मशहूर शायरी Best Shayar Famous Shayari | Hindishayarih सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

मशहूर शायरी Best Shayar Famous Shayari | Hindishayarih

 

मशहूर शायरी Best Shayar Famous Shayari
famous shayar shayari

 Best sher मशहूर शायरी famous shayar shayari लाइफ शायरी best shayari famous shayari बेहतरीन शेर life shayari लव शायरी waqt shayari मशहूर शायरों के शेर love shayari वक़्त शायरी motivational sher

 


मेरे रोने का जिस में क़िस्सा है
उम्र का बेहतरीन हिस्सा है
- जोश मलीहाबादी

 



बेहतर दिनों की आस लगाते हुए 'हबीब'
हम बेहतरीन दिन भी गँवाते चले गए
- हबीब अमरोहवी

 

 

famous shayar shayari  

 



जब आ जाती है दुनिया घूम फिर कर अपने मरकज़ पर
तो वापस लौट कर गुज़रे ज़माने क्यूँ नहीं आते
- इबरत मछलीशहरी

 


 
सब कुछ तो है क्या ढूँडती रहती हैं निगाहें
क्या बात है मैं वक़्त पे घर क्यूँ नहीं जाता
- निदा फ़ाज़ली

 

 लव शायरी waqt shayari



दर्द को दिल में जगह दो अकबर
इल्म से शायरी नहीं होती
-अकबर इलाहाबादी 

 

 

 


फ़लक देता है जिन को ऐश उन को ग़म भी होते हैं
जहाँ बजते हैं नक़्क़ारे वहीं मातम भी होते हैं
-दाग़ देहलवी  

 

 

वक़्त शायरी motivational sher



लाई हयात आए क़ज़ा ले चली चले
अपनी ख़ुशी न आए न अपनी ख़ुशी चले
-शेख़ इब्राहीम ज़ौक़

 

 

 


मता-ए-लौह-ओ-क़लम छिन गई तो क्या ग़म है
कि ख़ून-ए-दिल में डुबो ली हैं उँगलियाँ मैं ने
-फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

 



घर लौट के रोएँगे माँ बाप अकेले में
मिट्टी के खिलौने भी सस्ते न थे मेले में
-क़ैसर-उल जाफ़री

 

 

waqt shayari मशहूर शायरों के शेर

 

 



लहू न हो तो क़लम तर्जुमाँ नहीं होता
हमारे दौर में आँसू ज़बाँ नहीं होता
-वसीम बरेलवी

 

 

 


मिलाते हो उसी को ख़ाक में जो दिल से मिलता है
मिरी जाँ चाहने वाला बड़ी मुश्किल से मिलता है
- दाग़ देहलवी



'वसीम' सदियों की आँखों से देखिए मुझ को
वो लफ़्ज़ हूँ जो कभी  दास्ताँ नहीं होता
-वसीम बरेलवी

 

 

best shayari famous shayari बेहतरीन शेर life shayari  




तुम मुख़ातिब भी हो क़रीब भी हो
तुम को देखें कि तुम से बात करें
- फ़िराक़ गोरखपुरी



ग़ैरों से कहा तुम ने ग़ैरों से सुना तुम ने
कुछ हम से कहा होता कुछ हम से सुना होता
- चराग़ हसन हसरत






इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

एक दिन अचानक हिंदी कहानी, Hindi Kahani Ek Din Achanak

एक दिन अचानक दीदी के पत्र ने सारे राज खोल दिए थे. अब समझ में आया क्यों दीदी ने लिखा था कि जिंदगी में कभी किसी को अपनी कठपुतली मत बनाना और न ही कभी खुद किसी की कठपुतली बनना. Hindi Kahani Ek Din Achanak लता दीदी की आत्महत्या की खबर ने मुझे अंदर तक हिला दिया था क्योंकि दीदी कायर कदापि नहीं थीं. फिर मुझे एक दिन दीदी का वह पत्र मिला जिस ने सारे राज खोल दिए और मुझे परेशानी व असमंजस में डाल दिया कि क्या दीदी की आत्महत्या को मैं यों ही व्यर्थ जाने दूं? मैं बालकनी में पड़ी कुरसी पर चुपचाप बैठा था. जाने क्यों मन उदास था, जबकि लता दीदी को गुजरे अब 1 माह से अधिक हो गया है. दीदी की याद आती है तो जैसे यादों की बरात मन के लंबे रास्ते पर निकल पड़ती है. जिस दिन यह खबर मिली कि ‘लता ने आत्महत्या कर ली,’ सहसा विश्वास ही नहीं हुआ कि यह बात सच भी हो सकती है. क्योंकि दीदी कायर कदापि नहीं थीं. शादी के बाद, उन के पहले 3-4 साल अच्छे बीते. शरद जीजाजी और दीदी दोनों भोपाल में कार्यरत थे. जीजाजी बैंक में सहायक प्रबंधक हैं. दीदी शादी के पहले से ही सूचना एवं प्रसार कार्यालय में स्टैनोग्राफर थीं. लता

Hindi Family Story Big Brother Part 1 to 3

  Hindi kahani big brother बड़े भैया-भाग 1: स्मिता अपने भाई से कौन सी बात कहने से डर रही थी जब एक दिन अचानक स्मिता ससुराल को छोड़ कर बड़े भैया के घर आ गई, तब भैया की अनुभवी आंखें सबकुछ समझ गईं. अश्विनी कुमार भटनागर बड़े भैया ने घूर कर देखा तो स्मिता सिकुड़ गई. कितनी कठिनाई से इतने दिनों तक रटा हुआ संवाद बोल पाई थी. अब बोल कर भी लग रहा था कि कुछ नहीं बोली थी. बड़े भैया से आंख मिला कर कोई बोले, ऐसा साहस घर में किसी का न था. ‘‘क्या बोला तू ने? जरा फिर से कहना,’’ बड़े भैया ने गंभीरता से कहा. ‘‘कह तो दिया एक बार,’’ स्मिता का स्वर लड़खड़ा गया. ‘‘कोई बात नहीं,’’ बड़े भैया ने संतुलित स्वर में कहा, ‘‘एक बार फिर से कह. अकसर दूसरी बार कहने से अर्थ बदल जाता है.’’ स्मिता ने नीचे देखते हुए कहा, ‘‘मुझे अनिमेष से शादी करनी है.’’ ‘‘यह अनिमेष वही है न, जो कुछ दिनों पहले यहां आया था?’’ बड़े भैया ने पूछा. ‘‘जी.’’ ‘‘और वह बंगाली है?’’ बड़े भैया ने एकएक शब्द पर जोर देते हुए पूछा. ‘‘जी,’’ स्मिता ने धीमे स्वर में उत्तर दिया. ‘‘और हम लोग, जिस में तू भी शामिल है, शुद्ध शाकाहारी हैं. वह बंगाली तो अवश्य ही

Famous Love Shayari Of These Five Noted Urdu Poet होठों पे मुहब्बत के फ़साने नहीं आते

  Bashir badr shayari  बशीर बद्र की नज़्मों में मोहब्बत का दर्द समाया हुआ है। उनकी शायरी का एक-एक लफ़्ज़ इसका गवाह है। Bashir badr shayari     होठों पे मुहब्बत के फ़साने नहीं आते साहिल पे समुंदर के ख़ज़ाने नहीं आते पलकें भी चमक उठती हैं सोते में हमारी आंखों को अभी ख़्वाब छुपाने नहीं आते दिल उजड़ी हुई इक सराये की तरह है अब लोग यहाँ रात जगाने नहीं आते उड़ने दो परिंदों को अभी शोख़ हवा में फिर लौट के बचपन के ज़माने नहीं आते इस शहर के बादल तेरी ज़ुल्फ़ों की तरह हैं ये आग लगाते हैं बुझाने नहीं आते अहबाब भी ग़ैरों की अदा सीख गये हैं आते हैं मगर दिल को दुखाने नहीं आते मोहब्बत के शायर हैं जिगर मुरादाबादी इक लफ़्ज़-ए-मुहब्बत का अदना सा फ़साना है सिमटे तो दिल-ए-आशिक़, फ़ैले तो ज़माना है हम इश्क़ के मारों का इतना ही फ़साना है रोने को नहीं कोई हंसने को ज़माना है ये इश्क़ नहीं आसां, बस इतना समझ लीजे एक आग का दरिया है और डूब के जाना है     जिगर मुरादाबादी शायरी     वो हुस्न-ओ-जमाल उन का, ये इश्क़-ओ-शबाब अपना जीने की तमन्ना है, मरने का ज़माना है अश्क़ों के तबस्सुम में, आहों के तरन्नुम में मासूम मुहब्ब