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Best Hindi Nostalgic Sher Collection - Nostalgia Sher: Top10 बेस्ट हिंदी नॉस्टेल्जिया शेर कलेक्शन


दिन किसी तरह से कट जाएगा सड़कों पे 'शफ़क़' 
शाम फिर आएगी हम शाम से घबराएँगे 
- फ़ारूक़ शफ़क़





देखते हैं बे-नियाज़ाना गुज़र सकते नहीं 
कितने जीते इस लिए होंगे कि मर सकते नहीं 
- महबूब ख़िज़ां
Best Hindi Nostalgia Sher Collection - Nostalgia Sher: Top10 बेस्ट हिंदी नॉस्टेल्जिया शेर कलेक्शन
 Nostalgia Sher: Top10



'जमाल' हर शहर से है प्यारा वो शहर मुझ को 
जहाँ से देखा था पहली बार आसमान मैं ने 
- जमाल एहसानी



आज इक और बरस बीत गया उस के बग़ैर 
जिस के होते हुए होते थे ज़माने मेरे 
- अहमद फ़राज़

 nostalgic shayari for आँखों

आज फिर नींद को आँखों से बिछड़ते देखा 
आज फिर याद कोई चोट पुरानी आई 
- इक़बाल अशहर



जब हुआ ज़िक्र ज़माने में मोहब्बत का 'शकील' 
मुझ को अपने दिल-ए-नाकाम पे रोना आया 
- शकील बदायुनी



अब भी आती है तिरी याद प इस कर्ब के साथ 
टूटती नींद में जैसे कोई सपना देखा 
- अख़्तर इमाम रिज़वी



अब जी में है कि उन को भुला कर ही देख लें 
वो बार बार याद जो आएँ तो क्या करें 
- अख़्तर शीरानी

 kuchh line nostalgic shayari


अकेला पा के मुझ को याद उन की आ तो जाती है 
मगर फिर लौट कर जाती नहीं मैं कैसे सो जाऊँ 
- अनवर मिर्ज़ापुरी



बरसों हुए न तुम ने किया भूल कर भी याद 
वादे की तरह हम भी फ़रामोश हो गए 
- जलील मानिकपूरी



भुला बैठे हो हम को आज लेकिन ये समझ लेना 
बहुत पछताओगे जिस वक़्त हम कल याद आएँगे 
- अख़्तर शीरानी

नास्टेल्जिया शायरी हिंदी  मैं  

सुपुर्द कर के उसे चाँदनी के हाथों में 
मैं अपने घर के अँधेरों को लौट आऊँगी 
- परवीन शाकिर



उन का ग़म उन का तसव्वुर उन के शिकवे अब कहाँ 
अब तो ये बातें भी ऐ दिल हो गईं आई गई 
- साहिर लुधियानवी



पानी में अक्स और किसी आसमाँ का है 
ये नाव कौन सी है ये दरिया कहाँ का है 
- अहमद मुश्ताक़

2 Line नाॅस्टेल्जिया शायरी


ये शुक्र है कि मिरे पास तेरा ग़म तो रहा 
वगर्ना ज़िंदगी भर को रुला दिया होता 
- गुलज़ार




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