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Best Hindi Life Tragedy Shayari Collection | 'ज़िंदगी' के एहसास पर शायरों के जुबानी Hindi Shayari H

'ज़िंदगी' के एहसास पर शायरों के जुबानी

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ये कहां की दोस्ती है कि बने हैं दोस्त नासेह
कोई चारासाज़ होता, कोई ग़मगुसार होता 
- ग़ालिब 


माज़ी की याद, आज का ग़म, कल की उलझनें
सबके मिलाइए मेरी तस्वीर बन गयी
- आरज़ू लखनवी 




ज़ख़्म तलवार के गहरे भी हों मिट जाते हैं 
लफ़्ज़ तो दिल में उतर जाते हैं भालों की तरह 
- साग़र पालनपुरी 



अच्छा हुआ कि छुटी मुझसे फ़िक्रे-दुनिया
जितना ख़याल करते उतना मलाल होता 
- दर्द 






अभी से क्यूं छलक आए तुम्हारी आंख में आंसू
अभी छेड़ी कहां हैं दास्ताने-ज़िंदगी मैंने 
- अमीर मीनाई 




ज़ख़्मी न हुआ था दिल ऐसा, सीने में खटक दिन-रात थी
पहले भी हुए थे सदमें बहुत, रोये थे, मगर यह बात न थी
- सौदा 






वक़्त दो गुज़रे हैं मुश्किल, मुझ पै सारी उम्र में, 
आप के आने के पहले, आप के जाने के बाद 
- अदम 


तेरी नज़रों से गिर जाना, तेरे दिल से उतर जाना,
ये वो अफ़साना है, जिससे बहुत अच्छा है मर जाना
- अख़्तर अंसारी 

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