Jokes Quotes In Hindi जोके कोट्स इन हिंदी पढ़िए मजेदार जोक्स - Hindishayarih सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

Jokes Quotes In Hindi जोके कोट्स इन हिंदी पढ़िए मजेदार जोक्स - Hindishayarih

जोके कोट्स इन हिंदी पढ़िए मजेदार जोक्स
Jokes Quotes In Hindi





 Jokes Quotes In Hindi जोके कोट्स इन हिंदी  funny jokes quotes in hindi हिंदी में मजेदार फनी स्टेटस कोट्स जो हँसी मजाक और मनोरंजन से भरपूर है, funny quotes in hindi for whatsapp funny quotes in hindi for friends funny quotes in hindi for boy funny quotes in hindi for girl funny jokes in hindi funny quotes in hindi with images




funny quotes in hindi for whatsapp 


' एक सुंदर औरत क्रिकेट का मैच देख रही थी
और चेहरे पर इंडिया के झंडे का नक्शा था , 
एक बजुर्ग पास आया और उसके 
चेहरे को चूम कर कितना सुंदर है मेरा भारत







दोस्ती पर दमदार शायरी
मैं अकेला ही निकला था, जिंदगी का दही जमाने...
रास्ते में बूंदी जैसे दोस्त मिलते रहे और जिंदगी का
रायता बन गया...!!!
 


funny quotes in hindi for girl




मां (अपने बेटे से) - तेरा फोन आया था,
वो पूछ रही थी मेरा बच्चा कैसा है...?
.
बेटा परेशान... 
.
फिर मां बोली - सच-सच बता... तू
किसी और को भी मां बोलने लगा है क्या...?
 













पहले मुझे लगता था कि रंग केवल सात तरह के होते हैं...
.
फिर एक दिन पत्नी के साथ नेलपॉलिश लेने चला गया...
.
तब जाकर समझ आया कि आलू और कटहल जैसा रंग भी होता है...!!!


 

jokes on husband wife
 jokes on husband wife







पत्नी को उदास देखकर पति ने पूछा - तुम इतनी उदास
क्यों लग रही हो... गुमसुम बैठी हो...क्या सोच रही हो...?
.
.
पत्नी बोली - नहीं ऐसी कोई बात नहीं है, बस कुछ दिनों
से मुझे यह चिंता सता रही है कि आखिर क्या कसर रह
गई है मेरी 'कोशिशों' में जो शादी के इतने सालों बाद भी
तुम मुस्कुरा लेते हो...!!!
 






funny quotes in hindi for boy








पत्नी - शादी क्या है...?
.
.
पति - 'मान भी जाओ' से लेकर
'भाड़ में जाओ' तक का सफर ही शादी है...!
बाकी सब तो मोह-माया है...!!!



 



teacher student jokes
teacher student jokes





टीचर - महान व्यक्ति वह होता है,
जो हमेशा दूसरों की मदद करे...
.
.
छात्र - सर एग्जाम में ना आप खुद महान
होते हैं और ना ही हमें बनने देते हैं...!!!
 





 



सड़क पर एक लड़की को चक्कर आया
और गिर गई। उसे देखकर भीड़ इकट्ठा हो गई..!
.
एक ताऊ भी देखने लगे और चिल्लाने लगे
को नींबू-सोडा लाओ रे.....
.
एक लड़का नींबू-सोडा खरीद लाया...
.
ताऊ नींबू-सोडा खुद ही पी गए और बोले
"मुझसे ऐसे हादसे देखे नहीं जाते..."
 








पत्नी की तबीयत कुछ खराब रहती थी तो
उसने पेंटर से अपनी एक तस्वीर बनवाई,
फिर कुछ सोच कर पेंटर को कहा कि
गले में नौलखा हार भी बना दो...
.
पेंटिंग बनने के बाद पेंटर ने पूछा- आपने ऐसा क्यों किया...?
.
पत्नी बोली - कभी मैं मर गयी तो मेरे पति दूसरी शादी कर लेंगे,
नई वाली आएगी तो वो हार ढूंढेगी और मिलेगा नहीं तो झगड़ा होगा...
तब मेरी आत्मा को सच्चा सुकून मिलेगा...
इसे कहते हैं, जिंदगी के साथ भी और जिंदगी के बाद भी...!!
 







मरीज - डॉक्टर, मैं खाना न खाऊं, तो मुझे भूख लग जाती है...
ज्यादा काम करता हूं, तो थक जाता हूं... देर तक जगा रहूं, तो
नींद आ जाती है, मैं क्या करूं...?
.
.
डॉक्टर - रात भर धूप में बैठे रहो, सही हो जाओगे..!
 





पप्पू फ्लाइट में पायलट का हेडफोन छीन रहा था...
.
पायलट - ये क्या कर रहे हो..?
.
पप्पू - अच्छा जी, टिकट हम लें और
गाने तुम सुनो, चलो निकालो हेडफोन...!!!
 






बनिया ने शेख को खून देकर उसकी जान बचाई...
.
शेख ने खुश होकर उसे मर्सिडिज कार गिफ्ट की।
.
शेख को फिर खून की जरूरत पड़ी, बनिया ने फिर खून दिया...
अबकी बार शेख ने सिर्फ लड्डू दिए...!!!
.
बनिया (गुस्से से) - इस बार सिर्फ लड्डू...?
.
शेख - बिरादर, अब हमारे अंदर भी बनिया
का खून दौड़ रहा है...!!!
 












आज का ज्ञान
पुराने जमाने में लोग एक-दूसरे की
हिम्मत और हौसला बढ़ाते थे...
.
लेकिन
.
आजकल के लोग तो केवल
ब्लड प्रेशर बढ़ाते हैं...!!!

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

एक दिन अचानक हिंदी कहानी, Hindi Kahani Ek Din Achanak

एक दिन अचानक दीदी के पत्र ने सारे राज खोल दिए थे. अब समझ में आया क्यों दीदी ने लिखा था कि जिंदगी में कभी किसी को अपनी कठपुतली मत बनाना और न ही कभी खुद किसी की कठपुतली बनना. Hindi Kahani Ek Din Achanak लता दीदी की आत्महत्या की खबर ने मुझे अंदर तक हिला दिया था क्योंकि दीदी कायर कदापि नहीं थीं. फिर मुझे एक दिन दीदी का वह पत्र मिला जिस ने सारे राज खोल दिए और मुझे परेशानी व असमंजस में डाल दिया कि क्या दीदी की आत्महत्या को मैं यों ही व्यर्थ जाने दूं? मैं बालकनी में पड़ी कुरसी पर चुपचाप बैठा था. जाने क्यों मन उदास था, जबकि लता दीदी को गुजरे अब 1 माह से अधिक हो गया है. दीदी की याद आती है तो जैसे यादों की बरात मन के लंबे रास्ते पर निकल पड़ती है. जिस दिन यह खबर मिली कि ‘लता ने आत्महत्या कर ली,’ सहसा विश्वास ही नहीं हुआ कि यह बात सच भी हो सकती है. क्योंकि दीदी कायर कदापि नहीं थीं. शादी के बाद, उन के पहले 3-4 साल अच्छे बीते. शरद जीजाजी और दीदी दोनों भोपाल में कार्यरत थे. जीजाजी बैंक में सहायक प्रबंधक हैं. दीदी शादी के पहले से ही सूचना एवं प्रसार कार्यालय में स्टैनोग्राफर थीं. लता

Hindi Family Story Big Brother Part 1 to 3

  Hindi kahani big brother बड़े भैया-भाग 1: स्मिता अपने भाई से कौन सी बात कहने से डर रही थी जब एक दिन अचानक स्मिता ससुराल को छोड़ कर बड़े भैया के घर आ गई, तब भैया की अनुभवी आंखें सबकुछ समझ गईं. अश्विनी कुमार भटनागर बड़े भैया ने घूर कर देखा तो स्मिता सिकुड़ गई. कितनी कठिनाई से इतने दिनों तक रटा हुआ संवाद बोल पाई थी. अब बोल कर भी लग रहा था कि कुछ नहीं बोली थी. बड़े भैया से आंख मिला कर कोई बोले, ऐसा साहस घर में किसी का न था. ‘‘क्या बोला तू ने? जरा फिर से कहना,’’ बड़े भैया ने गंभीरता से कहा. ‘‘कह तो दिया एक बार,’’ स्मिता का स्वर लड़खड़ा गया. ‘‘कोई बात नहीं,’’ बड़े भैया ने संतुलित स्वर में कहा, ‘‘एक बार फिर से कह. अकसर दूसरी बार कहने से अर्थ बदल जाता है.’’ स्मिता ने नीचे देखते हुए कहा, ‘‘मुझे अनिमेष से शादी करनी है.’’ ‘‘यह अनिमेष वही है न, जो कुछ दिनों पहले यहां आया था?’’ बड़े भैया ने पूछा. ‘‘जी.’’ ‘‘और वह बंगाली है?’’ बड़े भैया ने एकएक शब्द पर जोर देते हुए पूछा. ‘‘जी,’’ स्मिता ने धीमे स्वर में उत्तर दिया. ‘‘और हम लोग, जिस में तू भी शामिल है, शुद्ध शाकाहारी हैं. वह बंगाली तो अवश्य ही

Maa Ki Shaadi मां की शादी- भाग 1: समीर अपनी बेटी को क्या बनाना चाहता था?

मां की शादी- भाग 1: समीर अपनी बेटी को क्या बनाना चाहता था? मां की शादी- भाग 1: समीर अपनी बेटी को क्या बनाना चाहता था? समीर की मृत्यु के बाद मीरा के जीवन का एकमात्र मकसद था समीरा को सुखद भविष्य देना. लेकिन मीरा नहीं जानती थी कि समीरा भी अपनी मां की खुशियों को नए पंख देना चाहती थी. संध्या समीर और मैं ने, परिवारों के विरोध के बावजूद प्रेमविवाह किया था. एकदूसरे को पा कर हम बेहद खुश थे. समीर बैंक मैनेजर थे. बेहद हंसमुख एवं मिलनसार स्वभाव के थे. मेरे हर काम में दिलचस्पी तो लेते ही थे, हर संभव मदद भी करते थे, यहां तक कि मेरे कालेज संबंधी कामों में भी पूरी मदद करते थे. कई बार तो उन के उपयोगी टिप्स से मेरे लेक्चर में नई जान आ जाती थी. शादी के 4 वर्षों बाद मैं ने प्यारी सी बिटिया को जन्म दिया. उस के नामकरण के लिए मैं ने समीरा नाम सुझाया. समीर और मीरा की समीरा. समीर प्रफुल्लित होते हुए बोले, ‘‘यार, तुम ने तो बहुत बढि़या नामकरण कर दिया. जैसे यह हम दोनों का रूप है उसी तरह इस के नाम में हम दोनों का नाम भी समाहित है.’’ समीरा को प्यार से हम सोमू पुकारते, उस के जन्म के बाद मैं ने दोनों परिवारों मे