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Thokar Lagi Shayari Dhoka Shayari Thokar Sms हिंदी ठोकर पर शायरी

Thokar shayari collection 'ठोकरों' पर कहे शायरों के अल्फ़ाज़


हिंदी ठोकर पर शायरी
Thokar Lagi Shayari






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देख ठोकर बने न तारीकी
कोई सोया है पांव फैला कर
- आदिल मंसूरी


मिलती है पैरों को ताक़त
खा कर देख कभी तू ठोकर
- मुईन शादाब

समझाया था देख के चलिए
कैसी खाई ठोकर कहिए
- शाद आरफ़ी




हिंदी ठोकर पर शायरी



एक ठोकर पे सफ़र ख़त्म हुआ
एक सौदा था कि सर से निकला
- राजेन्द्र मनचंदा बानी


नाकामियों से कम न हुआ हौसला मिरा
ठोकर लगी तो और संभलता चला गया
- रहमत इलाही बर्क़ आज़मी



किया करती है सज्दे मुझ को ठोकर
मुक़द्दस है मिरी आवारगी भी
- सुलेमान ख़ुमार

उस ने दरिया को लगा कर ठोकर
प्यास की उम्र बढ़ाई होगी
- अंजुम लुधियानवी


मार देती है ज़िंदगी ठोकर
ज़ेहन जब उल्टे पांव चलता है
- बलवान सिंह आज़र

ठोकर किसी पत्थर से अगर खाई है मैं ने
मंज़िल का निशां भी उसी पत्थर से मिला है
- बिस्मिल सईदी


इस अंधेरे में तो ठोकर ही उजाला देगी
रात जंगल में कोई शम्अ जलाने से रही
- निदा फ़ाज़ली


बेहतरीन ठोकर हिंदी शायरी
बेहतरीन ठोकर हिंदी शायरी


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छोटी सी एक भूल, ज़िंदगी के हालात बदल देती है
प्यारी सी मुस्कान, ग़मों को खुशी में बदल देती है
ठोकर लगने से परेशान क्यों होते हो ?
कभी कभी एक ठोकर, ज़िंदगी की राह बदल देती है





दुनिया की हर चीज ठोकर लगने से टूट जाती हैं
लेकिन एक कामयाबी ही हैं जो ठोकर लगने पर मिलती हैं





हर ज़ख़्म किसी ठोकर की मेहरबानी है;
मेरी ज़िंदगी की बस यही एक कहानी है;
मिटा देते सनम के हर दर्द को सीने से;
पर ये दर्द ही तो उसकी आखिरी निशानी है।



जो फकीरी मिजाज रखते हैं
वो ठोकरों में ताज रखते हैं,
जिनको कल की फ़िक्र नहीं
वो मुठ्ठी में आज रखते हैं।


2 Line thokar shayari


ठोकर इसलिए नहीं लगती की इंसान गिर जाए,
ठोकर इसलिए लगती है ताकि इंसान संभल जाए





बहुत मुश्किल है उस सख्स को गिराना,
चलना जिसे ठोकरों ने सिखाया हो 





हम बड़े तो आसानी से हो जाते हैं,
लेकिन समझदार ठोकरें खाने के बाद ही होते हैं...




इतनी ठोकरे देने के लिए शुक्रिया ए-ज़िन्दगी,
चलने का न सही सम्भलने का हुनर तो आ गया ।






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