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New Year Shayari Collection - शायरी: बदलते सालों के साथ पढ़िए ये शायरी - Hindishayarih


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New Year Shayari Collection - शायरी: बदलते सालों के साथ पढ़िए ये शायरी
नये साल पर शेर



जब अगले साल यही वक़्त आ रहा होगा
ये कौन जानता है कौन किस जगह होगा
- रियाज़ मजीद 


ये ग़लत है ये साल ठीक नहीं
हर घड़ी का मलाल ठीक नहीं
- इमरान शमशाद 

इस साल शराफ़त का लिबादा नहीं पहना
पहना है मगर इतना ज़ियादा नहीं पहना
- इक़बाल साजिद 


हो साल-ए-नौ बहिश्त का दर्पन ख़ुदा करे
हर घर मसर्रतों का हो मस्कन ख़ुदा करे
- नज़ीर नादिर 

देखते देखते ही साल गुज़र जाता है
पर तिरा ग़म है कि बढ़ता है ठहर जाता है
- धीरेंद्र सिंह फ़य्याज़ 


हम एक ख़्वाब लिए माह ओ साल से गुज़रे
हज़ारों रंज हज़ारों मलाल से गुज़रे
- मुईन अहसन जज़्बी 

हर नए साल नया पेड़ लगा देता हूँ
और बे-ख़ानुमाँ चिड़ियों को बता देता हूँ
- मोहसिन असरार


उदास उदास है अब भी 'शोएब' फ़स्ल-ए-मुराद
उमीद उमीद में लगता है फिर ये साल गया
- शाहिद अहमद शोएब 

दिन महीना साल बेहतर हो गया
रफ़्ता रफ़्ता हाल बेहतर हो गया
- जी आर कँवल 


साल ये कौन सा नया है मुझे
वो ही गुज़रा गुज़ारना है मुझे
- आलोक मिश्रा




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