Dahi Ki Gujiya Recipe In Hindi: घर में बनाएं 'दही की गुजिया', 30 मिनट में हो जाएगी तैयार सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

Dahi Ki Gujiya Recipe In Hindi: घर में बनाएं 'दही की गुजिया', 30 मिनट में हो जाएगी तैयार

 Dahi Ki Gujiya Recipe In Hindi How To Make Dahi Ki Gujiya At Home

Dahi Ki Gujiya Recipe In Hindi: घर में बनाएं  'दही की गुजिया',  30 मिनट में हो जाएगी तैयार
Gujiya Recipe In Hindi


Dahi ki gujiya recipe in hindi, dahi ki gujiya banane ka tarika, dahi ki gujiya kaise banaye, dahi ki gujiya recipe, dahi wali gujiya kaise banti hai, dahi ki gujiya, दही की गुजिया कैसे बनाएं



घर में "दही की गुजिया" बनाना काफी आसान होता है। आपको "दही की गुजिया" बनाने में लगभग 30 मिनट का समय लगेगा। आज हम आपको बताएंगे घर में "दही की गुजिया" बनाने की आसान विधि। तीन आसान स्टेप्स में स्वादिष्ट "दही की गुजिया" बनकर तैयार हो जाएगी।

 

दही की गुजिया कैसे बनाएं
दही की गुजिया कैसे बनाएं


ये भी पढ़ें Best Recipe Dahi Bhalla

 



दही की गुजिया बनाने के लिए आवश्यक सामग्री

    उड़द की दाल- 150 ग्राम
    मूंग की दाल- 50 ग्राम
    किशमिश
    काजू- बारीक कटा हुआ
    खोया- 2 बड़े चम्मच
    दही- 4 कप
    हरी मिर्च- 2
    धनिया
    भुना जीरा पाउडर- 2 छोटे चम्मच
    चाट मसाला- 2 छोटे चम्मच
    मीठी चटनी- 1 कप
    हरी चटनी- 1 कप
    तेल
    नमक- स्वादानुसार



  dahi ki gujiya banane ka tarika

 

dahi ki gujiya recipe
dahi ki gujiya recipe 





dahi ki gujiya recipe स्टेप 1

    "दही की गुजिया" बनाने से एक दिन पहले रात में उड़द और मूंग की दाल को भिगो लें। इसके बाद अगले दिन उड़द और मूंग की दाल को पीस लें। इस बात का विशेष ध्यान रखें कि दाल ज्यादा गीली न हो। अब पिसी हुई दाल में नमक, धनिया पत्ती, मिर्च, किशमिश और काजू  मिला लें। मिलाने के बाद इस मिश्रण को अच्छी तरह से फेंट लें।

 
ये भी पढ़ें Best Short Story 50 लाख का इनाम



Dahi ki gujiya kaise banaye
Dahi ki gujiya kaise banaye 





Dahi ki gujiya kaise banaye स्टेप  2

    अब आपने खोया में चीनी का भूरा मिलाना है और इसे कुछ देर के लिए अलग रख देना है। इसके बाद एक कॅाटन का कपड़ा लें और उसे गीला करने के बाद अच्छे से निचोड़ कर फैला लें। इसके बाद दाल के मिश्रण से एक छोटी सी लोई बनाएं और उसके बीच में थोड़ा सा खोया भर दें। इसके बाद इसे अच्छे से फोल्ड करें और गुजिया का आकार दें। गुजिया का आकार देने के बाद आपने इसे गीले कपड़े में रख देना है। इस तरीके से बाकी बचे दाल के मिश्रण से भी गुजिया बना लें।
 


dahi wali gujiya kaise banti hai स्टेप 3
dahi wali gujiya kaise banti hai






dahi wali gujiya kaise banti hai स्टेप 3

    इसके बाद कढ़ाई में तेल गर्म कर लें। अब इस तेल में गुजिया को तलना शुरू करें। तली हुई गुजिया को एक पानी से भरे बर्तन में डुबों को रखें। गुजिया तलने के बाद आपने एक बर्तन में दही ले लें और उसे अच्छी तरह से मथ लें। दही में काला नमक और भुना जीरा मिला लें। इसके बाद गुजिया को पानी से निकाल लें और दही में डुबो दें। कुछ देर इसे फ्रिज में रखने के बाद आप मीठी और हरी चटनी डाल कर दही की गुजिया का सेवन कर सकती हैं।  




 
ये भी पढ़ें  Rashmi Desai Naagin Look

 

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

एक दिन अचानक हिंदी कहानी, Hindi Kahani Ek Din Achanak

एक दिन अचानक दीदी के पत्र ने सारे राज खोल दिए थे. अब समझ में आया क्यों दीदी ने लिखा था कि जिंदगी में कभी किसी को अपनी कठपुतली मत बनाना और न ही कभी खुद किसी की कठपुतली बनना. Hindi Kahani Ek Din Achanak लता दीदी की आत्महत्या की खबर ने मुझे अंदर तक हिला दिया था क्योंकि दीदी कायर कदापि नहीं थीं. फिर मुझे एक दिन दीदी का वह पत्र मिला जिस ने सारे राज खोल दिए और मुझे परेशानी व असमंजस में डाल दिया कि क्या दीदी की आत्महत्या को मैं यों ही व्यर्थ जाने दूं? मैं बालकनी में पड़ी कुरसी पर चुपचाप बैठा था. जाने क्यों मन उदास था, जबकि लता दीदी को गुजरे अब 1 माह से अधिक हो गया है. दीदी की याद आती है तो जैसे यादों की बरात मन के लंबे रास्ते पर निकल पड़ती है. जिस दिन यह खबर मिली कि ‘लता ने आत्महत्या कर ली,’ सहसा विश्वास ही नहीं हुआ कि यह बात सच भी हो सकती है. क्योंकि दीदी कायर कदापि नहीं थीं. शादी के बाद, उन के पहले 3-4 साल अच्छे बीते. शरद जीजाजी और दीदी दोनों भोपाल में कार्यरत थे. जीजाजी बैंक में सहायक प्रबंधक हैं. दीदी शादी के पहले से ही सूचना एवं प्रसार कार्यालय में स्टैनोग्राफर थीं. लता

Hindi Family Story Big Brother Part 1 to 3

  Hindi kahani big brother बड़े भैया-भाग 1: स्मिता अपने भाई से कौन सी बात कहने से डर रही थी जब एक दिन अचानक स्मिता ससुराल को छोड़ कर बड़े भैया के घर आ गई, तब भैया की अनुभवी आंखें सबकुछ समझ गईं. अश्विनी कुमार भटनागर बड़े भैया ने घूर कर देखा तो स्मिता सिकुड़ गई. कितनी कठिनाई से इतने दिनों तक रटा हुआ संवाद बोल पाई थी. अब बोल कर भी लग रहा था कि कुछ नहीं बोली थी. बड़े भैया से आंख मिला कर कोई बोले, ऐसा साहस घर में किसी का न था. ‘‘क्या बोला तू ने? जरा फिर से कहना,’’ बड़े भैया ने गंभीरता से कहा. ‘‘कह तो दिया एक बार,’’ स्मिता का स्वर लड़खड़ा गया. ‘‘कोई बात नहीं,’’ बड़े भैया ने संतुलित स्वर में कहा, ‘‘एक बार फिर से कह. अकसर दूसरी बार कहने से अर्थ बदल जाता है.’’ स्मिता ने नीचे देखते हुए कहा, ‘‘मुझे अनिमेष से शादी करनी है.’’ ‘‘यह अनिमेष वही है न, जो कुछ दिनों पहले यहां आया था?’’ बड़े भैया ने पूछा. ‘‘जी.’’ ‘‘और वह बंगाली है?’’ बड़े भैया ने एकएक शब्द पर जोर देते हुए पूछा. ‘‘जी,’’ स्मिता ने धीमे स्वर में उत्तर दिया. ‘‘और हम लोग, जिस में तू भी शामिल है, शुद्ध शाकाहारी हैं. वह बंगाली तो अवश्य ही

Famous Love Shayari Of These Five Noted Urdu Poet होठों पे मुहब्बत के फ़साने नहीं आते

  Bashir badr shayari  बशीर बद्र की नज़्मों में मोहब्बत का दर्द समाया हुआ है। उनकी शायरी का एक-एक लफ़्ज़ इसका गवाह है। Bashir badr shayari     होठों पे मुहब्बत के फ़साने नहीं आते साहिल पे समुंदर के ख़ज़ाने नहीं आते पलकें भी चमक उठती हैं सोते में हमारी आंखों को अभी ख़्वाब छुपाने नहीं आते दिल उजड़ी हुई इक सराये की तरह है अब लोग यहाँ रात जगाने नहीं आते उड़ने दो परिंदों को अभी शोख़ हवा में फिर लौट के बचपन के ज़माने नहीं आते इस शहर के बादल तेरी ज़ुल्फ़ों की तरह हैं ये आग लगाते हैं बुझाने नहीं आते अहबाब भी ग़ैरों की अदा सीख गये हैं आते हैं मगर दिल को दुखाने नहीं आते मोहब्बत के शायर हैं जिगर मुरादाबादी इक लफ़्ज़-ए-मुहब्बत का अदना सा फ़साना है सिमटे तो दिल-ए-आशिक़, फ़ैले तो ज़माना है हम इश्क़ के मारों का इतना ही फ़साना है रोने को नहीं कोई हंसने को ज़माना है ये इश्क़ नहीं आसां, बस इतना समझ लीजे एक आग का दरिया है और डूब के जाना है     जिगर मुरादाबादी शायरी     वो हुस्न-ओ-जमाल उन का, ये इश्क़-ओ-शबाब अपना जीने की तमन्ना है, मरने का ज़माना है अश्क़ों के तबस्सुम में, आहों के तरन्नुम में मासूम मुहब्ब