Sher Of Naushad Ali: 'नौशाद-अली' शायरी इन हिंदी Naushad Ali Ki Shayari बस एक ख़ामुशी है हर इक बात का जवाब | Hindishayarih सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

Sher Of Naushad Ali: 'नौशाद-अली' शायरी इन हिंदी Naushad Ali Ki Shayari बस एक ख़ामुशी है हर इक बात का जवाब | Hindishayarih

  
Sher Of Naushad Ali  नौशाद अली शायरी इन हिंदी - नौशाद अली की  हिंदी में उपलब्ध  सर्वश्रेष्ठ कविता, ग़ज़ल और नज़म पढ़ें, जिनमें सैड शायरी, होप पोएट्री, शेर एसएमएस और सूफी शायरी शामिल हैं, जो महान सूफी कवि नौशाद अली द्वारा लिखित हैं। पीडीएफ में सभी तरह की नौशाद अली कविता मुफ्त डाउनलोड करें। नौशाद अली की बेहतरीन शायरी हिंदी में। नौशाद अली ग़ज़ल और छात्रों के लिए प्रेरणादायक नज़म।   naushad ali shayari, naushad ali ke sher,   

Sher Of Naushad Ali: नौशाद अली शायरी इन हिंदी Naushad Ali Ki Shayari बस एक ख़ामुशी है हर इक बात का जवाब
नौशाल अली की शायरी





बस एक ख़ामुशी है हर इक बात का जवाब
कितने ही ज़िंदगी से सवालात कीजिए 


आबादियों में दश्त का मंज़र भी आएगा
गुज़रोगे शहर से तो मिरा घर भी आएगा 

ज़माने को तो बस मश्क़-ए-सितम से लुत्फ़ लेना है
निशाने पर न हम होते तो कोई दूसरा होता 


अश्क भर आए जो दुनिया ने सितम दिल पे किए
अपनी लुटती हुई जागीर पे रोना आया 

ये दुनिया हक़ीक़त की क़ाइल नहीं है
फ़साने सुनाओ फ़साने बहुत हैं 


naushad ali ki shayari

ठोकरें खाइए पत्थर भी उठाते चलिए
आने वालों के लिए राह बनाते चलिए 

मैं ख़ुद भी तपिश जिस की सहते हुए डरता हूँ
अक्सर मिरे नग़मों ने वो आग लगाई है


दुनिया कहीं जो बनती है मिटती ज़रूर है
पर्दे के पीछे कोई न कोई ज़रूर है 

ज़िंदगी मुख़्तसर मिली थी हमें
हसरतें बे-शुमार ले के चले 


करना है शाइरी अगर 'नौशाद' 
'मीर' का कुल्लियात याद करो

नौशाद अली शायरी

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