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Visaal E Shayari Collection In Hindi  'विसाल' पर कहे शायरों |  मिर्ज़ा ग़ालिब
Visaal E Shayari Collection In Hindi

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हिज्र बख़्शा कभी विसाल दिया

इश्क़ ने जो दिया कमाल दिया
- तैमूर हसन


आरज़ू-ए-विसाल क्या करते
हम से कोई सवाल क्या करते
- मन्मोहन आलम

बरपा तिरे विसाल का तूफ़ान हो चुका
दिल में जो बाग़ था वो बयाबान हो चुका
- शुजा ख़ावर


हिज्र अपनी तरफ़ से है वर्ना
उस तरफ़ से विसाल में सब हैं
- रज़ा अज़ीमाबादी

अब फ़िराक़-ओ-विसाल बार हुए
उम्र गुज़री है बे-क़रार हुए
- जाफ़र अब्बास


तिरा विसाल बड़ी चीज़ है मगर ऐ दोस्त
विसाल को मिरी दुनिया-ए-आरज़ू न बना
- फ़िराक़ गोरखपुरी

ज़रा विसाल के बाद आइना तो देख ऐ दोस्त
तिरे जमाल की दोशीज़गी निखर आई
- फ़िराक़ गोरखपुरी


गुज़र चुका है ज़माना विसाल करने का
ये कोई वक़्त है तेरे कमाल करने का
- मोहसिन असरार

अभी से तुझ को पड़ी है विसाल की मिरी जाँ
अभी तो हिज्र ने उन्वान ही नहीं पाया
- अब्दुर्रहमान मोमिन


ये न थी हमारी क़िस्मत कि विसाल-ए-यार होता
अगर और जीते रहते यही इंतिज़ार होता
- मिर्ज़ा ग़ालिब




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