2020 IPL Jokes in Hindi | Funny Status Ipl आईपीएल फनी जोक्स इन हिंदी सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

2020 IPL Jokes in Hindi | Funny Status Ipl आईपीएल फनी जोक्स इन हिंदी

 
IPL Jokes in Hindi 2020
IPL Jokes in Hindi 2020


2020 IPL Jokes in Hindi  इस पोस्ट में बेहतरीन Funny IPL Jokes 2020 दिए हुए हैं. इन जोक्स को जरूर पढ़े और अपने दोस्तों के साथ भी शेयर करें.  ipl jokes 2019 in hindi ipl satta jokes in hindi rcb jokes in hindi cricket jokes in hindi ipl shayari in hindi csk vs mi jokes in hindi ipl funny status ipl 2020
 




funny status ipl 2020




 IPL मैच का खुमार भी गजब डा रहा है । 
Wife IPL देख रही थी तभी पति का आना हुआ
 पति : - में कैसा लग रहा हूं जानू पत्नी जोर से चिल्लाई छक्का 






बोला था न 2020 है 
कुछ भी हो सकता है , 
 लो जीत गई RCB





पहला मैच IPL 2020 का 19 सितम्बर को CSK vs MI का होगा .. 
 और फाइनल मैच CSK vs MI GATTI और CSK कप ले जाएगी 


Whatsap funny Jokes









 2020 में जैसी जैसी अनहोनी हुई हैं
 उसे देखकर लग रहा है इस बार IPL RCB जीतेगी ।



आईपीएल फनी जोक्स इन हिंदी
आईपीएल फनी जोक्स इन हिंदी





भाया हमरा इक ठो सवाल है –
ई ससुरा क्रिकेट मा काहें कहते हैं
“Catch पकड़ो – Chatch पकड़ो“
जबकि “Catch” और “पकड़ो”
दोनों का एकै मतलब हैं.
बड़ा कनफूजन है यह गोला पर







IPL में CSK के बॉलर से पछो –
दुःख क्या होता है?
विकेट बॉलर लेता है और कमेंट्री करने
वाले बोलते हैं –
धोनी की रणनीति काम आई,
धोनी जानते हैं विकेट कैसे लेना हैं.




IPL Jokes in Hindi 2020





आईपीएल देखकर
मजा तो आता हैं पर
बॉलर की हालत को देखकर
दिल भर जाता हैं
बेचारे कितना पिटते हैं.









आईपीएल मार्च-अप्रैल महीने में शुरू
इसलिए होता हैं –
ताकि लोग गेंहूँ बेचकर
आईपीएल पर सट्टा लगा सकें.











IPL की वजह से अब सिंगल लोगो
का दो महीना आराम से गुजर जायेगा.
वो गाना सुना हैं –
अपना टाइम आएगा



इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

एक दिन अचानक हिंदी कहानी, Hindi Kahani Ek Din Achanak

एक दिन अचानक दीदी के पत्र ने सारे राज खोल दिए थे. अब समझ में आया क्यों दीदी ने लिखा था कि जिंदगी में कभी किसी को अपनी कठपुतली मत बनाना और न ही कभी खुद किसी की कठपुतली बनना. Hindi Kahani Ek Din Achanak लता दीदी की आत्महत्या की खबर ने मुझे अंदर तक हिला दिया था क्योंकि दीदी कायर कदापि नहीं थीं. फिर मुझे एक दिन दीदी का वह पत्र मिला जिस ने सारे राज खोल दिए और मुझे परेशानी व असमंजस में डाल दिया कि क्या दीदी की आत्महत्या को मैं यों ही व्यर्थ जाने दूं? मैं बालकनी में पड़ी कुरसी पर चुपचाप बैठा था. जाने क्यों मन उदास था, जबकि लता दीदी को गुजरे अब 1 माह से अधिक हो गया है. दीदी की याद आती है तो जैसे यादों की बरात मन के लंबे रास्ते पर निकल पड़ती है. जिस दिन यह खबर मिली कि ‘लता ने आत्महत्या कर ली,’ सहसा विश्वास ही नहीं हुआ कि यह बात सच भी हो सकती है. क्योंकि दीदी कायर कदापि नहीं थीं. शादी के बाद, उन के पहले 3-4 साल अच्छे बीते. शरद जीजाजी और दीदी दोनों भोपाल में कार्यरत थे. जीजाजी बैंक में सहायक प्रबंधक हैं. दीदी शादी के पहले से ही सूचना एवं प्रसार कार्यालय में स्टैनोग्राफर थीं. लता

Hindi Family Story Big Brother Part 1 to 3

  Hindi kahani big brother बड़े भैया-भाग 1: स्मिता अपने भाई से कौन सी बात कहने से डर रही थी जब एक दिन अचानक स्मिता ससुराल को छोड़ कर बड़े भैया के घर आ गई, तब भैया की अनुभवी आंखें सबकुछ समझ गईं. अश्विनी कुमार भटनागर बड़े भैया ने घूर कर देखा तो स्मिता सिकुड़ गई. कितनी कठिनाई से इतने दिनों तक रटा हुआ संवाद बोल पाई थी. अब बोल कर भी लग रहा था कि कुछ नहीं बोली थी. बड़े भैया से आंख मिला कर कोई बोले, ऐसा साहस घर में किसी का न था. ‘‘क्या बोला तू ने? जरा फिर से कहना,’’ बड़े भैया ने गंभीरता से कहा. ‘‘कह तो दिया एक बार,’’ स्मिता का स्वर लड़खड़ा गया. ‘‘कोई बात नहीं,’’ बड़े भैया ने संतुलित स्वर में कहा, ‘‘एक बार फिर से कह. अकसर दूसरी बार कहने से अर्थ बदल जाता है.’’ स्मिता ने नीचे देखते हुए कहा, ‘‘मुझे अनिमेष से शादी करनी है.’’ ‘‘यह अनिमेष वही है न, जो कुछ दिनों पहले यहां आया था?’’ बड़े भैया ने पूछा. ‘‘जी.’’ ‘‘और वह बंगाली है?’’ बड़े भैया ने एकएक शब्द पर जोर देते हुए पूछा. ‘‘जी,’’ स्मिता ने धीमे स्वर में उत्तर दिया. ‘‘और हम लोग, जिस में तू भी शामिल है, शुद्ध शाकाहारी हैं. वह बंगाली तो अवश्य ही

Maa Ki Shaadi मां की शादी- भाग 1: समीर अपनी बेटी को क्या बनाना चाहता था?

मां की शादी- भाग 1: समीर अपनी बेटी को क्या बनाना चाहता था? मां की शादी- भाग 1: समीर अपनी बेटी को क्या बनाना चाहता था? समीर की मृत्यु के बाद मीरा के जीवन का एकमात्र मकसद था समीरा को सुखद भविष्य देना. लेकिन मीरा नहीं जानती थी कि समीरा भी अपनी मां की खुशियों को नए पंख देना चाहती थी. संध्या समीर और मैं ने, परिवारों के विरोध के बावजूद प्रेमविवाह किया था. एकदूसरे को पा कर हम बेहद खुश थे. समीर बैंक मैनेजर थे. बेहद हंसमुख एवं मिलनसार स्वभाव के थे. मेरे हर काम में दिलचस्पी तो लेते ही थे, हर संभव मदद भी करते थे, यहां तक कि मेरे कालेज संबंधी कामों में भी पूरी मदद करते थे. कई बार तो उन के उपयोगी टिप्स से मेरे लेक्चर में नई जान आ जाती थी. शादी के 4 वर्षों बाद मैं ने प्यारी सी बिटिया को जन्म दिया. उस के नामकरण के लिए मैं ने समीरा नाम सुझाया. समीर और मीरा की समीरा. समीर प्रफुल्लित होते हुए बोले, ‘‘यार, तुम ने तो बहुत बढि़या नामकरण कर दिया. जैसे यह हम दोनों का रूप है उसी तरह इस के नाम में हम दोनों का नाम भी समाहित है.’’ समीरा को प्यार से हम सोमू पुकारते, उस के जन्म के बाद मैं ने दोनों परिवारों मे