Amazfit Bip S स्मार्टवॉच भारत में हुई लॉन्च, मिलेंगे 10 स्पोर्ट्स मोड सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

Amazfit Bip S स्मार्टवॉच भारत में हुई लॉन्च, मिलेंगे 10 स्पोर्ट्स मोड

Amazfit Bip S स्मार्टवॉच भारत में हुई लॉन्च, मिलेंगे 10 स्पोर्ट्स मोड
Amazfit Bip S

अमेजफिट बिप एस स्मार्टवॉच भारत में हुई लॉन्च
कीमत है 4,999 रुपये 
स्मार्टवॉच में मिलेंगे 10 स्पोर्ट्स मोड


चीनी टेक कंपनी Huami ने लेटेस्ट अमेजफिट बिप एस (Amazfit Bip S) स्मार्टवॉच को भारत में लॉन्च कर दिया है। यूजर्स को इस स्मार्टवॉच में जीपीएस, म्यूजिक कंट्रोल के साथ 10 स्पोर्ट्स मोड मिले हैं। इसके अलावा कंपनी ने इस स्मार्टवॉच में 200 एमएएच की बैटरी दी है, जो यूजर्स को 40 दिन का बैटरी बैकअप देती है। आपको बता दें कि कंपनी ने इससे पहले अमेजफिट बिप एस स्मार्टवॉच को CES 2020 इवेंट में पेश किया था। 

Amazfit Bip S की कीमत 
कंपनी ने लेटेस्ट अमेजफिट बिप एस स्मार्टवॉच की कीमत 4,999 रुपये रखी है। इस स्मार्टवॉच को कंपनी की आधिकारिक साइट, अमेजन इंडिया, फ्लिपकार्ट, मिंत्रा के साथ-साथ क्रोमा और रिलायंस डिजिटल जैसे ऑफलाइन स्टोर से खरीदा जा सकेगा। हालांकि, कंपनी ने अभी तक इस स्मार्टवॉच की सेल की तारीख का एलान नहीं किया है। 


Amazfit Bip S की स्पेसिफिकेशन
अमेजफिट बिप एस स्मार्टवॉच में 1.28 इंच का कलर टीएफटी डिस्प्ले है, जिसका रिजॉल्यूशन 176x176 पिक्सल है। साथ ही स्क्रीन की सुरक्षा के लिए 2.5D कर्व्ड कॉर्निंग गोरिल्ला ग्लास 3 दिया गया है। इसके अलावा यूजर्स को इस स्मार्टवॉच में बायो ट्रैकर, पीपीजी ऑप्टिकल सेंसर, थ्री-एक्स एक्सीलेरेशन और थ्री-एक्स Geomagnetic सेंसर मिला है। 



मिलेंगे 10 स्पोर्ट्स मोड
कंपनी ने इस स्मार्टवॉच में 10 स्पोर्ट्स मोड दिए हैं, जिनमें ट्रेडमिल, आउटडोर रनिंग, वॉकिंग, इंडोर साइक्लिंग, आउटडोर साइकलिंग, योगा और फ्रीस्टाइल जैसी एक्टिविटी शामिल हैं। इसके अलावा अमेजफिट बिप एस स्मार्टवॉच में हार्ट रेट ट्रैकिंग जैसे सेंसर्स भी दिए गए हैं। 




मिलेगी दमदार बैटरी 
कंपनी ने अमेजफिट बिप एस स्मार्टवॉच में कनेक्टिविटी के लिहाज से ब्लूटूथ वर्जन 5.0, जीपीएस, ग्लोनेस और बीएलई जैसे फीचर्स दिए हैं। इसके अलावा यूजर्स को इस स्मार्टवॉच में 200 एमएएच की बैटरी मिली है। कंपनी ने दावा किया है कि इस स्मार्टवॉच की बैटरी यूजर्स को सिंगल चार्ज में 40 दिन का बैटरी बैकअप प्रदान करती है।


इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

एक दिन अचानक हिंदी कहानी, Hindi Kahani Ek Din Achanak

एक दिन अचानक दीदी के पत्र ने सारे राज खोल दिए थे. अब समझ में आया क्यों दीदी ने लिखा था कि जिंदगी में कभी किसी को अपनी कठपुतली मत बनाना और न ही कभी खुद किसी की कठपुतली बनना. Hindi Kahani Ek Din Achanak लता दीदी की आत्महत्या की खबर ने मुझे अंदर तक हिला दिया था क्योंकि दीदी कायर कदापि नहीं थीं. फिर मुझे एक दिन दीदी का वह पत्र मिला जिस ने सारे राज खोल दिए और मुझे परेशानी व असमंजस में डाल दिया कि क्या दीदी की आत्महत्या को मैं यों ही व्यर्थ जाने दूं? मैं बालकनी में पड़ी कुरसी पर चुपचाप बैठा था. जाने क्यों मन उदास था, जबकि लता दीदी को गुजरे अब 1 माह से अधिक हो गया है. दीदी की याद आती है तो जैसे यादों की बरात मन के लंबे रास्ते पर निकल पड़ती है. जिस दिन यह खबर मिली कि ‘लता ने आत्महत्या कर ली,’ सहसा विश्वास ही नहीं हुआ कि यह बात सच भी हो सकती है. क्योंकि दीदी कायर कदापि नहीं थीं. शादी के बाद, उन के पहले 3-4 साल अच्छे बीते. शरद जीजाजी और दीदी दोनों भोपाल में कार्यरत थे. जीजाजी बैंक में सहायक प्रबंधक हैं. दीदी शादी के पहले से ही सूचना एवं प्रसार कार्यालय में स्टैनोग्राफर थीं. लता

Hindi Family Story Big Brother Part 1 to 3

  Hindi kahani big brother बड़े भैया-भाग 1: स्मिता अपने भाई से कौन सी बात कहने से डर रही थी जब एक दिन अचानक स्मिता ससुराल को छोड़ कर बड़े भैया के घर आ गई, तब भैया की अनुभवी आंखें सबकुछ समझ गईं. अश्विनी कुमार भटनागर बड़े भैया ने घूर कर देखा तो स्मिता सिकुड़ गई. कितनी कठिनाई से इतने दिनों तक रटा हुआ संवाद बोल पाई थी. अब बोल कर भी लग रहा था कि कुछ नहीं बोली थी. बड़े भैया से आंख मिला कर कोई बोले, ऐसा साहस घर में किसी का न था. ‘‘क्या बोला तू ने? जरा फिर से कहना,’’ बड़े भैया ने गंभीरता से कहा. ‘‘कह तो दिया एक बार,’’ स्मिता का स्वर लड़खड़ा गया. ‘‘कोई बात नहीं,’’ बड़े भैया ने संतुलित स्वर में कहा, ‘‘एक बार फिर से कह. अकसर दूसरी बार कहने से अर्थ बदल जाता है.’’ स्मिता ने नीचे देखते हुए कहा, ‘‘मुझे अनिमेष से शादी करनी है.’’ ‘‘यह अनिमेष वही है न, जो कुछ दिनों पहले यहां आया था?’’ बड़े भैया ने पूछा. ‘‘जी.’’ ‘‘और वह बंगाली है?’’ बड़े भैया ने एकएक शब्द पर जोर देते हुए पूछा. ‘‘जी,’’ स्मिता ने धीमे स्वर में उत्तर दिया. ‘‘और हम लोग, जिस में तू भी शामिल है, शुद्ध शाकाहारी हैं. वह बंगाली तो अवश्य ही

Maa Ki Shaadi मां की शादी- भाग 1: समीर अपनी बेटी को क्या बनाना चाहता था?

मां की शादी- भाग 1: समीर अपनी बेटी को क्या बनाना चाहता था? मां की शादी- भाग 1: समीर अपनी बेटी को क्या बनाना चाहता था? समीर की मृत्यु के बाद मीरा के जीवन का एकमात्र मकसद था समीरा को सुखद भविष्य देना. लेकिन मीरा नहीं जानती थी कि समीरा भी अपनी मां की खुशियों को नए पंख देना चाहती थी. संध्या समीर और मैं ने, परिवारों के विरोध के बावजूद प्रेमविवाह किया था. एकदूसरे को पा कर हम बेहद खुश थे. समीर बैंक मैनेजर थे. बेहद हंसमुख एवं मिलनसार स्वभाव के थे. मेरे हर काम में दिलचस्पी तो लेते ही थे, हर संभव मदद भी करते थे, यहां तक कि मेरे कालेज संबंधी कामों में भी पूरी मदद करते थे. कई बार तो उन के उपयोगी टिप्स से मेरे लेक्चर में नई जान आ जाती थी. शादी के 4 वर्षों बाद मैं ने प्यारी सी बिटिया को जन्म दिया. उस के नामकरण के लिए मैं ने समीरा नाम सुझाया. समीर और मीरा की समीरा. समीर प्रफुल्लित होते हुए बोले, ‘‘यार, तुम ने तो बहुत बढि़या नामकरण कर दिया. जैसे यह हम दोनों का रूप है उसी तरह इस के नाम में हम दोनों का नाम भी समाहित है.’’ समीरा को प्यार से हम सोमू पुकारते, उस के जन्म के बाद मैं ने दोनों परिवारों मे