Best Recipe Dahi Bhalla ऐसे बनाएं चटपटे दही भल्ले - hindishayarih सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

Best Recipe Dahi Bhalla ऐसे बनाएं चटपटे दही भल्ले - hindishayarih

 ऐसे बनाएं चटपटे दही भल्ले

Best Recipe Dahi Bhalla ऐसे बनाएं चटपटे दही भल्ले



दही को अच्छी तरह मथ लें, इसमें चीनी, नमक, जीरा पाउडर, काला नमक और सफेद मिर्च पाउडर डालकर अच्छी तरह मिला लें.




दही भल्ले का नाम लेते ही सभी के मुंह में पानी आ जाता है ऐसे में अगर आप भी बनाना चाहते हैं घर पर दही भल्ले तो अपनाएं ये रेसिपी.
 
सामग्री :
– 1 कप मूंग
– 1 कप उड़द की धुली दाल
– 1/2 टी स्पून नमक
– 1 टी स्पून जीरा
– 2 टी स्पून अदरक कटा हुआ
– 5 ग्राम हरी मिर्च कटी हुई
– 250 मिली. तेल

 
दही के लिए:
– 2 कप गाढ़ा दही
-1 टी स्पून चीनी
– 1/2 टी स्पून नमक
– 3/4 टी स्पून भुना जीरा पाउडर
– 1/2 टी स्पून काला नमक
– 1/2 टी स्पून सफेद मिर्च पाउडर

गार्निशिंग के लिए
– 1 टी स्पून हरा धनिया कटा हुआ
– 1 चुटकी लाल मिर्च पाउडर
ये भी पढ़ें- बारिश में यूं बनाएं टेस्टी बेसन के पकौड़े
– 1 चुटकी जीरा पाउडर
– 4 पुदीना पत्ती
–  इमली की चटनी (2/3 टे.स्पून)
–  हरी चटनी (1/4 कप)


बनाने की विधि :
-1.मूंग और उड़द दाल को धोकर 5 घंटे के लिए पानी में भिगो दें.
2- जब दाल भीग जाये तो उसका अतिरिक्त पानी निकाल दें.
3- और मिक्सी में हल्का दरदरा पीस लें.
4- दाल के पेस्ट में नमक, जीरा, अदरक और हरी मिर्च डालकरकर अच्छी तरह मिला लें.
5- अब एक कड़ाही में तेल गर्म करें जब तेल गर्म हो जाये तो दाल के पेस्ट के गोल-गोल   भल्ले बनाकर गर्म तेल में ब्राउन होने तक तले.



 

6- भल्लो को तलकर पेपर पर निकाल लें जिससे उनका अतिरिक्त तेल निकल जाये ठंडा   होने पर इन्हें हल्के गर्म पानी में भिगो दें.
7-  दही को अच्छी तरह मथ लें, इसमें चीनी, नमक, जीरा पाउडर, काला नमक और           सफेद  मिर्च पाउडर डालकर अच्छी तरह मिला लें.

सर्रि्वग के लिए:
भल्लो को पानी से निकाल कर बिना तोड़े अच्छी तरह निचोड़ लें. इन भल्लो को दही में डाल दें और 10-15 मिनट तक भीगने दें. इमली की चटनी और बारीक कटा हरा धनिया डालकर ठंडे भल्ले सर्व करें.
 
best recipe dahi bhalla, dahi bhalla recipe, recipe in hindi

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

एक दिन अचानक हिंदी कहानी, Hindi Kahani Ek Din Achanak

एक दिन अचानक दीदी के पत्र ने सारे राज खोल दिए थे. अब समझ में आया क्यों दीदी ने लिखा था कि जिंदगी में कभी किसी को अपनी कठपुतली मत बनाना और न ही कभी खुद किसी की कठपुतली बनना. Hindi Kahani Ek Din Achanak लता दीदी की आत्महत्या की खबर ने मुझे अंदर तक हिला दिया था क्योंकि दीदी कायर कदापि नहीं थीं. फिर मुझे एक दिन दीदी का वह पत्र मिला जिस ने सारे राज खोल दिए और मुझे परेशानी व असमंजस में डाल दिया कि क्या दीदी की आत्महत्या को मैं यों ही व्यर्थ जाने दूं? मैं बालकनी में पड़ी कुरसी पर चुपचाप बैठा था. जाने क्यों मन उदास था, जबकि लता दीदी को गुजरे अब 1 माह से अधिक हो गया है. दीदी की याद आती है तो जैसे यादों की बरात मन के लंबे रास्ते पर निकल पड़ती है. जिस दिन यह खबर मिली कि ‘लता ने आत्महत्या कर ली,’ सहसा विश्वास ही नहीं हुआ कि यह बात सच भी हो सकती है. क्योंकि दीदी कायर कदापि नहीं थीं. शादी के बाद, उन के पहले 3-4 साल अच्छे बीते. शरद जीजाजी और दीदी दोनों भोपाल में कार्यरत थे. जीजाजी बैंक में सहायक प्रबंधक हैं. दीदी शादी के पहले से ही सूचना एवं प्रसार कार्यालय में स्टैनोग्राफर थीं. लता

Hindi Family Story Big Brother Part 1 to 3

  Hindi kahani big brother बड़े भैया-भाग 1: स्मिता अपने भाई से कौन सी बात कहने से डर रही थी जब एक दिन अचानक स्मिता ससुराल को छोड़ कर बड़े भैया के घर आ गई, तब भैया की अनुभवी आंखें सबकुछ समझ गईं. अश्विनी कुमार भटनागर बड़े भैया ने घूर कर देखा तो स्मिता सिकुड़ गई. कितनी कठिनाई से इतने दिनों तक रटा हुआ संवाद बोल पाई थी. अब बोल कर भी लग रहा था कि कुछ नहीं बोली थी. बड़े भैया से आंख मिला कर कोई बोले, ऐसा साहस घर में किसी का न था. ‘‘क्या बोला तू ने? जरा फिर से कहना,’’ बड़े भैया ने गंभीरता से कहा. ‘‘कह तो दिया एक बार,’’ स्मिता का स्वर लड़खड़ा गया. ‘‘कोई बात नहीं,’’ बड़े भैया ने संतुलित स्वर में कहा, ‘‘एक बार फिर से कह. अकसर दूसरी बार कहने से अर्थ बदल जाता है.’’ स्मिता ने नीचे देखते हुए कहा, ‘‘मुझे अनिमेष से शादी करनी है.’’ ‘‘यह अनिमेष वही है न, जो कुछ दिनों पहले यहां आया था?’’ बड़े भैया ने पूछा. ‘‘जी.’’ ‘‘और वह बंगाली है?’’ बड़े भैया ने एकएक शब्द पर जोर देते हुए पूछा. ‘‘जी,’’ स्मिता ने धीमे स्वर में उत्तर दिया. ‘‘और हम लोग, जिस में तू भी शामिल है, शुद्ध शाकाहारी हैं. वह बंगाली तो अवश्य ही

Maa Ki Shaadi मां की शादी- भाग 1: समीर अपनी बेटी को क्या बनाना चाहता था?

मां की शादी- भाग 1: समीर अपनी बेटी को क्या बनाना चाहता था? मां की शादी- भाग 1: समीर अपनी बेटी को क्या बनाना चाहता था? समीर की मृत्यु के बाद मीरा के जीवन का एकमात्र मकसद था समीरा को सुखद भविष्य देना. लेकिन मीरा नहीं जानती थी कि समीरा भी अपनी मां की खुशियों को नए पंख देना चाहती थी. संध्या समीर और मैं ने, परिवारों के विरोध के बावजूद प्रेमविवाह किया था. एकदूसरे को पा कर हम बेहद खुश थे. समीर बैंक मैनेजर थे. बेहद हंसमुख एवं मिलनसार स्वभाव के थे. मेरे हर काम में दिलचस्पी तो लेते ही थे, हर संभव मदद भी करते थे, यहां तक कि मेरे कालेज संबंधी कामों में भी पूरी मदद करते थे. कई बार तो उन के उपयोगी टिप्स से मेरे लेक्चर में नई जान आ जाती थी. शादी के 4 वर्षों बाद मैं ने प्यारी सी बिटिया को जन्म दिया. उस के नामकरण के लिए मैं ने समीरा नाम सुझाया. समीर और मीरा की समीरा. समीर प्रफुल्लित होते हुए बोले, ‘‘यार, तुम ने तो बहुत बढि़या नामकरण कर दिया. जैसे यह हम दोनों का रूप है उसी तरह इस के नाम में हम दोनों का नाम भी समाहित है.’’ समीरा को प्यार से हम सोमू पुकारते, उस के जन्म के बाद मैं ने दोनों परिवारों मे