Best Nigaah Shayari Collection - आँख शायरी Nigah Shayari 2 Line Whatsapp Fb नज़र शायरी इन हिंदी सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

Best Nigaah Shayari Collection - आँख शायरी Nigah Shayari 2 Line Whatsapp Fb नज़र शायरी इन हिंदी



Best Nigaah Shayari Collection - आँख शायरी Nigah Shayari 2 Line Whatsapp Fb नज़र शायरी इन हिंदी
नज़र शायरी इन हिंदी




करने गए थे उस से तग़ाफ़ुल का हम गिला 
की एक ही निगाह कि बस ख़ाक हो गए 
- मिर्ज़ा ग़ालिब

आँख शायरी

सब कुछ तो है क्या ढूँडती रहती हैं निगाहें 
क्या बात है मैं वक़्त पे घर क्यूँ नहीं जाता 
- निदा फ़ाज़ली




आँखें जो उठाए तो मोहब्बत का गुमाँ हो 
नज़रों को झुकाए तो शिकायत सी लगे है 
- जाँ निसार अख़्तर




साक़ी मुझे शराब की तोहमत नहीं पसंद 
मुझ को तिरी निगाह का इल्ज़ाम चाहिए 
- अब्दुल हमीद अदम

निगाह शायरी 2 लाइन्स
निगाह शायरी 2 लाइन्स

मोहब्बत का तुम से असर क्या कहूँ 
नज़र मिल गई दिल धड़कने लगा 
- अकबर इलाहाबादी






फ़क़त निगाह से होता है फ़ैसला दिल का 
न हो निगाह में शोख़ी तो दिलबरी क्या है 
- अल्लामा इक़बाल




ख़ुदा बचाए तिरी मस्त मस्त आँखों से 
फ़रिश्ता हो तो बहक जाए आदमी क्या है 
- ख़ुमार बाराबंकवी

nazar shayari in hindi


अदा से देख लो जाता रहे गिला दिल का 
बस इक निगाह पे ठहरा है फ़ैसला दिल का 
- अरशद अली ख़ान क़लक़




मैं उम्र भर जवाब नहीं दे सका 'अदम' 
वो इक नज़र में इतने सवालात कर गए 
- अब्दुल हमीद अदम

nigah shayari images
nigah shayari images


साक़ी ज़रा निगाह मिला कर तो देखना 
कम्बख़्त होश में तो नहीं आ गया हूँ मैं 
- अब्दुल हमीद अदम

nigah shayari images


तुझे दानिस्ता महफ़िल में जो देखा हो तो मुजरिम हूँ 
नज़र आख़िर नज़र है बे-इरादा उठ गई होगी 
- सीमाब अकबराबादी


दीद के क़ाबिल हसीं तो हैं बहुत 
हर नज़र दीदार के क़ाबिल नहीं 
- जलील मानिकपूरी




वो नज़र कामयाब हो के रही 
दिल की बस्ती ख़राब हो के रही 
- फ़ानी बदायुनी

निगाह शायरी हिंदी



बरसों रहे हैं आप हमारी निगाह में 
ये क्या कहा कि हम तुम्हें पहचानते नहीं 
- नूह नारवी




हाल कह देते हैं नाज़ुक से इशारे अक्सर 
कितनी ख़ामोश निगाहों की ज़बाँ होती है 
- महेश चंद्र नक़्श




है तेरे लिए सारा जहाँ हुस्न से ख़ाली 
ख़ुद हुस्न अगर तेरी निगाहों में नहीं है 
- अफ़सर मेरठी

nigah shayari 2 line
nigah shayari 2 line
उस ने मिरी निगाह के सारे सुख़न समझ लिए 
फिर भी मिरी निगाह में एक सवाल है नया 
- अतहर नफ़ीस



उन मस्त निगाहों ने ख़ुद अपना भरम खोला 
इंकार के पर्दे में इक़रार नज़र आए 
- महेश चंद्र नक़्श




 aankh shayari, , love shayari, निगाह शायरी, Nigaah shayari  निगाह शायरी इमेजेज

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

एक दिन अचानक हिंदी कहानी, Hindi Kahani Ek Din Achanak

एक दिन अचानक दीदी के पत्र ने सारे राज खोल दिए थे. अब समझ में आया क्यों दीदी ने लिखा था कि जिंदगी में कभी किसी को अपनी कठपुतली मत बनाना और न ही कभी खुद किसी की कठपुतली बनना. Hindi Kahani Ek Din Achanak लता दीदी की आत्महत्या की खबर ने मुझे अंदर तक हिला दिया था क्योंकि दीदी कायर कदापि नहीं थीं. फिर मुझे एक दिन दीदी का वह पत्र मिला जिस ने सारे राज खोल दिए और मुझे परेशानी व असमंजस में डाल दिया कि क्या दीदी की आत्महत्या को मैं यों ही व्यर्थ जाने दूं? मैं बालकनी में पड़ी कुरसी पर चुपचाप बैठा था. जाने क्यों मन उदास था, जबकि लता दीदी को गुजरे अब 1 माह से अधिक हो गया है. दीदी की याद आती है तो जैसे यादों की बरात मन के लंबे रास्ते पर निकल पड़ती है. जिस दिन यह खबर मिली कि ‘लता ने आत्महत्या कर ली,’ सहसा विश्वास ही नहीं हुआ कि यह बात सच भी हो सकती है. क्योंकि दीदी कायर कदापि नहीं थीं. शादी के बाद, उन के पहले 3-4 साल अच्छे बीते. शरद जीजाजी और दीदी दोनों भोपाल में कार्यरत थे. जीजाजी बैंक में सहायक प्रबंधक हैं. दीदी शादी के पहले से ही सूचना एवं प्रसार कार्यालय में स्टैनोग्राफर थीं. लता

Hindi Family Story Big Brother Part 1 to 3

  Hindi kahani big brother बड़े भैया-भाग 1: स्मिता अपने भाई से कौन सी बात कहने से डर रही थी जब एक दिन अचानक स्मिता ससुराल को छोड़ कर बड़े भैया के घर आ गई, तब भैया की अनुभवी आंखें सबकुछ समझ गईं. अश्विनी कुमार भटनागर बड़े भैया ने घूर कर देखा तो स्मिता सिकुड़ गई. कितनी कठिनाई से इतने दिनों तक रटा हुआ संवाद बोल पाई थी. अब बोल कर भी लग रहा था कि कुछ नहीं बोली थी. बड़े भैया से आंख मिला कर कोई बोले, ऐसा साहस घर में किसी का न था. ‘‘क्या बोला तू ने? जरा फिर से कहना,’’ बड़े भैया ने गंभीरता से कहा. ‘‘कह तो दिया एक बार,’’ स्मिता का स्वर लड़खड़ा गया. ‘‘कोई बात नहीं,’’ बड़े भैया ने संतुलित स्वर में कहा, ‘‘एक बार फिर से कह. अकसर दूसरी बार कहने से अर्थ बदल जाता है.’’ स्मिता ने नीचे देखते हुए कहा, ‘‘मुझे अनिमेष से शादी करनी है.’’ ‘‘यह अनिमेष वही है न, जो कुछ दिनों पहले यहां आया था?’’ बड़े भैया ने पूछा. ‘‘जी.’’ ‘‘और वह बंगाली है?’’ बड़े भैया ने एकएक शब्द पर जोर देते हुए पूछा. ‘‘जी,’’ स्मिता ने धीमे स्वर में उत्तर दिया. ‘‘और हम लोग, जिस में तू भी शामिल है, शुद्ध शाकाहारी हैं. वह बंगाली तो अवश्य ही

Maa Ki Shaadi मां की शादी- भाग 1: समीर अपनी बेटी को क्या बनाना चाहता था?

मां की शादी- भाग 1: समीर अपनी बेटी को क्या बनाना चाहता था? मां की शादी- भाग 1: समीर अपनी बेटी को क्या बनाना चाहता था? समीर की मृत्यु के बाद मीरा के जीवन का एकमात्र मकसद था समीरा को सुखद भविष्य देना. लेकिन मीरा नहीं जानती थी कि समीरा भी अपनी मां की खुशियों को नए पंख देना चाहती थी. संध्या समीर और मैं ने, परिवारों के विरोध के बावजूद प्रेमविवाह किया था. एकदूसरे को पा कर हम बेहद खुश थे. समीर बैंक मैनेजर थे. बेहद हंसमुख एवं मिलनसार स्वभाव के थे. मेरे हर काम में दिलचस्पी तो लेते ही थे, हर संभव मदद भी करते थे, यहां तक कि मेरे कालेज संबंधी कामों में भी पूरी मदद करते थे. कई बार तो उन के उपयोगी टिप्स से मेरे लेक्चर में नई जान आ जाती थी. शादी के 4 वर्षों बाद मैं ने प्यारी सी बिटिया को जन्म दिया. उस के नामकरण के लिए मैं ने समीरा नाम सुझाया. समीर और मीरा की समीरा. समीर प्रफुल्लित होते हुए बोले, ‘‘यार, तुम ने तो बहुत बढि़या नामकरण कर दिया. जैसे यह हम दोनों का रूप है उसी तरह इस के नाम में हम दोनों का नाम भी समाहित है.’’ समीरा को प्यार से हम सोमू पुकारते, उस के जन्म के बाद मैं ने दोनों परिवारों मे