अनिमेष वही है न, जो कुछ दिनों पहले यहां आया था?’’ बड़े भैया ने पूछा. ‘‘जी.’’ ‘‘और वह बंगाली है?’’ बड़े भैया ने एकएक शब्द पर जोर देते हुए पूछा. ‘‘जी,’’ स्मिता ने धीमे स्वर में उत्तर दिया. ‘‘और हम लोग, जिस में तू भी शामिल है, शुद्ध शाकाहारी हैं. वह बंगाली तो अवश्य ही

Maa Ki Shaadi मां की शादी- भाग 1: समीर अपनी बेटी को क्या बनाना चाहता था?

मां की शादी- भाग 1: समीर अपनी बेटी को क्या बनाना चाहता था? मां की शादी- भाग 1: समीर अपनी बेटी को क्या बनाना चाहता था? समीर की मृत्यु के बाद मीरा के जीवन का एकमात्र मकसद था समीरा को सुखद भविष्य देना. लेकिन मीरा नहीं जानती थी कि समीरा भी अपनी मां की खुशियों को नए पंख देना चाहती थी. संध्या समीर और मैं ने, परिवारों के विरोध के बावजूद प्रेमविवाह किया था. एकदूसरे को पा कर हम बेहद खुश थे. समीर बैंक मैनेजर थे. बेहद हंसमुख एवं मिलनसार स्वभाव के थे. मेरे हर काम में दिलचस्पी तो लेते ही थे, हर संभव मदद भी करते थे, यहां तक कि मेरे कालेज संबंधी कामों में भी पूरी मदद करते थे. कई बार तो उन के उपयोगी टिप्स से मेरे लेक्चर में नई जान आ जाती थी. शादी के 4 वर्षों बाद मैं ने प्यारी सी बिटिया को जन्म दिया. उस के नामकरण के लिए मैं ने समीरा नाम सुझाया. समीर और मीरा की समीरा. समीर प्रफुल्लित होते हुए बोले, ‘‘यार, तुम ने तो बहुत बढि़या नामकरण कर दिया. जैसे यह हम दोनों का रूप है उसी तरह इस के नाम में हम दोनों का नाम भी समाहित है.’’ समीरा को प्यार से हम सोमू पुकारते, उस के जन्म के बाद मैं ने दोनों परिवारों मे