Top 2 Recipe In Hindi ऐसे बनाएं अरबी के पत्ते और केसर बादाम का हलवा सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

Top 2 Recipe In Hindi ऐसे बनाएं अरबी के पत्ते और केसर बादाम का हलवा


बादाम का हलवा बनाने की विधि हिंदी में ऐसे बनाएं अरबी के पत्ते और केसर बादाम का हलवा



इस पोस्ट मैं आप सभी को दो रेसिपी के बारे मैं बताने जा रहा हु बादाम का हलवा बनाने की विधि हिंदी में और अरबी के पत्ते की सब्जी कैसे बनते हैं 


बादाम का हलवा बनाने का तरीका बताइए
बादाम हलवा रेसिपी इन हिंदी



बादाम हलवा कैसे बनता है बादाम का हलवा रेसिपी हिंदी में,बादाम का हलवा बनाने का तरीका बताइए, बादाम का हलवा कैसे बनाते है

\

बादाम हलवा  ऐसे बनाये बादाम हलवा हिंदी 


सामग्री
 01 कप बादाम 1/4 कप घी 01 कप दूध 3/4 कप या स्वादानुसार चीनी 1/2 छोटा चम्मच केसर 1/2 छोटा चम्मच छोटी इलायची पाउडर 02 छोटे चम्मच बादाम कतरन और पिस्ता ( सजाने के लिए )


ऐसे बनाएं 
बादाम को पानी में 6 से 8 घंटे के लिए भिगो दें । फिर इसका छिलका निकाल दें । छिले हुए बादाम को मिक्सर ग्राइंडर में डालें और कोर्स मिक्सचर बनाकर अलग रख दें । अब एक सॉस पैन में दूध , शक्कर और केसर डालें और तब तक पकाएं , जब तक शक्कर अच्छी तरह घुल न जाए । एक कड़ाही में घी गरम करें । इसमें बादाम का मिश्रण डालें और 6 से 8 मिनट के लिए सेंक लें । बादाम का रंग बदलने तक पकाएं । फिर इसमें धीरे - धीरे दूध डालें । दूध के घुल जाने के तक हिलाती रहें । पक जाने के बाद जब मिश्रण घी छोड़ दे , तब गैस बंद करें और इलायची पाउडर मिलाएं । बादाम कतरन और पिस्ता से सजाकर सर्व करें ।



Top 2 Recipe In Hindi ऐसे बनाएं अरबी के पत्ते और केसर बादाम का हलवा
अरबी के पत्ते की रेसिपी Hindishayarih


अरबी के पत्ते की सब्जी कैसे बनाते हैं



अरबी के पत्ते कैसे होते हैं, अरबी के पत्ते की सब्जी के फायदे, अरबी के पत्ते की सब्जी कैसे बनते हैं,अरबी के पत्ते की सब्जी बनाने का तरीका बताइए




 सामग्री 
15-20 अरबी के कटे पत्ते 3.5 चम्मच भीगी चना दाल स्वादानुसार नमक 03 चम्मच इमली का गूदा 1.5 चम्मच कच्ची मूंगफली 03 चम्मच न्यूट्रीलाइट क्लासिक 01 चुटकी हींग 1/4 चम्मच मेथी के दाने 1/2 चम्मच सरसों के दाने 8-10 करी पत्ते 01 चम्मच कटा लहसुन 1/2 चम्मच कटी हरी मिर्च 1/4 चम्मच हल्दी पाउडर 03 चम्मच बेसन 1/4 चम्मच कसा गुड़ 1/4 चम्मच नारियल खुरचन


ऐसे बनाएं 
अरबी के पत्ते , चना दाल , नमक , दो चम्मच इमली का गूदा और दो से तीन कप पानी गहरे नॉन - स्टिक पैन में डालें । अब इसे ढककर 3-4 मिनट तक पकने दें । फिर इसमें कच्ची मूंगफली डालें और ढककर नरम होने तक पकाएं । न्यूट्रीलाइट क्लासिक को एक अन्य नॉन - स्टिक पैन में गरम करें । उसमें हींग , मेथी के दाने , सरसों के दाने , करी पत्ते , लहसुन , हरी मिर्च और हल्दी पाउडर मिलाएं तथा सुगंधित होने तक हिलाती रहें । अब बेसन डालकर अच्छी तरह मिलाएं और 2-3 मिनट तक चलाती रहें । अरबी दाल मिश्रण को पानी के साथ मिलाएं , फिर आधा कप पानी और डालकर मिक्स करें । बाकी बचा इमली का गूदा और गुड़ मिला दें । उसके बाद 5-10 मिनट तक मध्यम आंच पर पकाएं । अब नारियल डालें और अच्छी तरह मिलाएं । नमक डालकर 5 मिनट पकाएं और गरमागरम परोसें । 






इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

एक दिन अचानक हिंदी कहानी, Hindi Kahani Ek Din Achanak

एक दिन अचानक दीदी के पत्र ने सारे राज खोल दिए थे. अब समझ में आया क्यों दीदी ने लिखा था कि जिंदगी में कभी किसी को अपनी कठपुतली मत बनाना और न ही कभी खुद किसी की कठपुतली बनना. Hindi Kahani Ek Din Achanak लता दीदी की आत्महत्या की खबर ने मुझे अंदर तक हिला दिया था क्योंकि दीदी कायर कदापि नहीं थीं. फिर मुझे एक दिन दीदी का वह पत्र मिला जिस ने सारे राज खोल दिए और मुझे परेशानी व असमंजस में डाल दिया कि क्या दीदी की आत्महत्या को मैं यों ही व्यर्थ जाने दूं? मैं बालकनी में पड़ी कुरसी पर चुपचाप बैठा था. जाने क्यों मन उदास था, जबकि लता दीदी को गुजरे अब 1 माह से अधिक हो गया है. दीदी की याद आती है तो जैसे यादों की बरात मन के लंबे रास्ते पर निकल पड़ती है. जिस दिन यह खबर मिली कि ‘लता ने आत्महत्या कर ली,’ सहसा विश्वास ही नहीं हुआ कि यह बात सच भी हो सकती है. क्योंकि दीदी कायर कदापि नहीं थीं. शादी के बाद, उन के पहले 3-4 साल अच्छे बीते. शरद जीजाजी और दीदी दोनों भोपाल में कार्यरत थे. जीजाजी बैंक में सहायक प्रबंधक हैं. दीदी शादी के पहले से ही सूचना एवं प्रसार कार्यालय में स्टैनोग्राफर थीं. लता

Hindi Family Story Big Brother Part 1 to 3

  Hindi kahani big brother बड़े भैया-भाग 1: स्मिता अपने भाई से कौन सी बात कहने से डर रही थी जब एक दिन अचानक स्मिता ससुराल को छोड़ कर बड़े भैया के घर आ गई, तब भैया की अनुभवी आंखें सबकुछ समझ गईं. अश्विनी कुमार भटनागर बड़े भैया ने घूर कर देखा तो स्मिता सिकुड़ गई. कितनी कठिनाई से इतने दिनों तक रटा हुआ संवाद बोल पाई थी. अब बोल कर भी लग रहा था कि कुछ नहीं बोली थी. बड़े भैया से आंख मिला कर कोई बोले, ऐसा साहस घर में किसी का न था. ‘‘क्या बोला तू ने? जरा फिर से कहना,’’ बड़े भैया ने गंभीरता से कहा. ‘‘कह तो दिया एक बार,’’ स्मिता का स्वर लड़खड़ा गया. ‘‘कोई बात नहीं,’’ बड़े भैया ने संतुलित स्वर में कहा, ‘‘एक बार फिर से कह. अकसर दूसरी बार कहने से अर्थ बदल जाता है.’’ स्मिता ने नीचे देखते हुए कहा, ‘‘मुझे अनिमेष से शादी करनी है.’’ ‘‘यह अनिमेष वही है न, जो कुछ दिनों पहले यहां आया था?’’ बड़े भैया ने पूछा. ‘‘जी.’’ ‘‘और वह बंगाली है?’’ बड़े भैया ने एकएक शब्द पर जोर देते हुए पूछा. ‘‘जी,’’ स्मिता ने धीमे स्वर में उत्तर दिया. ‘‘और हम लोग, जिस में तू भी शामिल है, शुद्ध शाकाहारी हैं. वह बंगाली तो अवश्य ही

Famous Love Shayari Of These Five Noted Urdu Poet होठों पे मुहब्बत के फ़साने नहीं आते

  Bashir badr shayari  बशीर बद्र की नज़्मों में मोहब्बत का दर्द समाया हुआ है। उनकी शायरी का एक-एक लफ़्ज़ इसका गवाह है। Bashir badr shayari     होठों पे मुहब्बत के फ़साने नहीं आते साहिल पे समुंदर के ख़ज़ाने नहीं आते पलकें भी चमक उठती हैं सोते में हमारी आंखों को अभी ख़्वाब छुपाने नहीं आते दिल उजड़ी हुई इक सराये की तरह है अब लोग यहाँ रात जगाने नहीं आते उड़ने दो परिंदों को अभी शोख़ हवा में फिर लौट के बचपन के ज़माने नहीं आते इस शहर के बादल तेरी ज़ुल्फ़ों की तरह हैं ये आग लगाते हैं बुझाने नहीं आते अहबाब भी ग़ैरों की अदा सीख गये हैं आते हैं मगर दिल को दुखाने नहीं आते मोहब्बत के शायर हैं जिगर मुरादाबादी इक लफ़्ज़-ए-मुहब्बत का अदना सा फ़साना है सिमटे तो दिल-ए-आशिक़, फ़ैले तो ज़माना है हम इश्क़ के मारों का इतना ही फ़साना है रोने को नहीं कोई हंसने को ज़माना है ये इश्क़ नहीं आसां, बस इतना समझ लीजे एक आग का दरिया है और डूब के जाना है     जिगर मुरादाबादी शायरी     वो हुस्न-ओ-जमाल उन का, ये इश्क़-ओ-शबाब अपना जीने की तमन्ना है, मरने का ज़माना है अश्क़ों के तबस्सुम में, आहों के तरन्नुम में मासूम मुहब्ब