Hindi Crushing On Alav Shayari अलाव पर कहे गए शेर Hindi Shayari H सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

Hindi Crushing On Alav Shayari अलाव पर कहे गए शेर Hindi Shayari H

best hindi अलाव shayari and sher collection

Hindi Crushing On Alav Shayari  अलाव पर कहे गए शेर
अलाव पर शायरी इन हिंदी


सर्दी से बचने के लिए और अपने शरीर को गर्म रखने के लिए लोग अलाव जलाते हैं यह ज्यादातर गांव के साइड सर्दी में जलते हुए देखने को मिलता है

Kuchh sabd Alav par

बदन पे पैरहन-ए-ख़ाक के सिवा क्या है
मिरे अलाव में अब राख के सिवा क्या है
- हिमायत अली शाएर 


इक अलाव जलता था
क़िस्सा आँखें मलता था
- तनवीर क़ाज़ी 

गाँव गाँव ख़ामोशी सर्द सब अलाव हैं
रह-रव-ए-रह-ए-हस्ती कितने अब पड़ाव हैं
- सिब्त अली सबा


अलाव क्रश शायरी इन हिंदी

किसी अलाव का शोला भड़क के बोलता है
सफ़र कठिन है मगर एक बार आख़िरी बार
- सऊद उस्मानी


तमाम दोस्त अलाव के गिर्द जम्अ थे और
हर एक अपनी कहानी सुनाने वाला था
- इदरीस बाबर 

होते ही शाम जलने लगा याद का अलाव
आँसू सुनाने दुख की कहानी निकल पड़े
- इक़बाल साजिद 


सर्द होते हुए वजूद में बस
कुछ नहीं था अलाव आँखें थीं
- सीमा ग़ज़ल 




रात चौपाल और अलाव मियाँ
अब कहाँ गाँव का सुभाव मियाँ
- यूसुफ़ तक़ी

अलाव जिस पे गुज़ारें ख़ुशी ख़ुशी रातें
उसी अलाव में था दर्द दर्द का क़िस्सा
- सुभाष पाठक ज़िया


गर्म अलाव में सुलगती सर्दियाँ
धीमे धीमे हीर गाती शाम थी
- एजाज़ उबैद


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