आयुर्वेदिक ट्रीटमेंट फॉर हैरस Ayurvedic Treatment for Hair In Hindi सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

आयुर्वेदिक ट्रीटमेंट फॉर हैरस Ayurvedic Treatment for Hair In Hindi

 

आयुर्वेदिक ट्रीटमेंट फॉर हैरस Ayurvedic Treatment for Hair In Hindi
आयुर्वेदिक ट्रीटमेंट फॉर हेयर


आयुर्वेदिक ट्रीटमेंट फॉर हैरस Ayurvedic Treatment for Hair In Hindi आयुर्वेदिक ट्रीटमेंट फॉर हेयर इन हिंदी


 आयुर्वेदिक ट्रीटमेंट फॉर हेयर इन हिंदी बाल आपकी ओवरऑल पर्सनैलिटी में निखार लाते हैं, इसलिए उसकी केयर करना बेहद जरूरी है। आपको हेयर फॉल या बालों की कोई और समस्या है तो आप अपने बालों का आयुर्वेदिक ट्रीटमेंट करें। बाल टूटना परेशानी की बात नहीं है, बल्कि वापस ना उगना परेशानी की वजह है।


डाई, ब्लीच, स्ट्रेटनर्स या परमानेंट वेव सॉल्यूशन के इस्तेमाल से बाल झड़ने शुरू हो जाते हैं, इसलिए बालों की केयर करना जरूरी है। आप अपने बालों की समस्या का निदान चाहते हैं तो आयुर्वेदिक तरीके से करें अपने बालों की देखभाल। आयुर्वेदिक गुणों से भरपूर तेल से बालों की नियमित मसाज करने से स्कैल्प और बाल दोनों को ही ढेरों फ़ायदे होते हैं, जैसे रक्तसंचार में बढ़ोतरी, बालों का गहराई से पोषण, सुकून का एहसास और तनाव आदि में कमी।


आयुर्वेदिक औषधि बालों के लिए 

आपके बाल कमजोर और बेजान हैं तो आयुर्वेद के अनुसार आपको छाछ, नारियल तेल और दालचीनी जैसी ज्यादा ठंडी चीजें खानी चाहिए। बालों को मजबूत रखने के लिए तरबूज और अंगूर जैसे फल भी फायदेमंद हैं। आप बालों को मालिश करने के लिए नारियल का तेल लगा सकते हैं।


बालों के स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के लिए सबसे भरोसेमंद और सबसे पुराने आयुर्वेदिक उपायों को अपनाएं, ताकि आपके बाल मजबूत रहे और शाइन करें। भृंगराज तेल बालों के स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के लिए सबसे भरोसेमंद और सबसे पुराने आयुर्वेदिक उपायों में से एक है। इसे जड़ी-बूटियों का राजा भी कहा जाता है। ये बालों को लंबा करने में मददगार है। इससे बालों का गिरना बंद होता।


बालों के लिए आयुर्वेदिक उपाय


आंवला विटामिन सी से भरपूर हैं। बाल गिरने का एक बड़ा कारण आपके आहार में विटामिन सी की कमी है। विटामिन सी एक मजबूत एंटीऑक्सिडेंट है, जो फ्री रेडिकल्स की गतिविधि को रोकने का काम करता है और इससे बाल झड़ना और रूसी जैसी समस्याएं शुरू हो सकती हैं।



दही की तासीर ठंडी होती है और इसमें प्रोटीन भी भरपूर मात्रा में होता है। यह आपके स्कैल्प की हेल्थ के लिए बहुत बढ़िया है। यह नए रोम यानी फॉलिकल्स के विकास में मददगार होती है। दही को 15 मिनट के लिए बालों पर लगाएं और फिर शैम्पू से बालों को साफ करें। आपके बाल नर्म मुलायम और चमकदार बन जाएंगे।


 बाल झड़ने की आयुर्वेदिक दवाएं


बालों पर मेहंदी सिर्फ कलर करने के लिए नहीं लगाई जाती। मेहंदी एक औषधि की तरह भी काम करती है। यह डैंड्रफ और बालों के गिरने की समस्या को भी दूर करती है। अगर आपके बालों में रूसी है तो मेहंदी का इस्तेमाल करना आपके लिए बहुत फायदेमंद रहेगा।





यह भी पढ़े : how to remove dandruff 

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

एक दिन अचानक हिंदी कहानी, Hindi Kahani Ek Din Achanak

एक दिन अचानक दीदी के पत्र ने सारे राज खोल दिए थे. अब समझ में आया क्यों दीदी ने लिखा था कि जिंदगी में कभी किसी को अपनी कठपुतली मत बनाना और न ही कभी खुद किसी की कठपुतली बनना. Hindi Kahani Ek Din Achanak लता दीदी की आत्महत्या की खबर ने मुझे अंदर तक हिला दिया था क्योंकि दीदी कायर कदापि नहीं थीं. फिर मुझे एक दिन दीदी का वह पत्र मिला जिस ने सारे राज खोल दिए और मुझे परेशानी व असमंजस में डाल दिया कि क्या दीदी की आत्महत्या को मैं यों ही व्यर्थ जाने दूं? मैं बालकनी में पड़ी कुरसी पर चुपचाप बैठा था. जाने क्यों मन उदास था, जबकि लता दीदी को गुजरे अब 1 माह से अधिक हो गया है. दीदी की याद आती है तो जैसे यादों की बरात मन के लंबे रास्ते पर निकल पड़ती है. जिस दिन यह खबर मिली कि ‘लता ने आत्महत्या कर ली,’ सहसा विश्वास ही नहीं हुआ कि यह बात सच भी हो सकती है. क्योंकि दीदी कायर कदापि नहीं थीं. शादी के बाद, उन के पहले 3-4 साल अच्छे बीते. शरद जीजाजी और दीदी दोनों भोपाल में कार्यरत थे. जीजाजी बैंक में सहायक प्रबंधक हैं. दीदी शादी के पहले से ही सूचना एवं प्रसार कार्यालय में स्टैनोग्राफर थीं. लता

Hindi Family Story Big Brother Part 1 to 3

  Hindi kahani big brother बड़े भैया-भाग 1: स्मिता अपने भाई से कौन सी बात कहने से डर रही थी जब एक दिन अचानक स्मिता ससुराल को छोड़ कर बड़े भैया के घर आ गई, तब भैया की अनुभवी आंखें सबकुछ समझ गईं. अश्विनी कुमार भटनागर बड़े भैया ने घूर कर देखा तो स्मिता सिकुड़ गई. कितनी कठिनाई से इतने दिनों तक रटा हुआ संवाद बोल पाई थी. अब बोल कर भी लग रहा था कि कुछ नहीं बोली थी. बड़े भैया से आंख मिला कर कोई बोले, ऐसा साहस घर में किसी का न था. ‘‘क्या बोला तू ने? जरा फिर से कहना,’’ बड़े भैया ने गंभीरता से कहा. ‘‘कह तो दिया एक बार,’’ स्मिता का स्वर लड़खड़ा गया. ‘‘कोई बात नहीं,’’ बड़े भैया ने संतुलित स्वर में कहा, ‘‘एक बार फिर से कह. अकसर दूसरी बार कहने से अर्थ बदल जाता है.’’ स्मिता ने नीचे देखते हुए कहा, ‘‘मुझे अनिमेष से शादी करनी है.’’ ‘‘यह अनिमेष वही है न, जो कुछ दिनों पहले यहां आया था?’’ बड़े भैया ने पूछा. ‘‘जी.’’ ‘‘और वह बंगाली है?’’ बड़े भैया ने एकएक शब्द पर जोर देते हुए पूछा. ‘‘जी,’’ स्मिता ने धीमे स्वर में उत्तर दिया. ‘‘और हम लोग, जिस में तू भी शामिल है, शुद्ध शाकाहारी हैं. वह बंगाली तो अवश्य ही

Maa Ki Shaadi मां की शादी- भाग 1: समीर अपनी बेटी को क्या बनाना चाहता था?

मां की शादी- भाग 1: समीर अपनी बेटी को क्या बनाना चाहता था? मां की शादी- भाग 1: समीर अपनी बेटी को क्या बनाना चाहता था? समीर की मृत्यु के बाद मीरा के जीवन का एकमात्र मकसद था समीरा को सुखद भविष्य देना. लेकिन मीरा नहीं जानती थी कि समीरा भी अपनी मां की खुशियों को नए पंख देना चाहती थी. संध्या समीर और मैं ने, परिवारों के विरोध के बावजूद प्रेमविवाह किया था. एकदूसरे को पा कर हम बेहद खुश थे. समीर बैंक मैनेजर थे. बेहद हंसमुख एवं मिलनसार स्वभाव के थे. मेरे हर काम में दिलचस्पी तो लेते ही थे, हर संभव मदद भी करते थे, यहां तक कि मेरे कालेज संबंधी कामों में भी पूरी मदद करते थे. कई बार तो उन के उपयोगी टिप्स से मेरे लेक्चर में नई जान आ जाती थी. शादी के 4 वर्षों बाद मैं ने प्यारी सी बिटिया को जन्म दिया. उस के नामकरण के लिए मैं ने समीरा नाम सुझाया. समीर और मीरा की समीरा. समीर प्रफुल्लित होते हुए बोले, ‘‘यार, तुम ने तो बहुत बढि़या नामकरण कर दिया. जैसे यह हम दोनों का रूप है उसी तरह इस के नाम में हम दोनों का नाम भी समाहित है.’’ समीरा को प्यार से हम सोमू पुकारते, उस के जन्म के बाद मैं ने दोनों परिवारों मे