How To Get Vitamin-D From Sun विटामिन-डी सूरज के लाइट कैसे प्राप्त करें | Hindishayarih सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

How To Get Vitamin-D From Sun विटामिन-डी सूरज के लाइट कैसे प्राप्त करें | Hindishayarih

 

How To Get Vitamin-D From Sun  विटामिन-डी सूरज के लाइट कैसे प्राप्त करें
chart source of vitamin d   
 

 How To Get Vitamin-D From Sun  विटामिन-डी सूरज के लाइट कैसे प्राप्त करें vitamin d sun विटामिन डी के आहार vitamin d sun timing विटामिन डी फूड्स vitamin d sun exposure विटामिन डी  साइड इफेक्ट विटामिन डी फ्रूट्स नाम vitamin d sun time विटामिन डी की कमी से होता है  chart source of vitamin d विटामिन डी की कमी के लक्षणों बच्चे के लिए sun sources of vitamin d sun vitamin d sun time india vitamin d 

 

 

 

विटामिन-डी की कमी से कई तरह की बीमारियां जन्म लेती हैं। इनमें मैटाबोलिक सिंड्रोम, ब्रेस्ट कैंसर, अवसाद, और डिमेंशिया आदि प्रमुख हैं। विशेषज्ञों की मानें तो विटामिन-डी की कमी से कोरोना वायरस संक्रमण का खतरा भी अधिक रहता है। इसके लिए कोरोना काल में इम्यून सिस्टम मजबूत करने के लिए विटामिन-सी और डी का अधिक से अधिक सेवन करना चाहिए। विटामिन-डी का मुख्य स्त्रोत धूप है। इसके लिए पुराने-जमाने में लोग धूप सेंका करते थे।

 

विटामिन डी बेनिफिट्स 

आधुनिक समय में लोग इससे दूर होने लगे हैं। इस वजह से लोग बीमार भी अधिक पड़ने लगे हैं। इसके अतिरिक्त अंडे की जर्दी, टूना, सोया दूध और टूना मछली के सेवन से भी विटामिन-डी प्राप्त होता है। विटामिन-डी में भी वर्गीकरण है। विटामिन-डी 2 खाने से प्राप्त होता है और विटामिन-डी 3 सूर्य की रोशनी से प्राप्त होता है। अगर आप भी विटामिन-डी के लिए धूप सेंकते हैं, तो एक बार इसके सही तरीका जरूर जान लें-




धूप सेंकने का सही समय क्या है

विशेषज्ञ का कहना है कि गर्मी और सर्दी दोनों मौसमों में अलग-अलग समय में धूप सेंकनी चाहिए। जहां गर्मी के दिनों में तापमान 40 डिग्री के ऊपर पहुंच जाता है। वहीं,  सर्दी के दिनों में तापमान 10 डिग्री से नीचे आ जाता है। ऐसे में गर्मी के दिनों में सुबह सूर्योदय से लेकर 10 बजे से पहले धूप का आनंद ले सकते हैं। इसके बाद धूप में बैठना हानिकारक हो सकता है। जबकि सर्दी के दिनों में सुबह 10 बजे से लेकर दोपहर के 3 बजे तक धूप सेंक सकते हैं।






धूप कैसे सेंके

विटामिन-डी प्राप्त करने के लिए यह भी जान लेना जरूरी है कि धूप किस तरह से सेंकनी चाहिए। पश्चिम देशों में लोग सन बाथ करते हैं। इसके लिए पीठ को सूर्य की तरफ करके बैठें। ऐसा माना जाता है कि इससे शरीर को अधिक से अधिक विटामिन-डी प्राप्त होता है। साथ ही हाथों और पैरों को भी धूप में रखने से विटामिन-डी प्राप्त होता है।

 

यह भी पढ़े  Hindi Morning Face And Skin Care



डिस्क्लेमर: स्टोरी के टिप्स और सुझाव सामान्य जानकारी के लिए हैं। इन्हें किसी डॉक्टर या मेडिकल प्रोफेशनल की सलाह के तौर पर नहीं लें। बीमारी या संक्रमण के लक्षणों की स्थिति में डॉक्टर की सलाह जरूर लें।


 

 

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

एक दिन अचानक हिंदी कहानी, Hindi Kahani Ek Din Achanak

एक दिन अचानक दीदी के पत्र ने सारे राज खोल दिए थे. अब समझ में आया क्यों दीदी ने लिखा था कि जिंदगी में कभी किसी को अपनी कठपुतली मत बनाना और न ही कभी खुद किसी की कठपुतली बनना. Hindi Kahani Ek Din Achanak लता दीदी की आत्महत्या की खबर ने मुझे अंदर तक हिला दिया था क्योंकि दीदी कायर कदापि नहीं थीं. फिर मुझे एक दिन दीदी का वह पत्र मिला जिस ने सारे राज खोल दिए और मुझे परेशानी व असमंजस में डाल दिया कि क्या दीदी की आत्महत्या को मैं यों ही व्यर्थ जाने दूं? मैं बालकनी में पड़ी कुरसी पर चुपचाप बैठा था. जाने क्यों मन उदास था, जबकि लता दीदी को गुजरे अब 1 माह से अधिक हो गया है. दीदी की याद आती है तो जैसे यादों की बरात मन के लंबे रास्ते पर निकल पड़ती है. जिस दिन यह खबर मिली कि ‘लता ने आत्महत्या कर ली,’ सहसा विश्वास ही नहीं हुआ कि यह बात सच भी हो सकती है. क्योंकि दीदी कायर कदापि नहीं थीं. शादी के बाद, उन के पहले 3-4 साल अच्छे बीते. शरद जीजाजी और दीदी दोनों भोपाल में कार्यरत थे. जीजाजी बैंक में सहायक प्रबंधक हैं. दीदी शादी के पहले से ही सूचना एवं प्रसार कार्यालय में स्टैनोग्राफर थीं. लता

Hindi Family Story Big Brother Part 1 to 3

  Hindi kahani big brother बड़े भैया-भाग 1: स्मिता अपने भाई से कौन सी बात कहने से डर रही थी जब एक दिन अचानक स्मिता ससुराल को छोड़ कर बड़े भैया के घर आ गई, तब भैया की अनुभवी आंखें सबकुछ समझ गईं. अश्विनी कुमार भटनागर बड़े भैया ने घूर कर देखा तो स्मिता सिकुड़ गई. कितनी कठिनाई से इतने दिनों तक रटा हुआ संवाद बोल पाई थी. अब बोल कर भी लग रहा था कि कुछ नहीं बोली थी. बड़े भैया से आंख मिला कर कोई बोले, ऐसा साहस घर में किसी का न था. ‘‘क्या बोला तू ने? जरा फिर से कहना,’’ बड़े भैया ने गंभीरता से कहा. ‘‘कह तो दिया एक बार,’’ स्मिता का स्वर लड़खड़ा गया. ‘‘कोई बात नहीं,’’ बड़े भैया ने संतुलित स्वर में कहा, ‘‘एक बार फिर से कह. अकसर दूसरी बार कहने से अर्थ बदल जाता है.’’ स्मिता ने नीचे देखते हुए कहा, ‘‘मुझे अनिमेष से शादी करनी है.’’ ‘‘यह अनिमेष वही है न, जो कुछ दिनों पहले यहां आया था?’’ बड़े भैया ने पूछा. ‘‘जी.’’ ‘‘और वह बंगाली है?’’ बड़े भैया ने एकएक शब्द पर जोर देते हुए पूछा. ‘‘जी,’’ स्मिता ने धीमे स्वर में उत्तर दिया. ‘‘और हम लोग, जिस में तू भी शामिल है, शुद्ध शाकाहारी हैं. वह बंगाली तो अवश्य ही

Maa Ki Shaadi मां की शादी- भाग 1: समीर अपनी बेटी को क्या बनाना चाहता था?

मां की शादी- भाग 1: समीर अपनी बेटी को क्या बनाना चाहता था? मां की शादी- भाग 1: समीर अपनी बेटी को क्या बनाना चाहता था? समीर की मृत्यु के बाद मीरा के जीवन का एकमात्र मकसद था समीरा को सुखद भविष्य देना. लेकिन मीरा नहीं जानती थी कि समीरा भी अपनी मां की खुशियों को नए पंख देना चाहती थी. संध्या समीर और मैं ने, परिवारों के विरोध के बावजूद प्रेमविवाह किया था. एकदूसरे को पा कर हम बेहद खुश थे. समीर बैंक मैनेजर थे. बेहद हंसमुख एवं मिलनसार स्वभाव के थे. मेरे हर काम में दिलचस्पी तो लेते ही थे, हर संभव मदद भी करते थे, यहां तक कि मेरे कालेज संबंधी कामों में भी पूरी मदद करते थे. कई बार तो उन के उपयोगी टिप्स से मेरे लेक्चर में नई जान आ जाती थी. शादी के 4 वर्षों बाद मैं ने प्यारी सी बिटिया को जन्म दिया. उस के नामकरण के लिए मैं ने समीरा नाम सुझाया. समीर और मीरा की समीरा. समीर प्रफुल्लित होते हुए बोले, ‘‘यार, तुम ने तो बहुत बढि़या नामकरण कर दिया. जैसे यह हम दोनों का रूप है उसी तरह इस के नाम में हम दोनों का नाम भी समाहित है.’’ समीरा को प्यार से हम सोमू पुकारते, उस के जन्म के बाद मैं ने दोनों परिवारों मे