Raksha Bandhan 2021 Kaju Katli - Less Sweet Dessert: रक्षा बंधन 2021 काजू कतली – कम मीठी मिठाई | हिंदी शायरी एच सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

Raksha Bandhan 2021 Kaju Katli - Less Sweet Dessert: रक्षा बंधन 2021 काजू कतली – कम मीठी मिठाई | हिंदी शायरी एच

Raksha Bandhan 2021 Kaju Katli - Less Sweet Dessert: रक्षा बंधन 2021 काजू कतली – कम मीठी मिठाई
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काजूकतली उत्तर भारत की सब से खास मिठाई?है. raksha bandhan 2021, raksha bandhan gifts, raksha bandhan message, raksha bandhan on 22th august, raksha bandhan song,


आमतौर पर मिठाई के बाजार में उस मिठाई को सब से ज्यादा पसंद किया जाता है, जो ज्यादा दिनों तक चल सके यानी जल्दी खराब न हो. चीनी और काजू से तैयार होने वाली काजूकतली ऐसी ही एक मिठाई है. मिठाई के बाजार में आज इसे बेहद पसंद किया जा रहा है. जिन लोगों को मेवों की मिठाई पसंद आती?है, पर वे ज्यादा घी पसंद नहीं करते, उन के लिए काजूकतली या काजूबरफी सब से बढि़या होती है.


काजूकतली उत्तर भारत की सब से खास मिठाई?है. इसे चांदी के वर्क में लगा कर खाने वालों को दिया जाता है. सूखी मिठाई के रूप में काजूकतली सब से अच्छी होती है. कम वजन होने के कारण यह ज्यादा संख्या में मिल जाती है. इसे बिना किसी खास देखभाल या पैकिंग के कहीं भी ले जाया जा सकता?है.


कैसे बनाएं काजूकतली

काजूकतली बनाने के लिए 200 ग्राम काजू, 100 ग्राम चीनी, पानी और थोड़ा सा घी लें.


 


सब से पहले काजू को साफ कर के ठीक से सुखा लें. फिर इसे पीस कर काजूपाउडर बना लें.

एक कढ़ाई में जरूरत के मुताबिक पानी गरम करें. पानी उबलने लगे तो उस में चीनी डाल दें.

धीमी आंच पर चीनी को पकने दें. बीचबीच में चलाते रहें, जिस से चीनी कढ़ाई में लगने न पाए.

जब 3 तार की चाशनी बन जाए, तो कढ़ाई को आंच से नीचे उतार लें.


अब इस में काजूपाउडर मिलाएं. फिर कढ़ाई को धीमी आंच पर चढ़ाएं और काजूपाउडर को चाशनी में अच्छी तरह मिलाएं. इस के बाद कढ़ाई आंच से उतार लें.


अब काजूकतली जमाने के लिए एक ट्रे लें.

ट्रे की तली में घी की कुछ बूदें डाल कर अच्छी तरह से फैला दें.

फिर चौथाई इंच मोटाई में काजूकतली का तैयार पेस्ट ट्रे में डालें.


 



बेलन का सहारा ले कर इसे चिकना करें.

करीब 20 मिनट के बाद पेस्ट जम जाएगा. तब मनचाहे आकार में इसे काटें. सजाने के लिए चांदी के वर्क का सहारा लें.


काजूकतली की सब से खास बात यह होती है कि यह खोए की बरफी के मुकाबले ज्यादा दिनों तक चल जाती है. यह 3 से 4 हफ्ते तक खराब नहीं होती है. इसे कहीं भी लाना या ले जाना आसान होता?है. सूखी और स्वादिष्ठ होने के कारण लोग इसे काफी पसंद करते हैं.


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बढ़ता जा रहा इस्तेमाल


असम की रहने वाली मधु राज गुप्ता कहती हैं, ‘खोयाबरफी को खाने में डर लगता?है,?क्योंकि त्योहार के समय हर तरफ मिलावट वाली बातें होती रहती हैं. काजूकतली को बनाने के लिए किसी भी ऐसी चीज का इस्तेमाल नहीं किया जाता, जिस में कुछ मिलावट की जा सकती हो. काजू और चीनी से बनी काजूकतली खोए की बरफी के मुकाबले सेहत के लिए बेहतर होती है. इसीलिए लोग इसे खूब खाते हैं. यह खोयाबरफी के मुकाबले महंगी होने के बाद भी ज्यादा पसंद की जा रही?है.’


काजू से कई तरह की मिठाइयां तैयार की जाती हैं. काजू वैसे भी बहुत स्वादिष्ठ होता?है. चीनी के साथ मिल कर यह और ज्यादा स्वादिष्ठ हो जाता?है. त्योहारों के अलावा शादी में दी जाने वाली मिठाइयों में भी इस की खपत खूब होने लगी है.


 


बहुत सारे लोगों के लिए काजूकतली कारोबार करने का जरीया भी बन सकती है. काजूकतली को तैयार करना वैसे तो सरल काम होता है, पर काजू की क्वालिटी सही होनी चाहिए. घटिया काजू इस के स्वाद को खराब कर सकता है, इसलिए काजू बहुत ही देखभाल कर खरीदने चाहिए और चीनी की चाशनी भी अच्छी होनी चाहिए.



 

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