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Kareeb Poetry 2Lines Shayri Tag Shayari Hindi 'क़रीबी' पर कहे शेर


'क़रीबी' पर कहे शेर
Kareeb Poetry

Dil ke Kareeb Status 'क़रीबी' पर कहे शेर



 
मैं तेरे क़रीब आते आते
कुछ और भी दूर हो गया हूँ
- अतहर नफ़ीस





वो दौर क़रीब आ रहा है
जब दाद-ए-हुनर न मिल सकेगी
- अतहर नफ़ीस




डुबो के सारे सफ़ीने क़रीब साहिल के
है उन को फिर भी ये दावा कि ना-ख़ुदा हम हैं
- अज्ञात





तन्हाइयों में आती रही जब भी उस की याद
साया सा इक क़रीब मिरे डोलता रहा
- ज़हीर काश्मीरी




जो दूर रह के उड़ाता रहा मज़ाक़ मिरा
क़रीब आया तो रोया गले लगा के मुझे
- फ़रियाद आज़र




बहती रही नदी मिरे घर के क़रीब से
पानी को देखने के लिए मैं तरस गया
- इफ़्तिख़ार नसीम




जो अपने आप से बढ़ कर हमारा अपना था
उसे क़रीब से देखा तो दूर का निकला
- अक़ील शादाब




बहुत क़रीब से कुछ भी न देख पाओगे
कि देखने के लिए फ़ासला ज़रूरी है
- सलीम फ़ौज़



सुलग रहा है जो दिल वो भड़क भी सकता है
क़रीब आओ पर इतने क़रीब आओ मत
- शाहिद इश्क़ी




जब किसी को क़रीब पाओगे
ज़ाइक़ा अपना भूल जाओगे
- उम्मीद फ़ाज़ली


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